पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने देश विरोधी नारे लिखने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में घिरे आरोपी शख्स को राहत देने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसी को हिरासत में पूछताछ का पूरा अधिकार है। न्यायमूर्ति सूर्य प्रताप सिंह इस मामले की सुनवाई कर रहे थे। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि किसी आरोपी से हिरासत में पूछताछ करना जांच एजेंसी का महत्वपूर्ण अधिकार है। जब तक कोई असाधारण परिस्थिति न हो, इस अधिकार से एजेंसी को वंचित नहीं किया जा सकता।
जानें क्या मामला
बता दें कि यह मामला बटाला स्थित आरआर थापर कॉलेज के पास दीवारों पर देश विरोधी और भड़काऊ नारे लिखे जाने से जुड़ा है। एफआईआर के अनुसार, कॉलेज की दीवारों पर खालिस्तान एसएफजे जिंदाबाद, पंजाब भारत का हिस्सा नहीं है और “हिंदू उग्रवाद फैलाने वाले पंजाब छोड़ दें जैसे नारे लिखे गए थे। साथ ही देश के गृह मंत्री, पंजाब के मुख्यमंत्री और राज्य के पुलिस महानिदेशक के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की गई थीं। राज्य की ओर से पेश वकील ने हाईकोर्ट को बताया कि आरोप गंभीर हैं और आरोपी कथित रूप से राज्य विरोधी गतिविधियों से जुड़ी एक संगठन से संबद्ध है।


