गर्मियों का मौसम आते ही आम की मिठास हर किसी को अपनी ओर खींचती है, लेकिन डायबिटीज के मरीजों के लिए यह फल अक्सर एक दुविधा बन जाता है। एक तरफ स्वाद की चाह और दूसरी तरफ बढ़ते ब्लड शुगर का डर—इसी के बीच लोग यह समझ नहीं पाते कि आम खाना चाहिए या नहीं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि पूरी तरह परहेज करने के बजाय सही जानकारी और संतुलन के साथ आम का सेवन किया जा सकता है।
दरअसल, आम में प्राकृतिक शर्करा यानी फ्रक्टोज की मात्रा अधिक होती है, जो ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ा सकती है। इसी वजह से कई लोग इसे डायबिटीज में खतरनाक मान लेते हैं। लेकिन यह भी सच है कि आम केवल शुगर का स्रोत नहीं है, बल्कि इसमें फाइबर, विटामिन A, विटामिन C और कई एंटीऑक्सीडेंट्स भी मौजूद होते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
इंटीग्रेटिव लाइफस्टाइल एक्सपर्ट Luke Coutinho के अनुसार, आम को लेकर डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि इसे समझदारी से खाने की जरूरत है। उनका कहना है कि अगर किसी व्यक्ति का ब्लड शुगर पहले से ही असंतुलित है या वह ज्यादा मात्रा में आम का सेवन करता है, तो इससे समस्या बढ़ सकती है। खासकर रात के समय आम खाना शरीर के लिए सही नहीं माना जाता, क्योंकि उस समय मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है।
एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि आम को किस तरह खाया जा रहा है। एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि आम को कभी भी खाली पेट या अकेले नहीं खाना चाहिए। अगर इसे दही, नट्स या बीजों के साथ लिया जाए, तो यह शरीर में शुगर के अवशोषण को धीमा कर देता है। इससे ब्लड शुगर अचानक बढ़ने के बजाय धीरे-धीरे बढ़ता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित होता है।
इसके अलावा, मात्रा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। एक बार में ज्यादा आम खाना नुकसानदायक हो सकता है। बेहतर यह है कि आप छोटे हिस्से में आम का सेवन करें और यह देखें कि आपका शरीर उस पर कैसे प्रतिक्रिया देता है। हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है, इसलिए एक ही मात्रा सभी पर समान प्रभाव नहीं डालती।
डायबिटीज के मरीजों को यह भी सलाह दी जाती है कि आम खाने के बाद अपने ब्लड शुगर लेवल की जांच करें। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि आपका शरीर इस फल को कैसे हैंडल कर रहा है। अगर आम खाने के बाद शुगर लेवल तेजी से बढ़ता है, तो इसकी मात्रा कम करना या कुछ समय के लिए इसे छोड़ना ही बेहतर विकल्प है।
समय भी एक अहम भूमिका निभाता है। दिन के समय, खासकर दोपहर में आम खाना अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि उस समय शरीर सक्रिय रहता है और शुगर को बेहतर तरीके से प्रोसेस कर सकता है। वहीं, देर रात आम खाने से बचना चाहिए। विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि पका हुआ और प्राकृतिक रूप से तैयार आम ही खाना चाहिए। केमिकल से पकाए गए आम स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं और डायबिटीज के मरीजों के लिए अतिरिक्त जोखिम पैदा कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, डायबिटीज में आम पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं है, लेकिन इसे बिना सोचे-समझे खाना भी सही नहीं है। सही मात्रा, सही समय और सही संयोजन के साथ आम का सेवन किया जाए, तो इसका आनंद भी लिया जा सकता है और स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर से भी बचा जा सकता है।




