चंडीगढ़ में भाजपा के पंजाब कार्यालय के बाहर हुए धमाके ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में सामने आया है कि इस हमले का संभावित निशाना पार्टी के वरिष्ठ नेता अश्वनी शर्मा हो सकते थे।
घटना के समय अश्वनी शर्मा वहां मौजूद नहीं थे। जानकारी के मुताबिक, वह पिछले दो दिनों से कार्यालय में ही थे, लेकिन धमाके से कुछ समय पहले ही दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे। इस संयोग को जांच एजेंसियां गंभीरता से देख रही हैं।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने हमले की निंदा की और इसे चिंताजनक बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा जानकारी में इस बात का जिक्र किया कि घटना से ठीक पहले नेता का वहां से निकल जाना बड़ा पहलू है।
⚠️ पहले से था खतरे का इनपुट
सूत्रों के अनुसार, करीब दो सप्ताह पहले पठानकोट में पुलिस अधिकारियों द्वारा अश्वनी शर्मा को सुरक्षा के मद्देनजर सतर्क रहने और सुबह की दिनचर्या में बदलाव की सलाह दी गई थी। अब उस चेतावनी और इस धमाके के बीच संभावित कड़ी की भी जांच हो रही है।
🔍 जांच का दायरा बढ़ा
धमाके के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके में जांच तेज कर दी है। भारतीय जनता पार्टी के इस दफ्तर को निशाना बनाए जाने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और जल्द ही जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।




