अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के एक अहम बयान के बाद बाजार का रुख पूरी तरह बदल गया और कीमतों में तेज गिरावट आ गई। दरअसल, ट्रंप ने घोषणा की कि अगले पांच दिनों तक ईरान के पावर प्लांट और ऊर्जा ढांचे पर किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस संकेत से मध्य पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ी, जिससे तेल की कीमतों पर दबाव बना।
घरेलू वायदा बाजार Multi Commodity Exchange (MCX) में कच्चे तेल का अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट पहले तो उछाल के साथ 9,620 रुपये प्रति बैरल तक पहुंच गया था, लेकिन बाद में तेज गिरावट के साथ 8,431 रुपये प्रति बैरल पर आ गया। यह लगभग 9 प्रतिशत की गिरावट थी और दिन के दौरान लोअर सर्किट भी लगा।
वैश्विक स्तर पर भी यही ट्रेंड देखने को मिला। West Texas Intermediate crude oil का मई कॉन्ट्रैक्ट 7 डॉलर से ज्यादा गिरकर करीब 90.99 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि Brent crude भी करीब 6.30 प्रतिशत टूटकर 99.71 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ने और हमले टालने के फैसले से भू-राजनीतिक जोखिम कम हुआ है। यही वजह है कि शुरुआती तेजी के बाद तेल बाजार में अचानक बिकवाली हावी हो गई।
अपने बयान में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हाल के दिनों में सकारात्मक बातचीत हुई है और इसी के चलते उन्होंने रक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि फिलहाल ईरान के ऊर्जा ढांचे पर कोई हमला न किया जाए। आने वाले दिनों में बातचीत के नतीजों के आधार पर आगे की रणनीति तय होगी।




