Punjab में ‘खेल क्रांति’ से बड़ा बदलाव: International Hockey Tournament की मेजबानी के साथ राज्य बना Sports Hub

Punjab में ‘खेल क्रांति’ से बड़ा बदलाव: International Hockey Tournament की मेजबानी के साथ राज्य बना Sports Hub

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपनी सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित ‘शानदार चार साल, भगवंत मान दे नाल’ कार्यक्रम में खेल विभाग का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कहा कि राज्य में शुरू की गई ‘खेल क्रांति’ ने पंजाब की खेल व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाया है। उन्होंने दावा किया कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए गए निवेश, नई नीतियों और खेल बुनियादी ढांचे के विस्तार के कारण पंजाब एक बार फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब का खेलों, विशेषकर हॉकी, एथलेटिक्स और क्रिकेट में गौरवशाली इतिहास रहा है। लंबे समय तक देश को अनेक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी देने के बावजूद राज्य को बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की मेजबानी का अवसर नहीं मिल पाया था। अब सरकार के प्रयासों से यह स्थिति बदल रही है और पंजाब वैश्विक खेल आयोजनों की मेजबानी करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

पहली बार पंजाब में होगा हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि पहली बार पंजाब को हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी का अवसर मिला है। यह टूर्नामेंट अक्टूबर-नवंबर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें एशिया की छह शीर्ष हॉकी टीमें हिस्सा लेंगी।

उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में भारत, पाकिस्तान, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया और चीन की राष्ट्रीय टीमें भाग लेंगी। यह आयोजन मोहाली स्थित बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम और जालंधर के सुरजीत हॉकी स्टेडियम में होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं होगा, बल्कि पंजाब की समृद्ध संस्कृति को भी दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा। मैचों के दौरान दर्शकों के लिए भांगड़ा, गिद्धा और अन्य पंजाबी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाएगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले खिलाड़ियों और दर्शकों को पंजाब की सांस्कृतिक विरासत से भी परिचित होने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि हॉकी में शानदार इतिहास होने के बावजूद पंजाब को पहले कभी इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी नहीं मिली थी। ऐसे में यह उपलब्धि राज्य के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है।

लगभग चार दशक बाद राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप की मेजबानी

मुख्यमंत्री ने बताया कि हॉकी के अलावा पंजाब को लगभग 40 वर्षों बाद राष्ट्रीय बैडमिंटन अंडर-13 चैंपियनशिप की मेजबानी भी मिली है। यह प्रतियोगिता जालंधर में आयोजित होगी, जिसमें देशभर से युवा खिलाड़ी भाग लेंगे।

उन्होंने कहा कि इस आयोजन से राज्य में बैडमिंटन जैसी व्यक्तिगत खेल प्रतियोगिताओं को भी नई पहचान मिलेगी और युवा खिलाड़ियों को उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं का अनुभव अपने ही राज्य में प्राप्त होगा।

खेल बजट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी का दावा

भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार ने खेलों को प्राथमिकता देते हुए बजट में अभूतपूर्व वृद्धि की है। उनके अनुसार पहले जहां खेल विभाग का बजट लगभग 350 करोड़ रुपये था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 1,791 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि यह देश के विभिन्न राज्यों की तुलना में सबसे अधिक खेल बजट में से एक है। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त बजट का उपयोग खेल सुविधाओं के विस्तार, खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षकों की नियुक्ति और आधुनिक खेल उपकरण उपलब्ध कराने में किया जा रहा है।

कोचों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले राज्य में लगभग 500 कोच कार्यरत थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 2,458 हो गई है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में नए प्रशिक्षकों की नियुक्ति की गई है, जिनमें कई पूर्व राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि अनुभवी खिलाड़ियों को कोचिंग व्यवस्था से जोड़ने का उद्देश्य नई पीढ़ी को बेहतर प्रशिक्षण देना और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी सुनिश्चित करना है।

खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता और पुरस्कार

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार खिलाड़ियों को केवल प्रशिक्षण ही नहीं बल्कि आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करा रही है।

उन्होंने बताया कि—

  • ओलंपिक की तैयारी करने वाले खिलाड़ियों को 15 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है।
  • एशियाई खेलों की तैयारी के लिए 8 लाख रुपये तक का वित्तीय सहयोग दिया जा रहा है।
  • ओलंपिक, पैरा ओलंपिक और एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को एक-एक करोड़ रुपये तक का पुरस्कार दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान खिलाड़ियों को लगभग 100 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की जा चुकी है। इसके अलावा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कई खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां भी प्रदान की गई हैं।

‘खेड़ां वतन पंजाब दीयां’ से गांव-गांव तक पहुंचा खेल अभियान

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्रमुख योजना ‘खेड़ां वतन पंजाब दीयां’ के माध्यम से खेल संस्कृति को गांव और कस्बों तक पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि योजना शुरू होने के समय इसमें लगभग डेढ़ लाख खिलाड़ी भाग लेते थे, जबकि अब प्रतिभागियों की संख्या बढ़कर पांच लाख के करीब पहुंच चुकी है।

उन्होंने कहा कि हर वर्ष हजारों खिलाड़ियों को विभिन्न प्रतियोगिताओं में पदक, ट्रॉफी और नकद पुरस्कार दिए जाते हैं, जिससे युवाओं का खेलों के प्रति उत्साह लगातार बढ़ रहा है।

खेल मैदानों और जिम का हो रहा आधुनिकीकरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए पूरे राज्य में बड़े स्तर पर बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि—

  • लगभग 3,100 खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं।
  • 3,000 जिम को आधुनिक मशीनों और उपकरणों से सुसज्जित किया जा रहा है।
  • खिलाड़ियों को अब तक 17,000 खेल किट वितरित की जा चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को भी शहरों जैसी आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

खिलाड़ियों के खान-पान और फिटनेस पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि खिलाड़ियों की बेहतर तैयारी के लिए डाइट अलाउंस बढ़ाकर 480 रुपये प्रतिदिन किया गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य के 13 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खिलाड़ियों को बेहतर पोषण, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और फिटनेस सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।

खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाया जा रहा

भगवंत मान ने बताया कि राज्य में कई प्रमुख खेल परिसरों का आधुनिकीकरण किया गया है।

उन्होंने कहा कि—

  • मोहाली, बठिंडा और लुधियाना में हॉकी एस्ट्रोटर्फ बदल गई है।
  • मोहाली में नया सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक तैयार किया गया है।
  • विभिन्न जिलों में खेल परिसरों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भविष्य में और भी खेल परिसरों का उन्नयन किया जाएगा ताकि पंजाब बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार हो सके।

स्पोर्ट्स मेडिसिन पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक खेलों में खिलाड़ियों की फिटनेस और चिकित्सा सुविधाएं बेहद महत्वपूर्ण हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने स्पोर्ट्स मेडिसिन को मजबूत करने के लिए 113 नए पद सृजित किए हैं।

इन पदों पर डॉक्टरों, फिजियोथेरेपिस्ट और अन्य विशेषज्ञों की नियुक्ति की जा रही है, जिन्हें राज्य के प्रमुख खेल केंद्रों और शहरों में तैनात किया जाएगा। इससे खिलाड़ियों को चोट लगने की स्थिति में बेहतर उपचार और वैज्ञानिक पुनर्वास सुविधाएं मिल सकेंगी।

पंजाब की खेल विरासत का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की पहचान हमेशा से खेलों के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में रही है। उन्होंने कहा कि राज्य ने देश को कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं जिन्होंने विश्व स्तर पर भारत का नाम रोशन किया।

उन्होंने भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह, क्रिकेटर शुभमन गिल, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर, फुटबॉलर गुरप्रीत सिंह संधू और तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह सहित कई खिलाड़ियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब लगातार देश को विश्वस्तरीय खिलाड़ी देता रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय हॉकी के इतिहास में पंजाब का योगदान सबसे महत्वपूर्ण रहा है और 50 से अधिक पंजाबी खिलाड़ियों ने ओलंपिक पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। कई खिलाड़ियों ने भारतीय टीम की कप्तानी भी की है।

हर साल चार देशों का हॉकी टूर्नामेंट कराने की योजना

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार भविष्य में पंजाब में चार देशों की अंतरराष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता आयोजित करने की योजना पर भी काम कर रही है। उनका कहना था कि नियमित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से राज्य के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय मुकाबलों का अनुभव मिलेगा और पंजाब की पहचान एक प्रमुख खेल केंद्र के रूप में और मजबूत होगी।

उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से खेल पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और युवाओं में खेलों के प्रति रुचि भी बढ़ेगी।

खेलों को बताया नशे के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा देने का भी प्रभावी साधन हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने के लिए खेलों को बढ़ावा देना सबसे प्रभावी उपायों में से एक है।

उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं, प्रशिक्षक और प्रतियोगिताएं उपलब्ध कराई जाएं तो उनकी ऊर्जा सही दिशा में लगेगी और वे अपने करियर के साथ-साथ राज्य और देश का नाम भी रोशन करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य पंजाब को केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक प्रमुख स्पोर्ट्स हब के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए खेल बुनियादी ढांचे का विस्तार, खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी जैसे सभी क्षेत्रों में लगातार काम किया जा रहा है।

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