अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प मंगलवार रात तीन दिवसीय चीन दौरे के लिए रवाना हो गए। 13 से 15 मई तक चलने वाली इस यात्रा में उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होगी। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच व्यापार, रेयर अर्थ मिनरल्स, टैरिफ और कृषि निर्यात जैसे अहम मुद्दों पर बड़ी बातचीत हो सकती है।
करीब 8 साल बाद ट्रम्प बीजिंग पहुंचे हैं। इससे पहले उन्होंने 2017 में राष्ट्रपति रहते हुए चीन का दौरा किया था, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया था और कई कारोबारी समझौतों का ऐलान हुआ था। इस बार दौरा ऐसे समय हो रहा है जब ईरान को लेकर वैश्विक तनाव बढ़ा हुआ है और अमेरिका-चीन संबंध भी कई मुद्दों पर दबाव में हैं।
ट्रम्प के सम्मान में होगा खास स्टेट डिनर
व्हाइट हाउस के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ट्रम्प के सम्मान में विशेष स्टेट डिनर आयोजित करेंगे। यह कार्यक्रम बीजिंग के प्रतिष्ठित ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में हो सकता है, जहां विदेशी नेताओं का औपचारिक स्वागत किया जाता है।
राजनयिक विशेषज्ञों का मानना है कि चीन इस तरह के आयोजन के जरिए यह संकेत देना चाहता है कि वह अमेरिका के साथ रिश्तों को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानता है। कार्यक्रम में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी और कारोबारी प्रतिनिधि भी शामिल रह सकते हैं।
ईरानी तेल बना अमेरिका-चीन विवाद की बड़ी वजह
ईरान से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से मतभेद बने हुए हैं। ट्रम्प प्रशासन का आरोप है कि चीन बड़े पैमाने पर ईरानी तेल खरीदकर तेहरान को आर्थिक समर्थन दे रहा है। वहीं चीन का कहना है कि उसकी ऊर्जा जरूरतें सर्वोपरि हैं और वह अपने हितों के अनुसार फैसले लेता है।
पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद चीन लगातार ईरानी तेल खरीदता रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान अपने तेल को कम कीमत पर बेचता है, जिसका फायदा चीनी रिफाइनरियां उठाती हैं। कई बार यह कारोबार दूसरे देशों या मिश्रित तेल के जरिए किया जाता है ताकि अमेरिकी प्रतिबंधों से बचा जा सके।
अमेरिका चाहता है कि चीन ईरानी तेल की खरीद घटाए ताकि ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाया जा सके। हालांकि बीजिंग पहले भी साफ कर चुका है कि वह किसी बाहरी दबाव में अपनी ऊर्जा नीति नहीं बदलेगा।
ट्रम्प-शी बैठक में इन मुद्दों पर रहेगी नजर
ट्रेड और टैरिफ विवाद
दोनों देशों के बीच लंबे समय से जारी ट्रेड वॉर पर बातचीत हो सकती है। अमेरिका पहले भी चीनी सामान पर भारी टैरिफ लगाने की चेतावनी दे चुका है।
ताइवान और हथियार सौदा
ताइवान को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है। ट्रम्प कथित तौर पर अमेरिकी हथियार पैकेज के मुद्दे को भी उठाने वाले हैं, जिसका चीन विरोध करता रहा है।
रेयर अर्थ और AI टेक्नोलॉजी
इलेक्ट्रिक व्हीकल, चिप निर्माण और रक्षा उद्योग में इस्तेमाल होने वाले रेयर अर्थ मिनरल्स को लेकर भी चर्चा संभव है। चीन इस क्षेत्र में दुनिया का सबसे बड़ा सप्लायर माना जाता है।
सोयाबीन और कृषि व्यापार
चीन अमेरिकी किसानों के लिए बड़ा बाजार है। ट्रेड वॉर के बाद चीन ने अमेरिकी सोयाबीन की खरीद कम कर दी थी, जिससे अमेरिकी किसानों को नुकसान हुआ था। अब वॉशिंगटन चाहता है कि कृषि निर्यात दोबारा बढ़े।
अमेरिकी किसानों को नई डील का इंतजार
ट्रम्प के चीन दौरे पर अमेरिकी किसानों की भी नजर टिकी हुई है। ट्रेड वॉर और घटते निर्यात की वजह से कई किसान आर्थिक दबाव झेल रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन ने पिछले कुछ वर्षों में अमेरिकी सोयाबीन की जगह ब्राजील से ज्यादा खरीदारी शुरू कर दी थी।
हालांकि हाल के महीनों में चीन ने फिर अमेरिकी सोयाबीन खरीद बढ़ाई है। व्हाइट हाउस का दावा है कि इस साल चीन बड़ी मात्रा में अमेरिकी सोयाबीन खरीद सकता है, लेकिन किसान किसी ठोस और लिखित समझौते की मांग कर रहे हैं।



