चंडीगढ़ में हाउसिंग बोर्ड के घरों को तोड़फोड़ से बचाने के लिए एकजुट हुए राजनीतिक दल

चंडीगढ़ में हाउसिंग बोर्ड के घरों को तोड़फोड़ से बचाने के लिए एकजुट हुए राजनीतिक दल

चंडीगढ़। हाउसिंग बोर्ड के मकानों को बचाने के लिए सभी राजनीतिक दल एक साथ आ गए हैं ।सभी दल के नेताओं ने एकजुटता दिखाते हुए प्रशासन से बात करेंगे जबकि आमतौर पर राजनीतिक दलों की ओर से अलग अलग राय होती है लेकिन सीएचबी के मकानों में रहने वाले लोगों के लिए सभी दल एक मंच पर आ गए हैं।

वहीं हाउसिंग बोर्ड के मकान में रहने वाले लोग अपने मकान को बचाने के लिए सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं।वहीं प्रशासन ने वायलेशन वाले मकानों पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया है ।सभी राजनीतिक दल एक साथ आने के कारण प्रशासन की भी मुश्किल बढ़ गई है । रविवार को प्रशासन द्वारा लिए गए निर्णय के खिलाफ हाउसिंग बोर्ड के मकान में रहने वाले निवासियों ने सेक्टर 41 में एक बैठक की जिसमें सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने भाग लिया। मालूम हो कि पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट ने प्रशासन को हाउसिंग बोर्ड के मकान की वायलेशन को हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए एक महीने का समय दिया गया है। शनिवार को प्रशासन ने इस संबंध में बयान भी जारी किया था। इसके बाद रविवार को रैली की गई।

रैली के दौरान “नीड-बेस्ड बदलाव” (आवश्यकता आधारित संशोधन) को लेकर एक बड़ा फैसला लिया गया। निवासियों के हितों की रक्षा के लिए एक आठ सदस्यीय ऑल-पार्टी कमेटी का गठन किया गया, जो पिछले 40 वर्षों में लोगों द्वारा किए गए बदलावों के लिए वन-टाइम समाधान की मांग को लेकर शांतिपूर्ण लेकिन प्रभावी आंदोलन चलाएगी।

कमेटी में भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल हैं। इसके अलावा स्थानीय पार्षदों को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में जोड़ा गया है। कमेटी के सदस्य सचिव अजीत सिंह होंगे, जबकि प्रो. निर्मल दत्त को सलाहकार नियुक्त किया गया है।

कमेटी ने प्रशासन से अपील की है कि वह सभी सेक्टरों में, खासकर सेक्टर-41A में, निवासियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को तुरंत स्थगित करे। कमेटी का कहना है कि बोर्ड के रिकॉर्ड में दर्शाए गए 95 प्रतिशत से अधिक कथित उल्लंघन खुद बोर्ड की लापरवाही का परिणाम हैं, जो पिछले 40 वर्षों में उसकी नजरों के सामने होते रहे। ऑल-पार्टी कमेटी ने यह भी घोषणा की कि वह कल प्रशासक से मुलाकात कर “नीड-बेस्ड बदलाव” के लिए एक व्यवहारिक वन-टाइम समाधान पर चर्चा करेगी।