जनगणना ड्यूटी पर शिक्षकों को राहत के संकेत, महिला अध्यापकों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम होंगे

जनगणना ड्यूटी पर शिक्षकों को राहत के संकेत, महिला अध्यापकों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम होंगे

जनगणना ड्यूटी को लेकर शिक्षकों की बढ़ती परेशानियों के बीच प्रशासन और संयुक्त शिक्षक एसोसिएशन (JTA) के बीच हुई बैठक से राहत के संकेत मिले हैं। प्रशासन ने महिला शिक्षकों की सुरक्षा और दोहरे कार्यभार के मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए ठोस कदम उठाने का भरोसा दिया है।

एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने चंडीगढ़ में उपायुक्त निशांत यादव से मुलाकात कर जनगणना ड्यूटी के दौरान आने वाली समस्याओं को विस्तार से रखा। बैठक में महिला शिक्षकों की सुरक्षा, फील्ड में आने वाली चुनौतियां और स्कूल ड्यूटी के साथ अतिरिक्त जिम्मेदारियों का मुद्दा प्रमुख रूप से उठाया गया।

प्रशासन ने इन मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। अतिरिक्त उपायुक्त अमनदीप भट्टी के साथ हुई चर्चा में महिला शिक्षकों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।

बताया गया कि फील्ड ड्यूटी के दौरान महिला शिक्षकों के साथ बीट पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाएगी, ताकि किसी भी तरह की सुरक्षा संबंधी चिंता न रहे। इसके अलावा, वार्ड स्तर पर काउंसिलरों को निर्देश दिए जाएंगे कि वे प्रत्येक शिक्षक के साथ एक स्थानीय सहायक उपलब्ध कराएं, जिससे फील्ड में काम आसान हो सके।

एसोसिएशन ने यह भी मुद्दा उठाया कि जनगणना जैसे बड़े कार्य को स्कूल की नियमित ड्यूटी के साथ जोड़ना व्यवहारिक नहीं है और इससे शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव बढ़ता है। इस पर डीसी ने भरोसा दिलाया कि इस विषय को शिक्षा विभाग और जनगणना अधिकारियों के समक्ष प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाएगा।

शिक्षकों के कार्यभार को संतुलित करने पर जोर
बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि शिक्षकों को एक साथ कई जिम्मेदारियां देने से उनकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है। प्रशासन ने संकेत दिए कि आने वाले समय में ड्यूटी आवंटन को अधिक व्यवस्थित और संतुलित बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

सुरक्षा और सुविधा दोनों पर फोकस
प्रशासन का कहना है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में शिक्षकों की भूमिका अहम होती है, इसलिए उनकी सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। इसके लिए जमीनी स्तर पर समन्वय बढ़ाने और स्थानीय प्रशासन को अधिक सक्रिय बनाने की योजना बनाई जा रही है।

जल्द आ सकते हैं ठोस फैसले
सूत्रों के अनुसार, इन मुद्दों पर जल्द ही औपचारिक आदेश जारी किए जा सकते हैं, जिससे शिक्षकों को राहत मिलेगी। खासतौर पर महिला शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर सख्त दिशा-निर्देश लागू किए जाने की संभावना है।

कुल मिलाकर, प्रशासन और शिक्षक संगठनों के बीच हुई इस बातचीत को सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में जनगणना ड्यूटी के दौरान शिक्षकों की परेशानियां कम हो सकती हैं और कार्य अधिक सुचारु रूप से संपन्न हो सकेगा।