अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी शेयर बाजारों में सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। अमेरिका में एसएंडपी फ्यूचर्स हल्की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है, जबकि जापान का टॉपिक्स इंडेक्स करीब 3.6% उछल गया। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 भी मजबूती में रहा और हॉन्ग कॉन्ग का हैंग सैंग लगभग 2% चढ़ा। चीन और यूरोप के बाजारों में भी तेजी का रुख बना हुआ है।
घरेलू बाजार की बात करें तो बुधवार सुबह कारोबार की शुरुआत धमाकेदार रही। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती घंटों में करीब 1,900 अंक तक चढ़ गया, वहीं एनएसई निफ्टी 50 भी 600 अंक से ज्यादा मजबूत हुआ। सुबह करीब 9:37 बजे सेंसेक्स 73,500 के पार और निफ्टी 22,800 के ऊपर कारोबार करता नजर आया।
इस तेजी के पीछे एक बड़ा कारण अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान माना जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया है कि ईरान से जुड़ा तनाव आने वाले दो-तीन हफ्तों में खत्म हो सकता है। इस बयान से वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ा और बाजारों में खरीदारी तेज हो गई। अगर सेक्टर की बात करें तो पीएसयू बैंक शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। बैंक ऑफ महाराष्ट्र और कैनरा बैंक जैसे शेयरों में अच्छी खरीदारी रही। इसके अलावा ऑटो और मीडिया सेक्टर में भी निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई।
सेंसेक्स की सभी 30 कंपनियों में हरे निशान के साथ कारोबार हुआ। टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी ट्रेंट के शेयरों में लगभग 6% की तेजी आई, जबकि डीमार्ट करीब 5% उछला। इसके अलावा बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, इन्फोसिस, एसबीआई, अडानी पोर्ट्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे बड़े शेयर भी मजबूती में रहे। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी जोरदार खरीदारी दिखी। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 2.8% और स्मॉलकैप इंडेक्स 3% से ज्यादा चढ़ा, जिससे बाजार की चौड़ाई मजबूत नजर आई।
गौरतलब है कि इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बाजार में भारी गिरावट आई थी। सोमवार को सेंसेक्स 1,600 अंक से ज्यादा गिरा था और निफ्टी भी करीब 500 अंक टूट गया था। ऐसे में आज की तेजी को रिकवरी के रूप में भी देखा जा रहा है।
इधर कच्चे तेल के दाम में भी तेजी दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड करीब 1.5% बढ़कर 105 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है। अमेरिका में तेल उत्पादन में गिरावट इसका मुख्य कारण बताया जा रहा है, जहां उत्पादन हाल के महीनों के निचले स्तर पर आ गया है। वैश्विक संकेतों और ट्रंप के बयान ने बाजार में नई ऊर्जा भर दी है, जिससे निवेशकों का भरोसा फिर से मजबूत होता दिख रहा है।




