ईरान में सत्ता के शीर्ष पद पर बड़ा बदलाव हुआ है। देश के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया है। ईरानी सरकारी टीवी ने सोमवार तड़के उनके नाम का आधिकारिक ऐलान किया।
दरअसल, 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के हमले में अली खामेनेई की मौत हो गई थी। उनके निधन के बाद से ही यह चर्चा तेज थी कि अगला सुप्रीम लीडर कौन बनेगा। लंबे समय से मुजतबा खामेनेई को इस पद के संभावित दावेदारों में गिना जा रहा था। हालांकि मुजतबा ने अब तक कोई चुनावी या औपचारिक सरकारी पद नहीं संभाला है, लेकिन धार्मिक और राजनीतिक हलकों में उनका प्रभाव माना जाता रहा है।
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पहले बयान देते हुए कहा था कि ईरान को उनके बिना नया सुप्रीम लीडर नहीं चुनना चाहिए। वहीं इजराइल की तरफ से यह भी चेतावनी दी गई थी कि खामेनेई के उत्तराधिकारी को भी निशाना बनाया जा सकता है। अली खामेनेई लगभग 35 साल तक ईरान की सर्वोच्च सत्ता पर काबिज रहे। 1989 में इस्लामिक क्रांति के नेता रुहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद उन्हें देश का सुप्रीम लीडर बनाया गया था।
1979 की इस्लामिक क्रांति में खामेनेई ने अहम भूमिका निभाई थी, जिसके बाद ईरान में शाह मोहम्मद रजा पहलवी का शासन समाप्त हुआ। क्रांति के बाद खामेनेई 1981 में ईरान के राष्ट्रपति बने और आठ साल तक इस पद पर रहे। ईरान के इस्लामिक कानून के अनुसार सुप्रीम लीडर बनने के लिए किसी व्यक्ति का अयातुल्ला होना जरूरी होता है। अयातुल्ला इस्लाम में एक उच्च धार्मिक पदवी मानी जाती है, इसलिए यह पद आमतौर पर किसी बड़े धर्मगुरु को ही दिया जाता है।




