ईरान के खिलाफ मोर्चे में शामिल हो सकता है UAE, अंतरराष्ट्रीय गठबंधन की कोशिश तेज

ईरान के खिलाफ मोर्चे में शामिल हो सकता है UAE, अंतरराष्ट्रीय गठबंधन की कोशिश तेज

मध्य-पूर्व में जारी टकराव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की भूमिका अब पहले से ज्यादा आक्रामक होती नजर आ रही है। ताजा संकेत बताते हैं कि UAE, ईरान के खिलाफ सैन्य कदम उठाने पर विचार कर रहा है, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर।

दरअसल, ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट बंद किए जाने से खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ा है। यही वजह है कि UAE इस अहम समुद्री रास्ते को फिर से चालू कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन जुटाने में लगा है। खबरों के अनुसार, अमीराती अधिकारियों ने अमेरिका, यूरोप और एशिया की ताकतवर सेनाओं से मिलकर एक संयुक्त सैन्य अभियान की अपील की है। सूत्रों की मानें तो UAE संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी एक प्रस्ताव लाने की कोशिश कर रहा है, जिससे इस तरह की कार्रवाई को कानूनी मंजूरी मिल सके। अगर ऐसा होता है, तो UAE ईरान के खिलाफ सीधे मोर्चे पर उतरने वाला पहला खाड़ी देश बन सकता है।

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख थोड़ा नरम दिख रहा है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि आने वाले कुछ हफ्तों में अमेरिका ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को सीमित कर सकता है। साथ ही उन्होंने सहयोगी देशों से यह भी कहा है कि या तो वे अमेरिका से तेल खरीदें या खुद होर्मुज को खोलने की जिम्मेदारी लें।

गौरतलब है कि ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष के बाद ईरान ने इस जलमार्ग को बंद कर दिया था। इसके जवाब में अमेरिका और इजरायल ने भी हमले तेज किए, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। UAE की नाराजगी के पीछे दो बड़ी वजहें सामने आई हैं। पहली, होर्मुज बंद होने से तेल-गैस निर्यात पर भारी असर पड़ा है। दूसरी, ईरान द्वारा UAE में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने से सुरक्षा खतरे बढ़ गए हैं।

हाल के दिनों में यह भी सामने आया है कि UAE लगातार अमेरिका पर दबाव बना रहा है कि वह ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाए और जरूरत पड़े तो जमीनी कार्रवाई भी करे। इन हालातों को देखते हुए क्षेत्र में बड़े सैन्य टकराव की आशंका और गहरा गई है।