डिमोना पर हमले के बाद बढ़ी हलचल: जानिए क्यों इजराइल का यह शहर कहलाता है ‘मिनी इंडिया’

डिमोना पर हमले के बाद बढ़ी हलचल: जानिए क्यों इजराइल का यह शहर कहलाता है ‘मिनी इंडिया’

इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच डिमोना शहर एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। हाल ही में ईरान ने इस अहम शहर को निशाना बनाने की कोशिश की, जहां इजराइल का महत्वपूर्ण परमाणु अनुसंधान केंद्र स्थित है। हालांकि हमले में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई और केंद्र भी सुरक्षित बताया गया, लेकिन कुछ इमारतों को नुकसान पहुंचा है। इसके जवाब में इजराइल ने भी कड़ा रुख अपनाया है, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया है।

नेगेव रेगिस्तान में बसे डिमोना को सिर्फ रणनीतिक महत्व के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति से उसके गहरे जुड़ाव के कारण भी जाना जाता है। यही वजह है कि इसे ‘मिनी इंडिया’ कहा जाता है।

डिमोना की खासियतें, जो इसे बनाती हैं मिनी इंडिया:

भारतीय जड़ों से जुड़ा शहर
डिमोना की आबादी करीब 25 हजार है, जिसमें बड़ी संख्या भारतीय मूल के यहूदियों की है। 1950-60 के दशक में महाराष्ट्र, केरल और गुजरात जैसे राज्यों से आए परिवार यहां बस गए थे। आज भी उनकी अगली पीढ़ियां भारतीय परंपराओं को संजोए हुए हैं।

खाने में बसता है भारत
यहां के घरों और बाजारों में भारतीय स्वाद साफ झलकता है। दाल-चावल, रोटी, पोहा और वड़ा पाव जैसे व्यंजन आज भी बड़े चाव से बनाए जाते हैं। भारतीय मसालों और अचार की दुकानों की खुशबू माहौल को देसी बना देती है।

क्रिकेट का अलग ही क्रेज
जहां इजराइल में फुटबॉल और बास्केटबॉल ज्यादा लोकप्रिय हैं, वहीं डिमोना में क्रिकेट का जुनून देखने को मिलता है। यहां स्थानीय स्तर पर टीमें बनती हैं और मैच खेले जाते हैं, जो भारतीय संस्कृति का असर दिखाते हैं।

बॉलीवुड का असर
डिमोना के लोगों के दिलों में हिंदी सिनेमा का खास स्थान है। पुराने दौर से लेकर आज तक की फिल्मों का यहां खूब क्रेज है। शादी-ब्याह और त्योहारों में बॉलीवुड गानों पर नाचना आम बात है।

भाषाओं में भी भारत की झलक
यहां के बुजुर्ग आज भी मराठी और अन्य भारतीय भाषाओं में बातचीत करते हैं। नई पीढ़ी भले ही हिब्रू बोलती हो, लेकिन अपनी जड़ों से जुड़ी भाषाओं का सम्मान बनाए रखती है।

संस्कृति और परंपराओं का संगम
डिमोना में भारतीय यहूदी समुदाय अपनी धार्मिक परंपराओं में भारतीय रंग घोलता है। शादियों में मेहंदी जैसी रस्में निभाई जाती हैं और त्योहार भी भारतीय अंदाज में मनाए जाते हैं।

भारत के प्रति भावनात्मक लगाव
यहां के लोग इजराइल के नागरिक जरूर हैं, लेकिन उनका भावनात्मक रिश्ता भारत से गहरा है। भारत से जुड़ी हर बड़ी खबर पर वे उत्साह या संवेदना जाहिर करते हैं और खुद को दोनों देशों से जुड़ा मानते हैं।

विकास में भारतीयों की भूमिका
रेगिस्तानी इलाके में बसे डिमोना को बसाने और विकसित करने में भारतीय मूल के लोगों का बड़ा योगदान रहा है। आज यह शहर उद्योग, खनन और मैन्युफैक्चरिंग का अहम केंद्र बन चुका है।

डिमोना न सिर्फ इजराइल के लिए रणनीतिक रूप से अहम है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और प्रवासी विरासत का भी अनोखा उदाहरण है, जो हजारों किलोमीटर दूर होते हुए भी भारत की खुशबू को जिंदा रखे हुए है।