यूपी में अयोध्या दीपोत्सव, उत्तराखंड में विकास दीपोत्सव:धामी का दावा- 4 साल में पहुंचे 24 करोड़ श्रद्धालु, मंदिरों का हो रहा विकास

यूपी में अयोध्या दीपोत्सव, उत्तराखंड में विकास दीपोत्सव:धामी का दावा- 4 साल में पहुंचे 24 करोड़ श्रद्धालु, मंदिरों का हो रहा विकास उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में इस बार दीपोत्सव तो मनाया जाएगा लेकिन दोनों का अंदाज अलग होगा। एक ओर उत्तरप्रदेश सरकार इस बार दीपोत्सव में ग्रीन आतिशबाज़ी’ से अयोध्या को जगमगाने की तैयारी में है तो वहीं उत्तराखंड सरकार ने इस बार “विकास दीपोत्सव” मनाने की परंपरा शुरू की है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने एक ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है, ट्वीट में उन्होंने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा- उत्तराखंड मना रहा है विकास का दीपोत्सव, हमारी सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों पर किए गए समग्र विकास कार्यों के परिणामस्वरूप लगभग प्रत्येक तीर्थस्थल पर श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या पहुंच रही है। दोनों राज्यों के कार्यक्रमों में मुख्य अंतर यह है कि यूपी में यह दीपोत्सव भव्यता और पर्यावरण के संतुलन का संदेश दे रहा है, जबकि उत्तराखंड में विकास दीपोत्सव के माध्यम से पर्यटन, सुरक्षा और तीर्थाटन के स्तर को बढ़ाया जा रहा है। पहले सरयू तट पर होने वाले दीपोत्सव के बारे में जानिए… अयोध्या दीपोत्सव 2025 इस बार न केवल आस्था और भव्यता का प्रतीक बनेगा, बल्कि पर्यावरण-संवेदनशील नवाचार का भी संदेश देगा। 19 अक्टूबर को सरयू तट पर जब असंख्य दिये जलेंगे और आकाश में ग्रीन आतिशबाज़ी का दिव्य दृश्य खिलेगा, तो धुआँ और प्रदूषण की जगह केवल स्वच्छ प्रकाश फैलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आयोजन के लिए विशेष रूप से ग्रीन पटाखों और इको-आतिशबाज़ी तकनीक अपनाने के निर्देश दे दिए हैं। इसमें पारंपरिक रासायनिक तत्वों की जगह कम-कार्बन और कम-धुआं उत्सर्जित करने वाले यौगिकों का प्रयोग किया जाएगा। परिणामस्वरूप, यह दीपोत्सव न केवल आस्था का प्रतीक होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का भी संदेश देगा। सरयू के ऊपर खिलेगा “ग्रीन सूर्य”, जो न तो धुआं उत्पन्न करेगा और न ही शोर करेगा। लाखों मिट्टी और गोबर मिश्रित बायोडिग्रेडेबल दीये जलेंगे, जिससे स्थानीय कुम्हार और ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी। उत्तराखंड में सरकार क्यों मना रही विकास दीपोत्सव, हर धाम के विकास से समझिए… केदारनाथ केदारनाथ में करीब 500 करोड़ रुपए की लागत से विकास कार्य चल रहे हैं। पहले चरण में 125 करोड़, दूसरे में 200 करोड़ और तीसरे चरण में 175 करोड़ का काम शामिल है। तीसरे चरण का निर्माण वर्तमान में प्रगति पर है। सोनप्रयाग और केदारनाथ के बीच भारत का पहला ट्राई-केबल रोपवे बनने की योजना है। यह 12.9 किलोमीटर लंबा होगा और श्रद्धालु केवल 36 मिनट में सफर पूरा कर सकेंगे। यह रोपवे सुरक्षा और आधुनिक तकनीक के मामले में दुनिया में सबसे आगे होगा। बद्रीनाथ बद्रीनाथ में मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य चल रहे हैं, जिनकी अनुमानित लागत लगभग 600 करोड़ रुपए है। 2025-26 के बजट में मंदिर समिति को 127 करोड़ रुपए आवंटित थे, जिनमें से 64 करोड़ रुपए का उपयोग बद्रीनाथ मंदिर के विकास में किया गया। सरकार चरणबद्ध तरीके से निर्माण कर रही है और बढ़ती तीर्थाटन संख्या को देखते हुए यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। यमुनोत्री यमुनोत्री धाम तक पैदल यात्रा मार्ग को वैष्णो देवी मार्ग की तरह सुरक्षित और आधुनिक बनाने की योजना है। 170 करोड़ की लागत से एक रूप परियोजना शुरू हुई है, जिसकी लंबाई लगभग 3.9 किलोमीटर है। इस परियोजना से यात्रियों के लिए पैदल मार्ग अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और तीर्थाटन के अनुकूल होगा। गंगोत्री गंगोत्री धाम में सड़क मरम्मत, बिजली आपूर्ति और तीर्थाटन सुविधाओं का विकास किया गया है। यह सुनिश्चित किया गया है कि तीर्थ यात्री आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव प्राप्त कर सकें।सरकार ने गंगोत्री में बुनियादी ढांचे का नया रूप देते हुए, तीर्थाटन की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दी है। धामों के विकास से लोगों को मिल रहा रोजगार उत्तराखंड में पिछले चार वर्षों में सरकार के प्रचार और निवेश के कारण लगभग 25 करोड़ श्रद्धालु प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर पहुंचे हैं।बढ़ती तीर्थाटन संख्या ने स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर सृजित किए हैं। पंच केदार के प्रचार प्रसार के प्रयासों से तीर्थ यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। राज्य अलग लेकिन मुखियाओं की जन्मभूमि एक पुष्कर सिंह धामी कुमाउं मंडल में आने वाले पिथौरागढ़ जिले के टुंडी गांव से हैं। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से मानव संसाधन प्रबंधन और एलएलबी की पढ़ाई की और 2021 में प्रदेश के सीएम बन गए। तो वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जन्मभूमि भी उत्तराखंड ही है, वह गढ़वाल मंडल के पौड़ी गढ़वाल जिले के पंचुर गांव में जन्में हैं। उनकी पढ़ाई भी उत्तराखंड में ही हुई है, हालांकि संन्यास लेने के बाद वह गोरखनाथ मठ के महंत बन गए और अब दूसरी बार उत्तरप्रदेश के सीएम हैं।

हरियाणा-NCR में दिवाली से पहले पॉल्यूशन बढ़ा:गुरुग्राम में AQI 500 तक पहुंचा; मौसम खुश्क, 7 शहरों का तापमान 18 डिग्री से नीचे

हरियाणा-NCR में दिवाली से पहले पॉल्यूशन बढ़ा:गुरुग्राम में AQI 500 तक पहुंचा; मौसम खुश्क, 7 शहरों का तापमान 18 डिग्री से नीचे हरियाणा में दिवाली पर्व से पहले फिर पॉल्यूशन बढ़ने लगा है। सुबह के समय स्मॉग की हल्की चादर हरियाणा एनसीआर (नेशनल कैपिटल रिजन) में छाने लगी है। शनिवार को गुरुग्राम के सेक्टर 51 में AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 500 तक पहुंच गया। हालांकि गुरुग्राम का औसत एक्यूआई 258 रहा। गुरुग्राम हरियाणा के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक रहा। इसके अलावा बहादुरगढ़ और नारनौल में भी हवा की गुणवत्ता खराब क्षेणी में रही। वहीं उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने से हरियाणा में रात का तापमान लगातार गिर रहा है। सुबह के समय ठंडक महसूस हो रही है। हालांकि अभी दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। राज्य में नारनौल में न्यूनतम तापमान सबसे कम तापमान 16.0 डिग्री रहा। इसके अलावा हिसार में तापमान 17.7 और गुरुग्राम में 16.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। हरियाणा के 7 शहर ऐसे थे जहां तापमान 18 डिग्री से कम रहा। 22 अक्टूबर तक खुश्क रहेगा मौसम
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि हरियाणा राज्य में 22 अक्टूबर तक मौसम आमतौर पर खुश्क रहने की संभावना है। इस दौरान मौसम साफ रहने से दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस दौरान राज्य में अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 15 से 18 डिग्री सेल्सियस बना रहेगा। शनिवार को प्रदेश में नूंह सबसे गर्म जिला रहा जहां तापमान 34 डिग्री को पार कर गया। प्रदूषण के कारण एनसीआर में ग्रैप-1 लागू
वायु प्रदूषण से जंग में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के पहले चरण की पाबंदियां एनसीआर में तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्रदूषण फैलाने वाले कारणों को तुरंत रोका जाए। ग्रैप के पहले चरण में धूल नियंत्रण, खुले में कचरा जलाने पर रोक सहित वाहनों की जांच की जाती है। वाहनों की वजह से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए सड़कों पर पानी का छिड़काव और वाहनों की जांच की जाती है। एनसीआर में ग्रैप एक के लागू हुए 4 दिन बीत चुके हैं इसके बावजूद प्रदूषण बढ़ रहा है।

धर्मशाला में अधूरी स्ट्रीट लाइट पर 30 लाख खर्च:फिर भी नहीं जगमगा रही सड़कें, 24.92 करोड़ में दिया था 7000 स्ट्रीट लाइट का ठेका

धर्मशाला में अधूरी स्ट्रीट लाइट पर 30 लाख खर्च:फिर भी नहीं जगमगा रही सड़कें, 24.92 करोड़ में दिया था 7000 स्ट्रीट लाइट का ठेका आठ साल पहले देश की पहली स्मार्ट सिटी बनने का तमगा पाने वाली धर्मशाला आज भी अधूरी स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और खराब रोशनी की समस्या से जूझ रही है। नगर निगम द्वारा अधूरी एलईडी स्ट्रीट लाइट परियोजना में करोड़ों रुपए खर्च किए जाने के बावजूद शहर की कई गलियां अभी भी अंधेरे में हैं। आरटीआई कार्यकर्ता कुलतार चंद गुलेरिया ने नगर निगम से प्राप्त जानकारी के आधार पर खुलासा किया कि एलईडी लाइट्स की मरम्मत पर करीब 30 लाख रुपए खर्च किए गए, जबकि इन लाइटों का इंस्टालेशन काम अभी भी पूरा नहीं हुआ है। चार साल पहले एचपीएल इलेक्ट्रिकल एंड पावर लिमिटेड को 24.92 करोड़ रुपए की लागत से 7000 एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने का ठेका दिया गया था। इस योजना के तहत 17 वार्डों में नई लाइटें लगाई जानी थीं और 2280 पुरानी लाइटें बदलनी थीं। इनमें से कई लाइटें सेंसर से लैस ‘स्मार्ट लाइट्स’ भी थीं। लेकिन फिलहाल नगर के अधिकांश हिस्से अभी भी अंधेरे में हैं। तय समय पर पूरा नहीं किया गया कार्य नगर निगम की 14 जुलाई 2023 की बैठक में ठेकेदार को काम पूरा करने के लिए आखिरी मौका दिया गया था, लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी कार्य अधूरा है। स्मार्ट सिटी के जीएम इंजीनियर विशाल चौधरी ने स्वीकार किया कि बारिश के कारण लगभग 30 प्रतिशत लाइटें खराब हो गई हैं। उन्होंने बताया कि अभी केवल पांच वार्डों की लाइट क्वालिटी की जांच की गई है। वहीं ठेकेदार कंपनी के मैनेजर पारस ने कहा, “हमने इंस्टालेशन पूरा कर दिया था, लेकिन पिछले दो साल से नगर निगम ने मेंटिनेंस कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं किया। अब कंपनी रिपेयर नहीं करेगी।” स्थानीय लोगों ने इस मामले को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि जहां लाइटें अभी तक नहीं लगी हैं, वहां मरम्मत पर लाखों रुपए खर्च करना स्पष्ट वित्तीय अनियमितता है। आरटीआई कार्यकर्ता कुलतार गुलेरिया ने सवाल उठाया कि, जब काम अधूरा था तो मरम्मत का भुगतान किस आधार पर किया गया? यह सार्वजनिक धन की सीधी बर्बादी है। नगर निगम ने मेंटिनेंस कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं किया : पारस वहीं ठेकेदार कंपनी के मैनेजर पारस का कहना है कि हमने इंस्टालेशन पूरा कर दिया था, लेकिन पिछले दो साल से नगर निगम ने मेंटिनेंस कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं किया। अब कंपनी रिपेयर नहीं करेगी।”स्थानीय लोगों में इस पूरे मामले को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि जहां लाइटें लगी ही नहीं हैं, वहां मरम्मत पर लाखों खर्च करना स्पष्ट वित्तीय अनियमितता है। आरटीआई कार्यकर्ता कुलतार गुलेरिया ने सवाल उठाया- जब काम अधूरा था तो मरम्मत का भुगतान किस आधार पर हुआ? यह सार्वजनिक धन की सीधी बर्बादी है।

पंजाब DIG से चंडीगढ़ जेल में मिलने कोई नहीं पहुंचा:सब्जी-दाल खा रहे, लुधियाना में FIR, 3 जिलों के 8 पुलिस अधिकारी CBI के रडार पर

पंजाब DIG से चंडीगढ़ जेल में मिलने कोई नहीं पहुंचा:सब्जी-दाल खा रहे, लुधियाना में FIR, 3 जिलों के 8 पुलिस अधिकारी CBI के रडार पर पंजाब पुलिस के DIG हरचरण सिंह भुल्लर रिश्वत केस में चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल में बंद हैं। जेल सूत्रों के मुताबिक, अब तक उनसे मिलने के लिए कोई भी पारिवारिक सदस्य नहीं पहुंचा है। वे पूरा दिन जेल में ही रहते हैं और आम कैदियों की तरह ही खाना खा रहे हैं। भुल्लर रात में नीचे जमीन पर गद्दा बिछाकर एक तकिया और चादर के साथ सोते हैं। इधर, लुधियाना के समराला में डीआईजी के भुल्लर के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। CBI ने उनके बोंदली स्थित फार्महाउस पर छापा मारकर 2.89 लाख रुपए मूल्य की 108 शराब की बोतलें और 17 जिंदा कारतूस बरामद किए। मामला आबकारी अधिनियम की धाराओं 61, 1 और 14 के तहत दर्ज हुआ है। पुलिस अब आर्म्स एक्ट की धाराएं जोड़ने पर विचार कर रही है। 16 अक्टूबर को मंडी गोबिंदगढ़ के स्क्रैप कारोबारी आकाश बत्रा से आठ लाख रिश्वत लेते हुए पहले एजेंट कृष्नु को सेक्टर-21 से पकड़ा गया था। फिर सीबीआई ने साथ जाकर DIG को भी रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। आरोप है कि कृष्नु ही DIG को रिश्वत के लिए शिकार खोजकर देता था। वह DIG का प्राइवेट आदमी है। शुक्रवार को DIG और कृष्नु को चंडीगढ़ स्पेशल सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इसके साथ प्रदेश सरकार ने उन्हें सस्पेंड भी कर दिया है। 8 पुलिसकर्मियों से हो सकती है पूछताछ
माना जा रहा है कि जिस सुराग पर सीबीआई को सफलता मिली है, उस पर अब ईडी समेत अन्य एजेंसियों की भी नजर है। सीबीआई अपनी जांच का दायरा बढ़ाने की तैयारी में है। तीन जिलों में आठ पुलिस अधिकारियों से पूछताछ हो सकती है। नाश्ते में ब्रेड और चाय ली
सूत्रों के मुताबिक, भुल्लर को शुक्रवार शाम बुड़ैल जेल लाया गया था। उन्हें बैरक नंबर 7 में रखा गया है। रात के भोजन में उन्होंने सब्जी और रोटी खाई, जबकि शनिवार सुबह चाय और ब्रेड ली। दोपहर में दाल, चावल और दो रोटियां खाईं। रात के खाने में आलू की सब्जी व थोड़ा चावल लिया। जेल में पूछताछ का है प्रावधान, प्रोडक्शन वारंट पर भी ला सकती है CBI
CBI के पास हरचरण सिंह भुल्लर से पूछताछ के विकल्प मौजूद हैं। वह अदालत में अर्जी देकर आरोपी अफसर से पूछताछ के लिए जेल में जा सकते हैं। अदालती आदेश के अनुसार जेल में तय जगह पर पूछताछ की जा सकती है। उनके बयान दर्ज किए जा सकते हैं और सवाल जवाब की वीडियो भी हो सकती है। अगर CBI को लगता है कि उन्हें बाहर लाकर पूछताछ करनी है या किसी की शिनाख्त करवानी है तो उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर जेल से बाहर लाया जा सकता है। इसके लिए भी अदालत की तरफ से आदेश जारी किए जाने होते हैं। 3 जिलों के पुलिस अधिकारी रडार पर
रोपड़ रेंज के अधीन रूपनगर, मोहाली और फतेहगढ़ साहिब के जिले आते हैं। सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान बिचौलिए कृष्नु ने CBI को बताया है कि उसके घर से मिले 21 लाख रुपए भी हरचरण सिंह भुल्लर के ही थे। उसने कुछ डीएसपी के नाम भी बताए हैं, जो पैसे इकट्ठे करके देते थे। बताया जा रहा है कि इन तीन जिलों से आठ DSP सीबीआई की रडार पर हैं। उन्हें पूछताछ के लिए कभी भी बुलाया जा सकता है। यह भी सामने आया हैं कि कई अधिकारी तो चंडीगढ़ छोड़कर रात को पंजाब चले जाते हैं, ताकि CBI की जांच से बचा जा सके।

NCP नेता सिद्दीकी हत्याकांड मास्टरमाइंड जीशान का ऑडियो:बोला- पंजाब में युवाओं को मारा जा रहा, नेपाल‑लद्दाख की तरह प्रोटेस्ट हो

NCP नेता सिद्दीकी हत्याकांड मास्टरमाइंड जीशान का ऑडियो:बोला- पंजाब में युवाओं को मारा जा रहा, नेपाल‑लद्दाख की तरह प्रोटेस्ट हो मुंबई के एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी हत्याकांड का मास्टरमाइंड जीशान अख्तर उर्फ जस्सी पुरेवाल पाकिस्तानी आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा के संपर्क में है। जीशान इस वक्त कनाडा से रिंदा के लिए ऑपरेटिव के तौर पर काम कर रहा है। सोशल मीडिया पर सामने आई एक ऑडियो क्लिप में वह युवाओं को सांप्रदायिक नारेबाजी और जेन-Z जैसे प्रोटेस्ट करने के लिए सुनाई दिया। उसने नेपाल और लद्दाख में हुए प्रदर्शनों का हवाला देते हुए पंजाब में लोगों को सड़कों पर उतरने के लिए उकसाया। उसने कहा कि पंजाब में युवाओं को मारा जा रहा है। दैनिक भास्कर इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है। अब पढ़िए वीडियो में रिकॉर्डिंग में 3 बड़ी बातें… अब पढ़ें कौन है जीशान अख्तर और कैसे बना गैंगस्टर

हरियाणा IPS सुसाइड- परिवार के बयान दर्ज करेगी SIT:कमेटी ने 3 बड़े फैसले लिए; वर्ल्ड बैंक को लेटर लिख कहेंगे- सरकार को फंड न दें

हरियाणा IPS सुसाइड- परिवार के बयान दर्ज करेगी SIT:कमेटी ने 3 बड़े फैसले लिए; वर्ल्ड बैंक को लेटर लिख कहेंगे- सरकार को फंड न दें हरियाणा के सीनियर IPS अफसर वाई. पूरन कुमार सुसाइड केस में चंडीगढ़ पुलिस की SIT अब परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज करेगी। दिवाली के बाद SIT दिवंगत IPS की IAS पत्नी अमनीत पी. कुमार, उनकी दोनों बेटियों, साले और बठिंडा ग्रामीण से आम आदमी पार्टी के विधायक अमित रतन को नोटिस भेजकर बयान दर्ज करने के लिए बुला सकती है। हालांकि, SIT ने अभी तक इस बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। अभी तक पूरन कुमार की शोकसभा को लेकर कोई फैसला नहीं हो पाया है। शनिवार को 51 सदस्यीय कमेटी ने इस मुद्दे पर एक मीटिंग की। बैठक में 3 बड़े फैसले लिए गए: पहला, शोकसभा में 15,000 लोगों को बुलाया जाएगा। दूसरा, मामले की जांच के लिए एक अखिल भारतीय स्तर की कमेटी का गठन किया जाएगा और तीसरा वर्ल्ड बैंक को पत्र लिखकर सरकार को जाने वाले फंड को रोकने की मांग की जाएगी। अब डिटेल में पढ़िए कमेटी की मीटिंग में क्या फैसले हुए… 1. शोकसभा में सभी IAS-IPS अधिकारियों को बुलाएंगे
चंडीगढ़ के सेक्टर-20 स्थित रविदास मंदिर में हुई मीटिंग में तय किया गया कि IPS अफसर पूरन कुमार की शोकसभा का आयोजन भव्य किया जाएगा। इसमें प्रदेशभर से करीब 15 हजार लोगों को निमंत्रण भेजा जाएगा। कमेटी के लीगल एडवाइजर ओपी इंदल ने बताया कि हरियाणा के सभी IAS और IPS अधिकारियों को बुलाया जाएगा। परिवार से बातचीत के बाद शोकसभा की तारीख तय की जाएगी। 2. ऑल इंडिया लेवल पर कमेटी बनेगी
31 मेंबरी कमेटी ने यह भी तय किया कि इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर लेकर जाएंगे। इसके लिए ऑल इंडिया लेवल पर एक कमेटी का गठन किया जाएगा। इस कमेटी में राष्ट्रीय स्तर के समाज से जुड़े नेताओं को जोड़ा जाएगा। कमेटी इस मामले को लेकर कांग्रेस के नेता राहुल गांधी से भी दिल्ली जाकर मिलेगी। 3. वर्ल्ड बैंक को लेटर लिखकर फंड रोकने की मांग करेंगे
कमेटी के लीगल एडवाइजर और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट ओपी इंदल ने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर वर्ल्ड बैंक को भी लेटर लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार हमारे पैसे का इस्तेमाल हमारे समाज के खिलाफ ही कर रही है। ऐसे में कमेटी वर्ल्ड बैंक को लेटर लिखकर सरकार को दिए जाने वाले पैसे पर रोक लगाने और पहले दिए जा चुके पैसे को वापस लेने की मांग करेगी। लैपटॉप के डेटा ट्रांसफर की रिकॉर्डिंग होगी
कमेटी के लीगल एडवाइजर ओपी इंदल ने कहा कि हमने चंडीगढ़ कोर्ट से मांग की थी कि पूरन कुमार के लैपटॉप के डेटा को प्रिजर्व किया जाए। डेटा की ट्रांसफर प्रक्रिया के दौरान रिकॉर्डिंग की जाए, ताकि कोई छेड़छाड़ न हो सके। डिवाइस में पर्सनल जानकारी के साथ बच्चों की पढ़ाई से जुड़ा डेटा भी है। कोर्ट ने SIT को निर्देश दिए कि डेटा प्रिजर्वेशन और ट्रांसफर के दौरान पूरी प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग की जाए। SIT लैपटॉप की जांच कराना चाहती है
शनिवार को ही कोर्ट के आदेश पर परिवार ने SIT को पूरन कुमार का लैपटॉप सौंपने पर सहमति दी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, लैपटॉप के माध्यम से SIT यह जानना चाहती है कि क्या सुसाइड नोट इसी पर टाइप किया गया था। लैपटॉप पर मौजूद फिंगर प्रिंट से एसआईटी जानकारी जुटाना चाहती है। इसके अलावा, पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि क्या पूरन कुमार ने सुसाइड नोट कहीं बाहर से तो नहीं टाइप कराया था। —————————— ये खबर भी पढ़ें :- हरियाणा के IPS के गोली लगने से इंटरनल ऑर्गन फटे:नाक-कान से खून निकला; चंडीगढ़ कोर्ट का परिवार को आदेश- SIT को लैपटॉप सौंपें हरियाणा के IPS अफसर वाई. पूरन कुमार की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ गई है। चंडीगढ़ PGI की ओर से SIT को सौंपी गई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि गोली लगने से वाई. पूरन के इंटरनल ऑर्गन फट गए थे। नाक, कान और मुंह से खून निकलने के कारण उनकी मौत हो गई। रिपोर्ट मिलने के बाद अब पुलिस ने अपनी जांच और तेज कर दी है। पूरी खबर पढ़ें…

पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 पहलवान सरिता मोर करेंगी कमबैक:डिलीवरी के 9 दिन बाद ही फिटनेस पर फोकस, जल्द मैट पर उतरेंगी; मैरी कॉम प्रेरणा

पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 पहलवान सरिता मोर करेंगी कमबैक:डिलीवरी के 9 दिन बाद ही फिटनेस पर फोकस, जल्द मैट पर उतरेंगी; मैरी कॉम प्रेरणा हरियाणा के सोनीपत की पूर्व विश्व नंबर-1 रेसलर सरिता मोर जल्द ही मैट पर वापसी करना चाहती हैं। 7 अक्टूबर को ही उन्होंने बेटे को जन्म दिया। अभी बेटे का नामकरण नहीं हुआ है। एक सप्ताह बाद ही सरिता फिटनेस पर ध्यान देने लगी हैं। पति राहुल मान खुद इंटरनेशनल रेसलर व सरिता के कोच हैं। राहुल बताते हैं कि सरिता करीब 40 दिन रीति-रिवाज पूरे करने के बाद परिवार की सहमति से ट्रेनिंग शुरू करेंगी। सरिता कहती हैं- जब मैरी कॉम मां बनने के बाद बॉक्सिंग में 3 बार विश्व चैंपियन बन सकती हैं, तो मैं क्यों नहीं। 7 अक्टूबर को सरिता ने उन्होंने सोशल मीडिया पर बेटे के जन्म की जानकारी साझा करते हुए लिखा था- “नई जर्नी शुरू…वेलकम टू द वर्ल्ड, अवर बेबी ब्वाय। अब बेटे के जन्म के बाद सरिता एक नई जंग की तैयारी कर रही हैं- मैट पर वापसी की। पति राहुल मान ने दैनिक भास्कर एप से बातचीत में कहा- प्रसवोत्तर समय पूरा होने के बाद सरिता कुश्ती में दोबारा उतरेंगी। उनका लक्ष्य ओलिंपिक और वर्ल्ड चैंपियनशिप में देश के लिए पदक जीतना है। अब जानिए…फिटनेस के लिए क्या कर रहीं सरिता मोर डाइट प्लान फॉलो कर रहीं, पंजीरी-गूंद के लड्डू पर कंट्रोल: हरियाणा में प्रसव के बाद के 40 दिनों को सूतक या चालीसा कहते हैं। इन दिनों में आमतौर पर प्रसूता को खूब घी-मेवे-पंजीरी खिलाई जाती है। जिससे आमतौर पर महिलाओं का वजन बढ़ जाता है। सरिता ऐसा टाइट प्लान फॉलो कर रही हैं कि ज्यादा वजन न बढ़े। पति राहुल खुद इसका ध्यान रख रहे हैं। राहुल ने बताया कि वेट ना बढ़े इसके लिए डायटीशियन की ओर से दिया गया डाइट चार्ज फॉलो किया जा रहा है। डिलीवरी के बाद खाने में पंजीरी व गूंद के लड्‌डू का प्रयोग नाम मात्र ही किया जा रहा है। गीता फोगाट ने बेटे के जन्म के बाद कमबैक किया, 30 किलो वजन घटाया
राहुल बताते हैं कि कॉमनवेल्थ में देश की पहली गोल्ड मेडल विजेता रेसलर गीता फोगाट ने भी वर्ष 2021 में बेटे के जन्म के बाद खेल में कमबैक किया था। गोंडा में हुई नेशनल प्रतियोगिता में रजत पदक जीता था। उन्होंने बताया कि गीता को इस प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में सरिता ने ही हराया था। वहीं, गीता ने 30 किलोग्राम से ज्यादा वजन तोड़कर 59 केजी वेट कैटेगरी में कमबैक करते हुए रजत पदक जीता था। वैसे मां बनने के बाद सबसे अच्छा कमबैक बॉक्सर मैरी कॉम ने किया था। 2014 एशियाई खेल में मैरी कॉम ने बच्चे के जन्म के बाद दो साल की छुट्‌टी के बाद वापसी करते हुए एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता। अब पढ़िए….सरिता के वैवाहिक जीवन से मां बनने तक का सफर बेटे के जन्म पर सरिता ने लगातार दो पोस्ट साझा की थी
बेटे के जन्म पर सरिता मोर ने फेसबुक पर दो पोस्ट साझा की थी। एक पोस्ट में लिखा, विद ब्लेसिंग्स ऑफ गॉड एंड विश ऑफ यू ऑल, वी हैव बीन बलेस्ड बाई ए बेबी ब्वाय। ए न्यू जर्नी बिगिन्स,फिल्ड विद टिनी फीट एंड एंडलैस लव, वेलकम टू द वर्ल्ड, अवर बेबी ब्वाय। वहीं दूसरी पोस्ट में उन्होंने संस्कृत का एक श्लोक साझा किया, जिसमें लिखा है- ओइम कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः ​​​​​। प्रेग्नेंसी के वक्त सरिता ने फेसबुक पर की थी पोस्ट
प्रेग्नेंसी के दौरान भी सरिता ने दो पोस्ट की थी। एक पोस्ट में लिखा था कि ताकत रुकती नहीं, बल्कि रूपांतरित होती है। कुश्ती के मैदान से लेकर मातृत्व के सफर तक, हर पड़ाव एक जंग है, हर कदम एक जीत। कभी कुश्ती में दुनिया की नंबर 1 खिलाड़ी रही, आज मैं मां बनने के बाद अब तक की सबसे खूबसूरत चैंपियनशिप की तैयारी कर रही हूँ।दूसरी पोस्ट में लिखा था- हर चैंपियन के पीछे कोई न कोई ऐसा होता है जो विश्वास करता है, साथ देता है और आगे बढ़ाता है। मैट पर और मैट के बाहर, दोनों जगह मेरी ताकत बनने के लिए शुक्रिया। यह सफर हमारा है। कबड्डी प्लेयर से अंतरराष्ट्रीय पहलवान बनने का सफर…

फरीदाबाद में प्रॉपर्टी डीलर के सुसाइड में खुलासा:14वीं मंजिल से कूदने से पहले सुसाइड नोट फेसबुक पर डाला, बेटे ने देखकर कई फोन किए

फरीदाबाद में प्रॉपर्टी डीलर के सुसाइड में खुलासा:14वीं मंजिल से कूदने से पहले सुसाइड नोट फेसबुक पर डाला, बेटे ने देखकर कई फोन किए हरियाणा के फरीदाबाद में प्रॉपर्टी डीलर के सुसाइड केस में खुलासा हुआ है। राजकुमार ने शनिवार को अवदित्य सोसाइटी की 14वीं मंजिल से कूदकर जान देने से पहले फेसबुक पर सुसाइड नोट अपलोड किया था। बेटे ने फेसबुक पर पिता का सुसाइड नोट देखकर उन्हें कई कॉल किए, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। कुछ देर बाद परिवार को सूचना मिली कि राजकुमार ने सुसाइड कर लिया है। सुसाइड नोट में उसने पार्टनर समेत कई लोगों पर 8 करोड़ रुपए हड़पने का आरोप लगाया है। राजकुमार के बेटे ने सेक्टर-58 थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। राजकुमार के बेटे की घटना पर 2 बातें… 2 दिन से दोस्त के फ्लैट पर थे
आदित्य ने बताया कि पिता राजकुमार पिछले 2 दिनों से सीकरी स्थित अवदित्य सोसाइटी में अपने दोस्त दिनेश के साथ रह रहे थे। शनिवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे वह पार्क में घूमकर आए थे। कुछ समय वह फ्लैट में रहे। इसके बाद उन्होंने 14वीं मंजिल से छलांग लगा दी। नीचे वह कार की छत पर आकर गिरे, जिसमें उसकी मौत हो गई। पुलिस परेशान कर रही थी
आदित्य ने आगे कहा कि पिछले कुछ समय से पापा पैसों को लेकर परेशान चल रहे थे। उन्होंने मुझे कभी अपनी परेशानियों के बारे में नहीं बताया। कुछ लोग पापा पर और पैसे देने का दबाव बना रहे थे। इसे लेकर पुलिस के द्वारा हमें बार-बार थाने बुलाकर परेशान किया जा रहा था। सुसाइड नोट में राजकुमार ने क्या आरोप लगाए…. राजकुमार के सुसाइड नोट की कॉपी…

SI ने हेड कॉन्स्टेबल को हाथ पकड़ धकेला, VIDEO:कैथल में सिंगर बब्बू मान के मंच पर घटना; समर्थकों को सेल्फी दे रहा था HC

SI ने हेड कॉन्स्टेबल को हाथ पकड़ धकेला, VIDEO:कैथल में सिंगर बब्बू मान के मंच पर घटना; समर्थकों को सेल्फी दे रहा था HC पहले IPS फिर 2 ASI के सुसाइड केसों की वजह से हरियाणा पुलिस सुर्खियों में चल रही है। अब एक वायरल वीडियो से कॉन्ट्रोवर्सी बढ़ती दिख रही है। इसमें पुलिस के सब इंस्पेक्टर राजकुमार राणा पंजाबी सिंगर बब्बू मान के मंच से हेड कॉन्स्टेबल सुनील संधू का हाथ पकड़कर धकेलते दिख रहे हैं। वीडियो कैथल की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी में हुए कार्यक्रम का है। ये कार्यक्रम 16 अक्टूबर शाम को था। बताया जा रहा है कि रात 10 बजे के बाद भी कार्यक्रम चला और माहौल कुछ बिगड़ता दिखा तो पुलिस ने इस कार्यक्रम को रुकवा दिया। जिसके बाद बब्बू मान निकल गए। कार्यक्रम रुकवाने में भी राजकुमार राणा (अब इंस्पेक्टर प्रमोट हो गए) की भूमिका थी। यह वीडियो बब्बू मान के जाने के बाद का बताया जा रहा है। अब जानिए…वीडियो में क्या दिख रहा
वायरल वीडियो में दिख रहा है कि हेड कॉन्स्टेबल सुनील संधू वर्दी में ही मंच पर हैं। उनके साथ कुछ युवा समर्थक सेल्फी ले रहे हैं। तभी अचानक SI राजकुमार राणा पीछे से आते हैं और संधू की बाजू पकड़ कर कहते हैं- परा न जाकै करवा ले (दूसरी तरफ जाकर करवा लो)। उस समय हेड कॉन्स्टेबल सुनील ने SI राजकुमार की इस हरकत का कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद हेड कॉन्स्टेबल सुनील संधू स्टेज से नीचे साइड में आकर खड़े हो गए। वहां पर उनके समर्थकों की भीड़ जुट गई और सेल्फी लेने लगे। उस वक्त भी यह चर्चा रही कि वह पुलिसकर्मी कौन था, जो वहां पर सेल्फी लेने नहीं दे रहा था। वीडियो में युवा कह रहे हैं कि भाई सुनील संधू ने पैसा नहीं कमाया, ये भाईचारा कमाया है, प्यार कमाया है। उनके नाम के नारे भी लगाए। युवा बोले- सुनील हर गरीब की मदद को आगे रहता है
वीडियो में कुछ युवा यह भी कह रहे हैं कि बब्बू मान के साथ सेल्फी नहीं ली। सुनील संधू के एक अच्छा आदमी है और हर समाज के लिए तैयार रहता है। कई गरीब बहनों की शादी करवा चुका है और कई बहनों के भात भर चुका है। तभी इनके साथ सेल्फी ले रहे हैं। हर गरीब की मदद को आगे तैयार रहते हैं। सुनील संधू की विवाद के बाद पोस्ट कॉन्स्टेबल सिंधू ने FB क्या पोस्ट की… संधू बोले- SI की स्टेज पर ड्यूटी नहीं थी
फेसबुक पर डाली गई पोस्ट पर पक्ष जानने के लिए दैनिक भास्कर एप ने हेड कॉन्स्टेबल सुनील संधू से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि यह गलत हरकत थी। उस एसआई राजकुमार की ड्यूटी वहां स्टेज पर ही नहीं थी, जबकि कार्यक्रम खत्म हो गया था। इसके बाद ऐसा करना ठीक नहीं। ड्यूटी से आज शनिवार शाम को ही वापस आया हूं। सोमवार को कैथल SP से मिलूंगा और इस हरकत की SI राजकुमार के खिलाफ कार्रवाई के लिए एप्लिकेशन सौंपूगा। SI पहले भी व्यवहार से विवादों में रहा
सुनील संधू का कहना है कि उस वक्त SI राजकुमार की बब्बू मान के स्टेज पर ड्यूटी ही नहीं थी। कार्यक्रम से पहले पुलिस अधिकारी ने अनाउंसमेंट की थी कि बब्बू मान की टीम के अलावा मंच पर कोई नहीं रहेगा। जब कार्यक्रम खत्म हुआ तो कुछ युवा उनके साथ सेल्फी लेने लगे। तभी वह पीछे से आ गया। मुझे पता ही नहीं चला। SI पहले भी ऐसे व्यवहार से विवादों में रहा है। अब जानिए इंस्पेक्टर राणा ने आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी… कैसे सिंगर बब्बू मान का शोक बीच में रुकवाना पड़ा
दरअसल, 16 अक्टूबर को प्राइवेट यूनिवर्सिटी में पंजाबी सिंगर बब्बू मान का कार्यक्रम था। हालांकि पास से ही एंट्री थी, लेकिन काफी भीड़ जुट गई। शाम ढलते-ढलते यूनिवर्सिटी में माहौल बिगड़ने लगा। युवा बेकाबू होने लगे थे। ऐसे में झगड़े की आशंका थी। इसलिए पुलिस ने शो को बीच में ही रुकवा दिया। सिंगर बब्बू मान को भी बीच में शो छोड़कर मंच छोड़कर निकलना पड़ा था।

उत्तराखंड: अधिकारियों ने सरकारी पैसों पर रखे निजी कुक, 34 महीने तक चला ‘किचन कनेक्शन’

उत्तराखंड: अधिकारियों ने सरकारी पैसों पर रखे निजी कुक, 34 महीने तक चला ‘किचन कनेक्शन’ <p style=”text-align: justify;”>उत्तराखंड वन विकास निगम (UFD) एक बार फिर विवादों में घिर गया है. इस बार मामला वित्तीय अनियमितता और नियमों की खुली अवहेलना से जुड़ा है. ताजा खुलासे में सामने आया है कि निगम के 46 अधिकारियों ने बिना शासन की अनुमति के अपने घरों में निजी कुक (रसोइया) रख लिए और उनकी तनख्वाह सरकारी खाते से दी जाती रही. यह सिलसिला पूरे 34 महीने तक चलता रहा, जिससे निगम के बजट पर करीब ढाई करोड़ रुपये का बोझ पड़ा.</p>
<p style=”text-align: justify;”>सूत्रों के अनुसार, जब ऑडिट टीम ने इन अधिकारियों से नियुक्तियों का ब्योरा मांगा, तब यह पूरा मामला सामने आया. जांच में पाया गया कि 36 प्रभागीय लौंगिक अधिकारी, 4 क्षेत्रीय प्रबंधक, 4 प्रशासनिक अधिकारी, 1 मुख्य लेखाधिकारी और 1 ईपीएफ लेखाधिकारी ने अपने घरों में आउटसोर्सिंग के जरिए कुक नियुक्त किए थे. प्रत्येक कुक को हर महीने 17,000 रुपये मानदेय दिया जा रहा था. कुल मिलाकर हर महीने करीब 8 लाख रुपये का भुगतान निगम के सरकारी फंड से किया जा रहा था.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>निगम कर रहा नियमों की खुली अनदेखी</h3>
<p style=”text-align: justify;”>दिलचस्प यह है कि मई 2022 में निगम ने नई सेवा नियमावली लागू की थी, जिसमें कुक रखने का प्रावधान समाप्त कर दिया गया था. इसके बावजूद अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी करते हुए अपने निजी कुकों की सेवाएं जारी रखीं. ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल 2025 तक ये भुगतान नियमित रूप से होते रहे. जब वित्तीय जांच का दबाव बढ़ा, तभी जाकर इन सेवाओं को समाप्त किया गया.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>अधिकारी रिश्तेदारों के नाम पर कर रहे थे भुगतान?</h3>
<p style=”text-align: justify;”>ऑडिट के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ अधिकारियों ने अपने ही रिश्तेदारों के नाम पर कुक की नियुक्ति दिखाकर वेतन का भुगतान कराया. इस खुलासे ने निगम के अंदर जवाबदेही और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>कर्मचारी संघ ने जताई नाराजगी</h3>
<p style=”text-align: justify;”>वन निगम कर्मचारी संघ के महामंत्री प्रेम सिंह चौहान और संयुक्त मंत्री कीर्ति सिंह नेगी ने इसे निगम की कार्यसंस्कृति पर कलंक बताया. उनका कहना है कि यह सिर्फ वित्तीय अनियमितता नहीं, बल्कि सिस्टम में जड़ जमा चुकी गैर-जवाबदेही का उदाहरण है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>सरकार ने दिए जांच के आदेश</h3>
<p style=”text-align: justify;”>वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों से वित्तीय रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी. वहीं, प्रिंसिपल सेक्रेट्री फॉरेस्ट आर.के. सुधांशु ने बताया कि इस विषय पर निगम के एमडी से बात की जाएगी और विस्तृत जांच के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.</p>
<p style=”text-align: justify;”>इस बीच, जब मीडिया ने वन निगम की एमडी नीना ग्रेवाल से संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने फोन नहीं उठाया. अब बड़ा सवाल यह है कि तीन साल तक यह भ्रष्टाचार निगम की नजरों से कैसे बचा रहा और आखिर इतनी देर तक किसी ने इसकी जांच की मांग क्यों नहीं की है.</p>