अमेरिका में बनेगी नई मेगा रिफाइनरी, भारत की रिलायंस का बड़ा निवेश – ट्रंप ने जताया आभार

अमेरिका में बनेगी नई मेगा रिफाइनरी, भारत की रिलायंस का बड़ा निवेश – ट्रंप ने जताया आभार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टेक्सास में बनने वाली एक विशाल तेल रिफाइनरी को लेकर बड़ा ऐलान किया है। इस प्रोजेक्ट में भारत की दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की भागीदारी का जिक्र करते हुए ट्रंप ने भारत और रिलायंस का धन्यवाद किया है। बताया जा रहा है कि इस पूरे प्रोजेक्ट का आकार करीब 300 अरब डॉलर यानी लगभग 25 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है।

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि टेक्सास के ब्राउन्सविले पोर्ट पर बनने वाली यह रिफाइनरी अमेरिका में पिछले कई दशकों के बाद बनने वाली पहली नई रिफाइनरी होगी। उन्होंने इसे अमेरिकी ऊर्जा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।

राष्ट्रपति ट्रंप के मुताबिक यह रिफाइनरी तकनीक के लिहाज से बेहद आधुनिक होगी और इसे दुनिया की सबसे स्वच्छ तेल रिफाइनरियों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। यह प्लांट अमेरिका की घरेलू मांग को पूरा करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात को भी बढ़ावा देगा। ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि उनकी सरकार की टैक्स में राहत और परमिट प्रक्रिया को आसान बनाने वाली नीतियों के कारण ही इतने बड़े निवेश अमेरिका में आ रहे हैं। उन्होंने भारत के सहयोग और रिलायंस जैसी बड़ी निजी ऊर्जा कंपनी की भागीदारी को इस प्रोजेक्ट की बड़ी ताकत बताया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस रिफाइनरी प्रोजेक्ट से साउथ टेक्सास क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। हजारों लोगों को सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से काम मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। यह घोषणा ऐसे समय सामने आई है जब मिडल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते टकराव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट के कारण दुनिया की करीब 20% तेल सप्लाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे हालात में अमेरिका घरेलू उत्पादन और रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने की दिशा में तेजी से कदम उठा रहा है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, डलास की स्टार्टअप कंपनी एलिमेंट फ्यूल्स होल्डिंग पहले से ही ब्राउन्सविले में रिफाइनरी प्रोजेक्ट पर काम करने की योजना बना रही थी। माना जा रहा है कि ट्रंप की घोषणा उसी परियोजना से जुड़ी हो सकती है, जिसमें अब भारत के साथ साझेदारी की बात सामने आ रही है।