चंडीगढ़ एस्टेट ऑफिस का सख्त फैसला: ग्रुप C और पूर्व D कर्मचारियों के लिए यूनिफॉर्म अनिवार्य, उल्लंघन पर कार्रवाई तय

चंडीगढ़ एस्टेट ऑफिस का सख्त फैसला: ग्रुप C और पूर्व D कर्मचारियों के लिए यूनिफॉर्म अनिवार्य, उल्लंघन पर कार्रवाई तय

चंडीगढ़ प्रशासन के एस्टेट ऑफिस ने कार्यालय व्यवस्था को अधिक अनुशासित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से बड़ा कदम उठाया है। अब ग्रुप ‘सी’ और पूर्व ग्रुप ‘डी’ श्रेणी के सभी कर्मचारियों के लिए निर्धारित यूनिफॉर्म पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। यह आदेश 4 मई 2026 से प्रभावी हो चुका है और सभी संबंधित कर्मचारियों को इसका सख्ती से पालन करना होगा।

एस्टेट ऑफिस द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के पहले से लागू दिशा-निर्देशों के अनुरूप है। कर्मचारियों को पहले ही ड्रेस अलाउंस दिया जा रहा है, जो विशेष रूप से ड्राइवर, रेस्टोरर, दफ्तरी, प्रोसेस सर्वर, चपरासी और सफाई कर्मचारियों को प्रदान किया जाता है। यह अलाउंस इस शर्त पर मिलता है कि कर्मचारी ड्यूटी के दौरान निर्धारित यूनिफॉर्म पहनें।

हालांकि प्रशासन के संज्ञान में यह बात आई है कि कई कर्मचारी नियमित रूप से यूनिफॉर्म नहीं पहन रहे थे, जिसे नियमों का उल्लंघन माना गया। इसी को ध्यान में रखते हुए अब प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए दोबारा निर्देश जारी किए हैं, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

क्या होगी यूनिफॉर्म

नए निर्देशों के अनुसार, कर्मचारियों के लिए काली पैंट और आसमानी रंग की शर्ट निर्धारित की गई है। यह ड्रेस कोड सभी पर लागू होगा, चाहे कर्मचारी स्थायी हों या आउटसोर्सिंग के तहत काम कर रहे हों।

लापरवाही पर सख्त कार्रवाई

ऑफिस ऑर्डर में साफ चेतावनी दी गई है कि यूनिफॉर्म नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में कार्रवाई के लिए अधिकृत भी किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रशासन का तर्क

प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि यूनिफॉर्म लागू करने से न केवल कर्मचारियों की पहचान आसान होगी, बल्कि कार्यालय में अनुशासन, कार्य संस्कृति और जवाबदेही भी मजबूत होगी। आम जनता को भी इससे सुविधा मिलेगी, क्योंकि वे आसानी से कर्मचारियों की पहचान कर सकेंगे और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सही व्यक्ति तक पहुंच पाएंगे।

कर्मचारियों की प्रतिक्रिया

इस फैसले को लेकर कर्मचारियों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ कर्मचारी इसे कार्यालय की व्यवस्था सुधारने की दिशा में सकारात्मक कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे अतिरिक्त सख्ती के रूप में देख रहे हैं। खासकर आउटसोर्स कर्मचारियों में इसको लेकर चर्चा तेज है।

आगे क्या?

प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में अन्य विभागों में भी इस तरह के नियमों को सख्ती से लागू किया जा सकता है। फिलहाल एस्टेट ऑफिस ने साफ कर दिया है कि यूनिफॉर्म नियम का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा और किसी भी तरह की ढिलाई पर कार्रवाई तय है।