मथुरा के बांके बिहारी मंदिर का खजाना 54 साल बाद खोला गया। 160 साल पुराने इस खजाने को लेकर बहुत उम्मीद थी। पहले दरवाजे को जब काटा गया, तो एक लोहे, एक लकड़ी का बॉक्स और 3 कलश मिले। जब बॉक्स खोले गए, तो उसके अंदर ज्वेलरी बॉक्स मिले। लोगों में खुशी हुई। लेकिन, जब ज्वेलरी बॉक्स खोले गए, तो वो खाली थे। VIDEO में देखिए बांके बिहारी के खजाने की पूरी रिपोर्ट… मथुरा के बांके बिहारी मंदिर का खजाना 54 साल बाद खोला गया। 160 साल पुराने इस खजाने को लेकर बहुत उम्मीद थी। पहले दरवाजे को जब काटा गया, तो एक लोहे, एक लकड़ी का बॉक्स और 3 कलश मिले। जब बॉक्स खोले गए, तो उसके अंदर ज्वेलरी बॉक्स मिले। लोगों में खुशी हुई। लेकिन, जब ज्वेलरी बॉक्स खोले गए, तो वो खाली थे। VIDEO में देखिए बांके बिहारी के खजाने की पूरी रिपोर्ट… उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर
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भिवानी का जवान उत्तराखंड में शहीद:गश्त के दौरान पांव फिसला, खाई में गिरने से सिर में लगी चोट, 3 भाईयों में सबसे छोटे
भिवानी का जवान उत्तराखंड में शहीद:गश्त के दौरान पांव फिसला, खाई में गिरने से सिर में लगी चोट, 3 भाईयों में सबसे छोटे भिवानी के गांव खरकड़ी माखवान निवासी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) का जवान अनिल कुमार उत्तराखंड में शहीद हो गया। परिवार के अनुसार, उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में ड्यूटी के दौरान रात को अनिल कुमार का पांव फिसल गया। जिसके कारण वे खाई (नाले) में गिर गए और शहीद हो गए। गांव खरकड़ी माखवान निवासी अनिल ने बताया कि उसका चचेरा भाई करीब 33 वर्षीय अनिल कुमार की सशस्त्र सीमा बल की 55वीं वाहिनी में तैनात थे। जिनकी ड्यूटी उत्तराखंड के पिथौरगढ़ में आई हुई थी। उन्हें सूचना मिली कि रात को अनिल कुमार गश्त पर थे। इसी दौरान अनिल कुमार का पांव फिसल गया और वे खाई (नाले) में गिर गए। इस दौरान अनिल कुमार के सिर में चोट लग गई। जिसके कारण वे शहीद हो गए। इसका पता लगते ही पूरे गांव में मातम छा गया। इसका पता परिवार को लगने के बाद अनिल कुमार के बड़े भाई सुनील कुमार उत्तराखंड पहुंच गए। जो अनिल कुमार के पार्थिव शरीर के साथ आएंगे। तीन भाईयों में सबसे छोटे वहीं अनिल कुमार तीन भाईयों में सबसे छोटे थे। वहीं अनिल कुमार के पिता कृष्ण कुमार एक किसान थे और उनकी मौत भी करीब 4-5 साल पहले हो चुकी है। कल पहुंचेगा पार्थिव शरीर
वहीं गांव खरकड़ी माखवान के सरपंच राजेश कुमार ने बताया कि रविवार को गांव में सूचना मिली थी कि अनिल कुमार ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। इसके बाद पूरे गांव में गमगीन माहौल है। जिनका पार्थिव शरीर सोमवार को भिवानी पहुंचेगा। जिसके बाद गांव में पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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