गुरुग्राम की ग्लोबल सिटी बनेगी निवेश का नया केंद्र, हरियाणा सरकार जून में लाएगी मेगा इन्वेस्टर समिट

गुरुग्राम की ग्लोबल सिटी बनेगी निवेश का नया केंद्र, हरियाणा सरकार जून में लाएगी मेगा इन्वेस्टर समिट

हरियाणा सरकार राज्य को देश के सबसे बड़े औद्योगिक और कारोबारी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। जून महीने में गुरुग्राम में विकसित हो रही महत्वाकांक्षी ग्लोबल सिटी परियोजना को लेकर एक बड़े निवेशक सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश की प्रमुख कंपनियों, उद्योगपतियों और बहुराष्ट्रीय समूहों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य ग्लोबल सिटी में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करना और हरियाणा को वैश्विक व्यापार मानचित्र पर और मजबूत पहचान दिलाना है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली सरकार इस सम्मेलन को राज्य की नई औद्योगिक नीति 2026 से जोड़कर आगे बढ़ा रही है। जानकारी के अनुसार निवेशक सम्मेलन से पहले नई औद्योगिक नीति को अंतिम रूप देकर उसकी अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। इसके लिए अगले 10 से 15 दिनों के भीतर हरियाणा मंत्रिमंडल की अहम बैठक होने की संभावना है, जिसमें नीति को मंजूरी दी जा सकती है।

सरकार ने नई औद्योगिक नीति तैयार करने से पहले उद्योग जगत से व्यापक सुझाव लिए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में दिल्ली में विभिन्न सेक्टरों के उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ कई दौर की बैठकें की थीं। इन बैठकों में मैन्युफैक्चरिंग, आईटी, लॉजिस्टिक्स, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्टार्टअप सेक्टर से जुड़े उद्यमियों ने भाग लिया। सरकार का दावा है कि उद्योग जगत से मिले व्यावहारिक सुझावों को नीति में शामिल किया गया है, ताकि निवेशकों को अधिक सुविधाजनक और प्रतिस्पर्धी माहौल उपलब्ध कराया जा सके।

हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने बताया कि गुरुग्राम के सेक्टर-36 और सेक्टर-37 में विकसित की जा रही ग्लोबल सिटी परियोजना का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है, जबकि दूसरे चरण पर तेजी से काम जारी है। यह परियोजना आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट कनेक्टिविटी, हाईटेक ऑफिस स्पेस और अंतरराष्ट्रीय स्तर की व्यावसायिक सुविधाओं से लैस होगी।

सरकार निवेशकों को यह भरोसा दिलाने की तैयारी में है कि हरियाणा आने वाले वर्षों में उद्योगों के लिए सबसे अनुकूल राज्यों में शामिल होगा। नई औद्योगिक नीति के तहत टैक्स लाभ, आसान मंजूरी प्रक्रिया, बेहतर लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, स्किल डेवलपमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर सहायता जैसी कई सुविधाएं देने की योजना है।

सरकार का मानना है कि ग्लोबल सिटी में बड़े पैमाने पर निवेश आने से प्रदेश में रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे। विशेष रूप से युवाओं को आईटी, कॉरपोरेट सर्विसेज, मैन्युफैक्चरिंग, स्टार्टअप और सेवा क्षेत्र में नौकरी तथा स्वरोजगार के अवसर मिल सकेंगे। इसके अलावा छोटे और मध्यम उद्योगों को भी बड़े उद्योगों के साथ काम करने का अवसर मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

सूत्रों के अनुसार निवेशक सम्मेलन में कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों, विदेशी दूतावासों और व्यापार संगठनों के प्रतिनिधियों को भी बुलाने की तैयारी है। हालांकि सम्मेलन की तिथि और आयोजन स्थल को लेकर अंतिम फैसला अभी बाकी है, लेकिन सरकार इसे बड़े स्तर पर आयोजित करने की योजना बना रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली-एनसीआर के तेजी से विस्तार और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण गुरुग्राम पहले से ही कॉरपोरेट और आईटी सेक्टर का प्रमुख केंद्र बन चुका है। ऐसे में ग्लोबल सिटी परियोजना हरियाणा को अंतरराष्ट्रीय निवेश के नए गंतव्य के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभा सकती है।