पंजाब में लंबे समय से प्रतीक्षित नगर निगम और नगर काउंसिल चुनावों की तारीखों का आखिरकार ऐलान हो गया है। राज्य सरकार ने शहरी स्थानीय निकाय चुनाव कराने को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। चुनावी कार्यक्रम के अनुसार राज्य के 8 नगर निगमों और 102 नगर काउंसिलों में 26 मई को मतदान कराया जाएगा, जबकि मतगणना और नतीजों की घोषणा 29 मई को होगी।
चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। उम्मीदवारों के चयन, वार्ड स्तर की बैठकों और चुनावी रणनीतियों को अंतिम रूप देने की कवायद शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि इन चुनावों को आगामी विधानसभा राजनीति के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि शहरी क्षेत्रों में राजनीतिक दल अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करेंगे।
सरकार द्वारा जारी कार्यक्रम के मुताबिक नामांकन प्रक्रिया 13 मई से शुरू होगी और उम्मीदवार 16 मई तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
यह चुनाव पंजाब नगर निगम अधिनियम, 1976 की धारा 7-ए के तहत कराए जा रहे हैं। अधिसूचना पर स्थानीय निकाय विभाग के सचिव मनजीत सिंह बराड़ (IAS) के हस्ताक्षर हैं। चुनाव कराने की जिम्मेदारी Punjab State Election Commission को सौंपी गई है, जबकि संबंधित जिला प्रशासन और स्थानीय निकाय विभाग को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
जिन नगर निगम क्षेत्रों में चुनाव कराए जाएंगे उनमें Batala, Pathankot, Kapurthala, Hoshiarpur, SAS Nagar, Bathinda, Abohar, Moga और Barnala शामिल हैं। इसके अलावा राज्यभर की 102 नगर काउंसिलों और नगर पंचायतों में भी चुनाव होंगे।
वर्तमान समय में कई शहरी निकायों में निर्वाचित प्रतिनिधियों की जगह प्रशासकों के माध्यम से कामकाज चल रहा है। नगर निगमों में कमिश्नरों और नगर काउंसिलों में एसडीएम को प्रशासनिक जिम्मेदारी दी गई थी। अब चुनाव होने के बाद स्थानीय स्तर पर चुनी हुई सरकारें फिर से काम संभालेंगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल जैसे प्रमुख दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन सकते हैं। खासकर शहरी क्षेत्रों में विकास, सफाई, सीवरेज, पानी, ट्रैफिक और संपत्ति कर जैसे मुद्दे चुनावी बहस के केंद्र में रहने की संभावना है।
चुनाव आयोग की ओर से जल्द ही आदर्श आचार संहिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। प्रशासन ने संबंधित जिलों को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए तैयारी शुरू करने को कहा है।
अब चुनावी तारीखों के ऐलान के साथ ही पंजाब के शहरी इलाकों में राजनीतिक सरगर्मियां और तेज होने की उम्मीद है। विभिन्न दल जल्द ही अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर जनता के बीच प्रचार अभियान शुरू कर सकते हैं।




