मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच बहरीन में एक बड़े साइबर इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी कंपनी अमेजन वेब सर्विस (AWS) के डेटा सेंटर पर हमला हुआ, जिसके बाद वहां आग लग गई। घटना के बाद फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया।
दिलचस्प बात यह है कि शुरुआत में बहरीन के गृह मंत्रालय ने सिर्फ एक इमारत में आग लगने की पुष्टि की थी, लेकिन कंपनी का नाम उजागर नहीं किया गया था। बाद में अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आया कि यह हमला एक प्रमुख टेक कंपनी के डेटा सेंटर पर हुआ था।
इस घटना से एक दिन पहले ही ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने मिडिल ईस्ट में काम कर रही करीब 18 अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाने की चेतावनी दी थी। इन कंपनियों में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एपल और मेटा जैसे बड़े नाम शामिल हैं, जिससे क्षेत्र में काम कर रही टेक इंडस्ट्री की चिंताएं और बढ़ गई हैं।
वहीं, इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ किसी समझौते की जरूरत नहीं है और अमेरिका इस युद्ध को कुछ ही हफ्तों में समाप्त करने की क्षमता रखता है।
इधर, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) ने भी इस जारी संघर्ष को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह टकराव अब केवल कुछ देशों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे मध्य पूर्व की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है।
UNDP के अनुमान के अनुसार:
- क्षेत्र की GDP में 3.7% से 6% तक गिरावट आ सकती है
- कुल आर्थिक नुकसान ₹18 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है
- होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही में 70% से अधिक कमी आई है
- कच्चे तेल की कीमत करीब 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है
- 16 लाख से 36 लाख लोगों की नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो यह संकट वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर डाल सकता है।




