7 साल बाद फिर जुड़ा भारत-ईरान तेल कनेक्शन: 6 लाख बैरल क्रूड लेकर गुजरात पहुंच रहा टैंकर

7 साल बाद फिर जुड़ा भारत-ईरान तेल कनेक्शन: 6 लाख बैरल क्रूड लेकर गुजरात पहुंच रहा टैंकर

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और सप्लाई संकट के बीच भारत और ईरान के बीच तेल कारोबार दोबारा शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं। लंबे अंतराल के बाद ईरानी कच्चे तेल की खेप भारत पहुंचने वाली है, जिसे ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, ईरान के खर्ग द्वीप से भरा गया करीब 6 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर एक टैंकर गुजरात के वाडिनार पोर्ट की ओर बढ़ रहा है। जहाज 4 अप्रैल तक भारतीय तट पर पहुंच सकता है। यह डिलीवरी 2019 के बाद पहली बार हो रही है, जब भारत ने अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते ईरान से तेल आयात बंद कर दिया था। दरअसल, हालिया युद्ध परिस्थितियों के बाद अमेरिका ने सीमित अवधि के लिए ईरानी तेल पर कुछ राहत दी है। इसी छूट के चलते समुद्र में मौजूद तेल कार्गो को डिलीवरी की अनुमति मिली, जिसका फायदा अब भारत को भी मिल रहा है।

इस बीच, भारतीय रिफाइनरियों को घटते स्टॉक और रूस से अनियमित आपूर्ति की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में ईरान से आने वाला यह शिपमेंट सप्लाई चेन को स्थिर करने में मददगार साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ एक डिलीवरी नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच ऊर्जा संबंधों के फिर से पटरी पर लौटने का संकेत है। पहले ईरान भारत के प्रमुख तेल सप्लायरों में शामिल था, लेकिन 2019 में अमेरिकी दबाव के चलते आयात पूरी तरह रोक दिया गया था।

पिछले कुछ वर्षों में ईरान का ज्यादातर तेल निर्यात चीन तक सीमित रहा, लेकिन अब वैश्विक परिस्थितियों में बदलाव के चलते भारत जैसे बड़े खरीदारों के लिए नए मौके बनते दिख रहे हैं। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के कारण वैकल्पिक सप्लाई स्रोतों की तलाश तेज हो गई है।