‘पंजाब के वोटरों के साथ न हो छेड़छाड़’: AAP सांसद मालविंदर कंग ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र, NRI मतदाताओं को लेकर उठाए सवाल

‘पंजाब के वोटरों के साथ न हो छेड़छाड़’: AAP सांसद मालविंदर कंग ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र, NRI मतदाताओं को लेकर उठाए सवाल

मालविंदर सिंह कंग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए भारतीय चुनाव आयोग को विस्तृत पत्र भेजा है। श्री आनंदपुर साहिब से सांसद कंग ने आरोप लगाया कि वोटर सत्यापन अभियान के नाम पर असली पंजाबी मतदाताओं, विशेषकर विदेशों में रह रहे एनआरआई पंजाबियों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का खतरा पैदा हो गया है।

कंग ने कहा कि जिस तरीके से एसआईआर एक्सरसाइज को लागू किया जा रहा है, उससे इसकी पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि देश के कुछ अन्य राज्यों में इसी तरह की प्रक्रियाओं के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटने की शिकायतें सामने आई थीं और अब पंजाब में भी ऐसी आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

‘पंजाब को राजनीतिक तौर पर निशाना बनाया जा रहा’

आप सांसद ने आरोप लगाया कि पंजाब को लगातार राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले किसानों के आंदोलन और पंजाब की छवि को लेकर गलत नैरेटिव खड़ा किया गया और अब वोटर वेरिफिकेशन के जरिए असली वोटरों को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है।

कंग ने कहा कि पंजाब लोकतांत्रिक चेतना वाला राज्य है और यहां के लोग अपने मतदान अधिकारों को लेकर बेहद जागरूक हैं। ऐसे में किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम सूची से हटना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर खतरा होगा।

NRI पंजाबियों को लेकर जताई विशेष चिंता

पत्र में कंग ने खास तौर पर उन लाखों एनआरआई पंजाबियों का मुद्दा उठाया, जिनका अपने गांवों और परिवारों से लगातार संपर्क बना रहता है और जो चुनाव प्रक्रिया में भी भागीदारी रखते हैं। उन्होंने कहा कि विदेशों में रहने वाले मतदाताओं के लिए फिजिकल वेरिफिकेशन, सीमित समय और दस्तावेजी औपचारिकताएं बड़ी समस्या बन सकती हैं।

उनका कहना है कि कई असली वोटर केवल तकनीकी कारणों या समय सीमा के चलते मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं। इसे रोकने के लिए चुनाव आयोग को अधिक व्यावहारिक और डिजिटल व्यवस्था लागू करनी चाहिए।

चुनाव आयोग को दिए कई सुझाव

मालविंदर सिंह कंग ने चुनाव आयोग से मांग की कि NRI मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था की जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि:

  • ऑनलाइन और डिजिटल वेरिफिकेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
  • दस्तावेज जमा करने की समय सीमा को अधिक लचीला बनाया जाए।
  • भारतीय दूतावासों और कॉन्सुलेट कार्यालयों के जरिए सत्यापन में मदद दी जाए।
  • शिकायतों के समाधान के लिए अलग हेल्पलाइन और तंत्र बनाया जाए।
  • केवल अस्थायी रूप से विदेश में रहने वाले मतदाताओं के नाम सूची से हटाने पर रोक लगे।

‘पंजाब में सख्ती क्यों?’

आप सांसद ने यह सवाल भी उठाया कि जिन राज्यों में लगभग समान समय पर चुनाव होने हैं, वहां की तुलना में पंजाब में अधिक सख्त सत्यापन प्रक्रिया क्यों अपनाई जा रही है। उन्होंने इसे “चुनावी दबाव” बताते हुए कहा कि इससे राजनीतिक मंशा पर संदेह पैदा होता है।

उन्होंने पंजाब की सभी राजनीतिक पार्टियों और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे इस मुद्दे पर एकजुट होकर काम करें, ताकि किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम सूची से न कटे।

लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की बात

कंग ने कहा कि पंजाब हमेशा लोकतंत्र, संविधान और अधिकारों की रक्षा के लिए खड़ा रहा है। उन्होंने दोहराया कि आम आदमी पार्टी किसी भी ऐसे कदम का विरोध करेगी, जिससे लोगों को मतदान अधिकार से वंचित करने की आशंका हो।

उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और जनविश्वास कायम रखने वाली होनी चाहिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सत्यापन अभियान का इस्तेमाल किसी राजनीतिक लाभ या मतदाता संतुलन बदलने के लिए न हो।