एक इतालवी आविष्कार जिसने कॉफी का स्वाद बदल दिया
आज कैफे संस्कृति की पहचान बन चुकी एस्प्रेसो कॉफी कभी सिर्फ एक प्रयोग थी। 19वीं सदी के अंत में Italy में तेजी से बदलती जीवनशैली ने ऐसी मशीन की जरूरत पैदा की, जो कम समय में बेहतरीन कॉफी तैयार कर सके।
1884 में ट्यूरिन के आविष्कारक Angelo Moriondo ने पहली एस्प्रेसो मशीन का पेटेंट कराया। उनका मकसद था—कॉफी बनाने की लंबी प्रक्रिया को छोटा करना और लोगों को तुरंत ताज़ा पेय उपलब्ध कराना।
हालांकि उस समय यह मशीन बड़े पैमाने पर नहीं बनी, लेकिन इसने कॉफी तकनीक की दिशा बदल दी। बाद में इसी सिद्धांत पर विकसित मशीनों ने पूरी दुनिया में एस्प्रेसो को लोकप्रिय बना दिया।
तकनीक जो बनाती कॉफी को खास
एस्प्रेसो मशीन का मूल मंत्र है—उच्च दबाव। इसमें गर्म पानी को बारीक पिसी कॉफी के बीच से तेज़ प्रेशर के साथ गुजारा जाता है। इस प्रक्रिया से कॉफी का गाढ़ा स्वाद, तीखी खुशबू और सघन बनावट निकलती है।
यही वजह है कि एस्प्रेसो आज भी कॉफी प्रेमियों के लिए सिर्फ पेय नहीं, बल्कि एक अनुभव बन चुकी है।




