आजकल तेजी से वजन घटाने की चाह में लोग शॉर्टकट अपनाने लगे हैं, जिसमें वेट लॉस दवाओं का इस्तेमाल सबसे आगे है। बाजार में ऐसी कई दवाएं आसानी से मिल रही हैं, जिन्हें लोग बिना किसी मेडिकल सलाह के खरीदकर इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी बढ़ते ट्रेंड को देखते हुए भारतीय औषधि नियंत्रक (DCGI) ने इन दवाओं की बिक्री और प्रचार पर निगरानी कड़ी कर दी है।
दरअसल, जिन दवाओं का इस्तेमाल लोग वजन घटाने के लिए कर रहे हैं, वे असल में डायबिटीज के मरीजों के लिए बनाई गई होती हैं। खासकर GLP-1 श्रेणी की दवाएं, जो ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए दी जाती हैं, अब वजन घटाने के लिए गलत तरीके से उपयोग हो रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बिना डॉक्टर की सलाह के इन दवाओं का सेवन करना गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है। लोग केवल दिखने में बेहतर लगने या जल्दी वजन कम करने के लिए इनका उपयोग कर रहे हैं, लेकिन इसके दुष्परिणाम काफी खतरनाक हो सकते हैं।
इन दवाओं के संभावित साइड इफेक्ट्स:
- लगातार मतली और उल्टी की समस्या
- पेट फूलना और गैस बनना
- आंतों से जुड़ी जटिलताएं
- अग्न्याशय (पैनक्रियास) पर असर
- गॉलब्लैडर की बीमारियां
- थायरॉइड कैंसर का खतरा
अन्य नुकसान जो नजरअंदाज नहीं करने चाहिए:
- सिरदर्द और चक्कर आना
- बेचैनी और ज्यादा उत्तेजना
- हाई ब्लड प्रेशर
- नींद न आना
- दिल की धड़कन तेज या अनियमित होना
- शरीर में कंपन महसूस होना
इतना ही नहीं, इन दवाओं से वजन तो कम हो सकता है, लेकिन जैसे ही इन्हें बंद किया जाता है, वजन तेजी से वापस बढ़ने लगता है। साथ ही शरीर में मांसपेशियों और प्रोटीन की कमी भी हो सकती है, जो लंबे समय में नुकसानदायक है।
डॉक्टरों की सलाह:
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी तरह की वेट लॉस दवा का सेवन केवल डॉक्टर की देखरेख में ही करना चाहिए। बिना सही मार्गदर्शन के लिया गया फैसला आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है।




