पंजाब में जमीन घोटालों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। Anurag Verma के निर्देश पर जाली रजिस्ट्रियों से जुड़े मामलों में कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
सब-रजिस्ट्रारों ने निर्देश दिए हैं कि रजिस्ट्री से पहले खरीदार और विक्रेता की KYC अनिवार्य रूप से की जाए। सरकार भी जल्द इसे सभी के लिए जरूरी करने की योजना बना रही है।
हाल ही में KYC के दौरान एक फर्जी रजिस्ट्री का मामला पकड़ में आया, जिससे इस प्रक्रिया की अहमियत सामने आई है। नियमों के तहत नकली दस्तावेज देने पर जुर्माना और 7 साल तक की सजा का प्रावधान है।




