पर्यावरण और ईंधन बचत का संदेश देने सड़क पर उतरे राज्यपाल, सीटीयू बस में सफर कर पहुंचे सचिवालय

पर्यावरण और ईंधन बचत का संदेश देने सड़क पर उतरे राज्यपाल, सीटीयू बस में सफर कर पहुंचे सचिवालय

चंडीगढ़ में ‘नो कार डे’ अभियान के तहत बुधवार को एक अलग तस्वीर देखने को मिली, जब पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने सरकारी काफिले और निजी वाहन की बजाय सार्वजनिक परिवहन को चुना। राज्यपाल सीटीयू बस में सफर कर अपने कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों, कर्मचारियों तथा आम नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत का संदेश दिया।

राज्यपाल का यह कदम प्रशासन की उस पहल का हिस्सा था, जिसके तहत लोगों को सप्ताह में कम से कम एक दिन निजी वाहनों का उपयोग कम करने और सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बस यात्रा के दौरान उन्होंने यात्रियों से बातचीत भी की और कहा कि बढ़ते प्रदूषण, ट्रैफिक दबाव और ईंधन खपत को कम करने के लिए समाज के हर वर्ग को अपनी भूमिका निभानी होगी।

गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते रहे हैं और अब समय आ गया है कि लोग इसे अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासनिक अधिकारी और सरकारी कर्मचारी स्वयं सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करेंगे, तभी आम जनता भी इससे प्रेरित होगी।

राज्यपाल ने चंडीगढ़वासियों से अपील की कि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन बस, साइकिल या अन्य सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। उनके अनुसार इससे न केवल पेट्रोल-डीजल की बचत होगी, बल्कि शहर में ट्रैफिक जाम और वायु प्रदूषण जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी।

उन्होंने विद्यार्थियों को भी विशेष रूप से साइकिल और पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने के लिए प्रेरित किया। कटारिया ने कहा कि युवाओं की भागीदारी से ही पर्यावरण संरक्षण जैसे अभियानों को जन आंदोलन का रूप दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ जैसे योजनाबद्ध शहर में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है।

‘नो कार डे’ अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासन की ओर से विशेष बस सेवाओं की व्यवस्था की गई थी। अधिकारियों का मानना है कि यदि इस तरह की पहल को लगातार बढ़ावा दिया जाए तो शहर में निजी वाहनों पर निर्भरता कम की जा सकती है और स्वच्छ व टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।