मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता की. बैठक के दौरान गुरुग्राम से जुड़ी कुल 17 जनसमस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गईं, जिनमें से 12 समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर दिया गया. शेष मामलों पर संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.
\\\\\\\’गुरुग्राम पर सरकार का विशेष ध्यान\\\\\\\’: मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि \\\\\\\”आम जनता की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. प्रशासन की जिम्मेदारी है कि लोगों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और उनकी शिकायतों का निस्तारण पारदर्शी तरीके से हो.\\\\\\\” उन्होंने कहा कि \\\\\\\” गुरुग्राम की समस्या के समाधान पर फोकस है. खासकर गुरुग्राम पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.\\\\\\\”
\\\\\\\’आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो\\\\\\\’: बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने तहसीलदारों की हड़ताल के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि \\\\\\\”आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है. यदि किसी व्यक्ति को यह लगता है कि उसके साथ न्याय नहीं हुआ है, तो वह एसीएस को लिखित एप्लीकेशन दे सकते हैं. हर समस्या का समाधान होता है, उसका भी समाधान होगा. इसके बाद भी लग रहा है कि अधिकारी स्तर पर कमी रह रही है तो समाधान के लिए मैं हूं.\\\\\\\”
\\\\\\\’रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस\\\\\\\’: मुख्यमंत्री ने बताया कि \\\\\\\”रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरी तरह पेपरलेस कर दिया गया है, जिससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और नागरिकों को बड़ी सुविधा मिलेगी.\\\\\\\” उन्होंने कहा कि \\\\\\\”लोगों को सुविधाएं देना सरकार का प्रथम दायित्व है.\\\\\\\”



