हिमाचल प्रदेश के मंडी नगर निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सोमवार को मंडी शहर में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित कई नुक्कड़ सभाओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखे हमले बोले। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम कर रही है और मंडी जिले के विकास कार्यों को जानबूझकर प्रभावित किया जा रहा है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार के समय मंडी शहर के विकास के लिए स्वीकृत किए गए करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट वर्तमान सरकार की अनदेखी का शिकार हो गए हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा शासन के दौरान मंडी नगर के लिए जारी किए गए 15 करोड़ रुपये के बजट को वापस लेकर अन्य क्षेत्रों में खर्च कर दिया गया। उनका कहना था कि साढ़े तीन वर्षों तक मंडी की उपेक्षा करने के बाद अब चुनाव आते ही कांग्रेस सरकार बड़े-बड़े विकास पैकेजों की घोषणा कर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कांग्रेस सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को केंद्र सरकार से मिले बजट और अनुदान के खर्च का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करना चाहिए। जयराम ठाकुर ने मांग की कि राज्य सरकार केंद्रीय सहायता और योजनाओं में मिले फंड के उपयोग को लेकर श्वेत पत्र जारी करे, ताकि प्रदेश की जनता को यह जानकारी मिल सके कि विकास के नाम पर आए पैसे का इस्तेमाल आखिर कहां और किस प्रकार किया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने मंडी के चर्चित शिवधाम प्रोजेक्ट का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत से शिवधाम परियोजना की शुरुआत मंडी को धार्मिक और पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से की थी। लेकिन वर्तमान सरकार ने इस परियोजना के बजट में कटौती कर इसे कमजोर कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना से जुड़े संसाधनों और बजट को मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र नादौन की ओर मोड़ दिया गया, जिससे मंडी के लोगों की उम्मीदों को झटका लगा है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मंडी हमेशा भाजपा का मजबूत गढ़ रहा है और यहां की जनता विकास के मुद्दे पर राजनीति करने वालों को अच्छी तरह पहचानती है। उन्होंने लोगों से नगर निगम चुनाव में भाजपा के पक्ष में मतदान कर कांग्रेस सरकार को जवाब देने की अपील की। उन्होंने दावा किया कि यदि नगर निगम में भाजपा को समर्थन मिलता है तो शहर के अधूरे विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कांग्रेस सरकार पर यह आरोप भी लगाया कि प्रदेश में विकास की गति धीमी हो चुकी है और सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित रह गई है। बेरोजगारी, सड़क, पेयजल और शहरी सुविधाओं जैसे मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल रही है। भाजपा नेता ने कहा कि मंडी की जनता अब केवल वादों पर भरोसा नहीं करेगी, बल्कि काम का हिसाब मांगेगी।
नगर निगम चुनाव के चलते मंडी में भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। आने वाले दिनों में दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं के प्रचार अभियान और तेज होने की संभावना है, जिससे चुनावी मुकाबला और दिलचस्प बनता जा रहा है।


