CM योगी ने दिवाली की सुबह यानी 20 अक्टूबर को राम मंदिर पहुंचे और रामलला के दर्शन किए। दर्शन के बाद मलिन बस्ती में वाल्मीकि समाज के लोगों से मुलाकात की। एक बच्चे से मुलाकात के दौरान पूछा कैसी हो तो उसने कहा- जयश्री राम। इसके बाद परिवार के लोगों को फलों की टोकरी दी। जबकि छोटे बच्चों को दुलारा और उन्हें चॉकलेट दिया। CM योगी ने कहा-दिवाली के अवसर पर मैं यहां के सभी बहनों और भाइयों को दिवाली की शुभकामनाएं देने और राज्य सरकार की ओर से उन्हें मिठाई बांटने आया हूं। मैं यह देखकर बहुत प्रभावित हूं कि आपका मोहल्ला इतना साफ़ है। उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री ने प्रत्येक भारतीय से स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्ध होने का आग्रह किया है। मैंने अभी हनुमान गढ़ी और राम जन्मभूमि मंदिर का दौरा किया है। दिवाली के अवसर पर, आप आज शाम पटाखे फोड़ेंगे, लेकिन सावधानी और सतर्कता के साथ। आपको अपना ध्यान रखना है और यह भी सुनिश्चित करना है कि किसी को चोट न लगे। उन्होंने कहा- हर घर में एक दीया अवश्य जलना चाहिए क्योंकि वह दीया अयोध्या का भी प्रतीक बनेगा। इससे पहले सीएम योगी ने हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन पूजन किए। इसके बाद प्राचीन गजेंद्र मंदिर पहुंचे। 3 तस्वीरें देखिए… CM योगी और दिवाली से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए CM योगी ने दिवाली की सुबह यानी 20 अक्टूबर को राम मंदिर पहुंचे और रामलला के दर्शन किए। दर्शन के बाद मलिन बस्ती में वाल्मीकि समाज के लोगों से मुलाकात की। एक बच्चे से मुलाकात के दौरान पूछा कैसी हो तो उसने कहा- जयश्री राम। इसके बाद परिवार के लोगों को फलों की टोकरी दी। जबकि छोटे बच्चों को दुलारा और उन्हें चॉकलेट दिया। CM योगी ने कहा-दिवाली के अवसर पर मैं यहां के सभी बहनों और भाइयों को दिवाली की शुभकामनाएं देने और राज्य सरकार की ओर से उन्हें मिठाई बांटने आया हूं। मैं यह देखकर बहुत प्रभावित हूं कि आपका मोहल्ला इतना साफ़ है। उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री ने प्रत्येक भारतीय से स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्ध होने का आग्रह किया है। मैंने अभी हनुमान गढ़ी और राम जन्मभूमि मंदिर का दौरा किया है। दिवाली के अवसर पर, आप आज शाम पटाखे फोड़ेंगे, लेकिन सावधानी और सतर्कता के साथ। आपको अपना ध्यान रखना है और यह भी सुनिश्चित करना है कि किसी को चोट न लगे। उन्होंने कहा- हर घर में एक दीया अवश्य जलना चाहिए क्योंकि वह दीया अयोध्या का भी प्रतीक बनेगा। इससे पहले सीएम योगी ने हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन पूजन किए। इसके बाद प्राचीन गजेंद्र मंदिर पहुंचे। 3 तस्वीरें देखिए… CM योगी और दिवाली से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर
Related Posts
यूपी में अयोध्या दीपोत्सव, उत्तराखंड में विकास दीपोत्सव:धामी का दावा- 4 साल में पहुंचे 24 करोड़ श्रद्धालु, मंदिरों का हो रहा विकास
यूपी में अयोध्या दीपोत्सव, उत्तराखंड में विकास दीपोत्सव:धामी का दावा- 4 साल में पहुंचे 24 करोड़ श्रद्धालु, मंदिरों का हो रहा विकास उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में इस बार दीपोत्सव तो मनाया जाएगा लेकिन दोनों का अंदाज अलग होगा। एक ओर उत्तरप्रदेश सरकार इस बार दीपोत्सव में ग्रीन आतिशबाज़ी’ से अयोध्या को जगमगाने की तैयारी में है तो वहीं उत्तराखंड सरकार ने इस बार “विकास दीपोत्सव” मनाने की परंपरा शुरू की है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने एक ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है, ट्वीट में उन्होंने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा- उत्तराखंड मना रहा है विकास का दीपोत्सव, हमारी सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों पर किए गए समग्र विकास कार्यों के परिणामस्वरूप लगभग प्रत्येक तीर्थस्थल पर श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या पहुंच रही है। दोनों राज्यों के कार्यक्रमों में मुख्य अंतर यह है कि यूपी में यह दीपोत्सव भव्यता और पर्यावरण के संतुलन का संदेश दे रहा है, जबकि उत्तराखंड में विकास दीपोत्सव के माध्यम से पर्यटन, सुरक्षा और तीर्थाटन के स्तर को बढ़ाया जा रहा है। पहले सरयू तट पर होने वाले दीपोत्सव के बारे में जानिए… अयोध्या दीपोत्सव 2025 इस बार न केवल आस्था और भव्यता का प्रतीक बनेगा, बल्कि पर्यावरण-संवेदनशील नवाचार का भी संदेश देगा। 19 अक्टूबर को सरयू तट पर जब असंख्य दिये जलेंगे और आकाश में ग्रीन आतिशबाज़ी का दिव्य दृश्य खिलेगा, तो धुआँ और प्रदूषण की जगह केवल स्वच्छ प्रकाश फैलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आयोजन के लिए विशेष रूप से ग्रीन पटाखों और इको-आतिशबाज़ी तकनीक अपनाने के निर्देश दे दिए हैं। इसमें पारंपरिक रासायनिक तत्वों की जगह कम-कार्बन और कम-धुआं उत्सर्जित करने वाले यौगिकों का प्रयोग किया जाएगा। परिणामस्वरूप, यह दीपोत्सव न केवल आस्था का प्रतीक होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का भी संदेश देगा। सरयू के ऊपर खिलेगा “ग्रीन सूर्य”, जो न तो धुआं उत्पन्न करेगा और न ही शोर करेगा। लाखों मिट्टी और गोबर मिश्रित बायोडिग्रेडेबल दीये जलेंगे, जिससे स्थानीय कुम्हार और ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी। उत्तराखंड में सरकार क्यों मना रही विकास दीपोत्सव, हर धाम के विकास से समझिए… केदारनाथ केदारनाथ में करीब 500 करोड़ रुपए की लागत से विकास कार्य चल रहे हैं। पहले चरण में 125 करोड़, दूसरे में 200 करोड़ और तीसरे चरण में 175 करोड़ का काम शामिल है। तीसरे चरण का निर्माण वर्तमान में प्रगति पर है। सोनप्रयाग और केदारनाथ के बीच भारत का पहला ट्राई-केबल रोपवे बनने की योजना है। यह 12.9 किलोमीटर लंबा होगा और श्रद्धालु केवल 36 मिनट में सफर पूरा कर सकेंगे। यह रोपवे सुरक्षा और आधुनिक तकनीक के मामले में दुनिया में सबसे आगे होगा। बद्रीनाथ बद्रीनाथ में मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य चल रहे हैं, जिनकी अनुमानित लागत लगभग 600 करोड़ रुपए है। 2025-26 के बजट में मंदिर समिति को 127 करोड़ रुपए आवंटित थे, जिनमें से 64 करोड़ रुपए का उपयोग बद्रीनाथ मंदिर के विकास में किया गया। सरकार चरणबद्ध तरीके से निर्माण कर रही है और बढ़ती तीर्थाटन संख्या को देखते हुए यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। यमुनोत्री यमुनोत्री धाम तक पैदल यात्रा मार्ग को वैष्णो देवी मार्ग की तरह सुरक्षित और आधुनिक बनाने की योजना है। 170 करोड़ की लागत से एक रूप परियोजना शुरू हुई है, जिसकी लंबाई लगभग 3.9 किलोमीटर है। इस परियोजना से यात्रियों के लिए पैदल मार्ग अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और तीर्थाटन के अनुकूल होगा। गंगोत्री गंगोत्री धाम में सड़क मरम्मत, बिजली आपूर्ति और तीर्थाटन सुविधाओं का विकास किया गया है। यह सुनिश्चित किया गया है कि तीर्थ यात्री आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव प्राप्त कर सकें।सरकार ने गंगोत्री में बुनियादी ढांचे का नया रूप देते हुए, तीर्थाटन की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दी है। धामों के विकास से लोगों को मिल रहा रोजगार उत्तराखंड में पिछले चार वर्षों में सरकार के प्रचार और निवेश के कारण लगभग 25 करोड़ श्रद्धालु प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर पहुंचे हैं।बढ़ती तीर्थाटन संख्या ने स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर सृजित किए हैं। पंच केदार के प्रचार प्रसार के प्रयासों से तीर्थ यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। राज्य अलग लेकिन मुखियाओं की जन्मभूमि एक पुष्कर सिंह धामी कुमाउं मंडल में आने वाले पिथौरागढ़ जिले के टुंडी गांव से हैं। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से मानव संसाधन प्रबंधन और एलएलबी की पढ़ाई की और 2021 में प्रदेश के सीएम बन गए। तो वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जन्मभूमि भी उत्तराखंड ही है, वह गढ़वाल मंडल के पौड़ी गढ़वाल जिले के पंचुर गांव में जन्में हैं। उनकी पढ़ाई भी उत्तराखंड में ही हुई है, हालांकि संन्यास लेने के बाद वह गोरखनाथ मठ के महंत बन गए और अब दूसरी बार उत्तरप्रदेश के सीएम हैं।

APP ने गैर-कानूनी नए सेस को लेकर कांग्रेस की आलोचना की, पंजाब पर बोझ डालने और उसे लूटने की किसी भी कोशिश के खिलाफ लड़ने का लिया प्रण
BBMB पर ₹500 करोड़ का गैर-कानूनी बोझ: कांग्रेस पर पंजाब विरोधी साजिश का आरोप कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल की…
दीपावली से ठीक पहले अलीगढ़ में नगर आयुक्त का सख्त एक्शन, स्ट्रीट लाइट कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट रद्द
दीपावली से ठीक पहले अलीगढ़ में नगर आयुक्त का सख्त एक्शन, स्ट्रीट लाइट कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट रद्द <p style=”text-align: justify;”>उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में दीपावली के पर्व के मौके पर स्ट्रीट लाइटों का बुझाना कम्पनी को महंगा पड़ गया ,नाराज नगर आयुक्त के द्वारा कंपनी की ही बत्ती गुल करते हुए उसका अनुबंध निरस्त कर दिया है, जिससे अन्य विभागों में भी हड़कम्प मच गया है. नगर आयुक्त के द्वारा की गई इस कार्रवाई से अन्य ठेकेदार भी अपने-अपने कामों को अंजाम देने के लिए जुटे हुए नजर आरहे है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>दरअसल पूरा मामला अलीगढ़ नगर निगम क्षेत्र का है, जहां दीपावली से पहले एक्शन मोड़ में काम कर रहे नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने अभी दो दिन पहले शहर के स्वच्छता से खिलवाड़ करने पर ए-टू-ज़ेड वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का अनुबंध निरस्त कर दिया था. 24 घण्टे के अंतराल में नगर आयुक्त ने अब स्ट्रीट लाइट व्यवस्था में लगातार लापरवाही बरतने पर ईईएसएल कंपनी के भी अनुबंध को निरस्त कर दिया. नगर आयुक्त ने दो दिन में दो बड़े एक्शन से साफ संदेश दिया है कि नगर निगम की जनसुविधाओं से खिलवाड़ करना अब सम्भव नही है जो भी स्वच्छता स्ट्रीट लाइट व विकास कार्यो में लापरवाही बरतेगा उसको हर हाल में कार्रवाई भी अपने विरुद्ध झेलनी होगी.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>लापरवाही पर लिया बड़ा एक्शन </strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”>नगर आयुक्त ने दीपावली से ठीक एक दिन पहले बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर निगम अलीगढ़ द्वारा ईईएसएल के साथ एलईडी स्ट्रीट लाइटों के संचालन रखरखाव एवं मरम्मत संबंधी अनुबंधों को निर्धारित शर्तों के उल्लंघन और कार्यों में निरंतर लापरवाही पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है. नगर आयुक्त ने यह कदम नगर निगम के विधिक नियम कानून एवं अनुबंध की शर्तों के अनुसार लिया है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>आपको बताते चले कि नगर निगम अलीगढ़ एवं ईईएसएल के बीच दिनांक 24 फरवरी 2015 से प्रथम चरण में 13297 नग एवं द्वितीय चरण में 19075 नग एलईडी स्ट्रीट लाइटों के स्थापना, संचालन एवं रखरखाव हेतु अनुबंध हुआ था. अनुबंध के अंतर्गत कंपनी को कुल 52,954 नग लाइटों का संचालन करना था जिनमें से 38757 लाइटें नगर निगम द्वारा प्रकाश व्यवस्था हेतु प्रयोग में लाई जा रही थीं. अनुबंध की शर्तों के अनुसार सभी लाइटों का 95 प्रतिशत समय तक सुचारू रूप से प्रकाशवान करना अनिवार्य था. लेकिन नगर निगम द्वारा समय-समय पर नोटिस जारी किए जाने के बावजूद ईईएसएल कंपनी द्वारा लाइटों के रखरखाव, मरम्मत एवं संचालन में गंभीर लापरवाही बरती गई. कंपनी की मोनिटरिंग (Monitoring) टीम कम संख्या में कार्य कर रही थी जिससे बड़ी संख्या में स्ट्रीट लाइटें लंबे समय तक खराब रहीं बार-बार चेतावनी एवं सुधार के अवसर देने के बावजूद कंपनी द्वारा कोई सुधार नहीं किया गया.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>क्या कहते हैं नगर आयुक्त ?</strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”>नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम द्वारा 20 से अधिक नोटिस के जरिये ईईएसएल को कहा गया कि अनुबंधानुसार लाइटों की नियमित देखभाल, ख़राब लाइटों की तत्काल मरम्मत तथा मानक गुणवत्ता सुनिश्चित करें. परंतु कंपनी द्वारा नगर निगम के किसी भी दिशा-निर्देश का पालन नहीं किया गया. जिसके परिणामस्वरूप नगर निगम को अनुबंध समाप्त करने का निर्णय लेना पड़ा.</p>
<p style=”text-align: justify;”>नगर आयुक्त ने एक महत्वपूर्ण बात बताई कि अनुबंध की धारा 16.4 (Termination by the Aligarh Nagar Nigam) के अंतर्गत यह प्रावधान है कि यदि अनुबंधित कंपनी निर्धारित समयसीमा में अपनी कमियों को दूर नहीं करती तो नगर निगम को अनुबंध समाप्त करने का अधिकार प्राप्त है. इसी के तहत दिनांक 30.06.2025 को टर्मिनेशन नोटिस जारी किया गया था जिसके पश्चात 30 दिन की अवधि (Termination Period) दी गई. किंतु उस अवधि में भी कंपनी द्वारा किसी प्रकार का सुधार का कदम नहीं उठाया गया.</p>
<p style=”text-align: justify;”>नगर आयुक्त ने बताया कि अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन लाइटों की स्थिति में निरंतर गिरावट जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही, उदासीनता तथा मेंटिनेंस टीम की अनुपलब्धता के कारण अनुबंध निरस्त किया गया है इनके भुगतान आदि में भी अनिमितताओं की जांच कराई जाएगी.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>मेयर ने नगर आयुक्त के फैसले को सराहा </strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”>महापौर प्रशांत सिंघल ने कहा नगर निगम का प्रथम दायित्व नागरिकों को सुचारू और सुरक्षित प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध कराना है. ईईएसएल द्वारा निर्धारित मानकों का अनुपालन न करने से नागरिकों को असुविधा हो रही थी जिस पर नगर आयुक्त ने सराहनीय कठोर एक्शन लिया है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>जनहित में शहर हित में यह निर्णय आदर्श निर्णय बनेगा नगर आयुक्त ने कहा शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा न उत्पन्न हो इसके लिए निगम के विद्युत विभाग को वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शहर के मुख्य मार्गों, चौराहों एवं कॉलोनियों में नियमित रूप से स्ट्रीट लाइटों की कार्यशीलता बनी रहे.</p>
