नायब सिंह सैनी सरकार ने हरियाणा को देश के प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन और ऑटोमोबाइल विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, वैश्विक निवेशकों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राज्य में ईवी और ऑटो सेक्टर के विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में विशेष रूप से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, आधुनिक विनिर्माण इकाइयों और ऑटोमोटिव सप्लाई चेन को मजबूत बनाने की रणनीति पर मंथन किया गया। सरकार का लक्ष्य हरियाणा को ऐसा औद्योगिक हब बनाना है, जहां वाहन निर्माण से लेकर बैटरी, कंपोनेंट और लॉजिस्टिक्स तक पूरी ईवी इकोसिस्टम विकसित हो सके।
वैश्विक निवेशकों को लुभाने की कोशिश
बैठक के दौरान अंतरराष्ट्रीय ईवी निर्माता VinFast से जुड़ा एक विशेष प्रेजेंटेशन भी दिया गया, जिसमें हरियाणा में निवेश और मैन्युफैक्चरिंग संभावनाओं को प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री ने कंपनी के इलेक्ट्रिक वाहन का निरीक्षण करने के साथ खुद उसे चलाकर भी देखा। इसे राज्य में विदेशी निवेश आकर्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
“हरियाणा उद्योगों के लिए सबसे बेहतर राज्य”
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा आज देश के सबसे तेजी से विकसित होते औद्योगिक राज्यों में शामिल है और सरकार निवेशकों को हर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मजबूत सड़क नेटवर्क, दिल्ली-एनसीआर की निकटता, आधुनिक लॉजिस्टिक्स व्यवस्था और कुशल मानव संसाधन राज्य को ऑटोमोबाइल और ईवी उद्योग के लिए आदर्श गंतव्य बनाते हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार उद्योगों को पारदर्शी नीतियां, बेहतर कानून व्यवस्था और समयबद्ध मंजूरियां देने पर विशेष जोर दे रही है। इसके लिए Haryana Enterprise Promotion Centre के माध्यम से सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है, ताकि निवेशकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी जरूरी सेवाएं मिल सकें।
नई उद्योग नीति पर भी चर्चा
बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि हरियाणा सरकार की नई औद्योगिक नीति को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल चुकी है। इस नीति में उद्योग संगठनों और व्यापारिक प्रतिनिधियों द्वारा दिए गए कई सुझाव शामिल किए गए हैं। सरकार का दावा है कि नई नीति उद्योगों को अधिक प्रतिस्पर्धी माहौल और निवेश के बेहतर अवसर प्रदान करेगी।
मिडल ईस्ट संकट पर उद्योग जगत को भरोसा
बैठक के दूसरे सत्र में मुख्यमंत्री ने एनसीआर के विभिन्न उद्योग और व्यापार संगठनों के प्रतिनिधियों से भी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मिडल ईस्ट में जारी तनाव का असर आयात-निर्यात और औद्योगिक गतिविधियों पर पड़ रहा है, लेकिन हरियाणा सरकार उद्योग जगत के साथ मजबूती से खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उद्योगों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार संवाद बनाए रखेगी। उन्होंने कहा कि कई मांगों को बैठक के दौरान ही स्वीकृति प्रदान कर दी गई है और बाकी मुद्दों पर भी तेजी से कार्रवाई होगी।
बड़े अधिकारियों और उद्योग प्रतिनिधियों की मौजूदगी
बैठक में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा विनग्रुप एशिया और विनफास्ट इंडिया के प्रतिनिधियों ने भी हरियाणा में निवेश संभावनाओं पर चर्चा की। उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने राज्य में ऑटो और ईवी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी दी।
सरकार को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में हरियाणा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ऑटो कंपोनेंट निर्माण और वैश्विक निवेश के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।




