रामपुर में दिवाली पर सिर्फ 17 जगह मिलेंगे पटाखे:बिक्री के लिए 85 दुकानदारों को लाइसेंस जारी, 20 अक्टूबर तक मान्य रहेंगे

रामपुर में दिवाली पर सिर्फ 17 जगह मिलेंगे पटाखे:बिक्री के लिए 85 दुकानदारों को लाइसेंस जारी, 20 अक्टूबर तक मान्य रहेंगे रामपुर उपमंडल में दीपावली के अवसर पर जन सुरक्षा और आगजनी की घटनाओं के रोकथाम के लिए 85 अस्थायी पटाखा लाइसेंस जारी किए गए हैं। इन लाइसेंसों के तहत पटाखों की बिक्री केवल 17 अधिकृत स्थलों पर ही की जा सकेगी। ये अस्थायी लाइसेंस 20 अक्टूबर तक मान्य रहेंगे। एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंदर सिंह नेगी ने बताया कि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए विक्रेताओं को निर्धारित स्थानों पर ही बिक्री की अनुमति होगी। इन जगहों पर मिलेंगे पटाखे अधिकृत पटाखा विक्रय स्थलों में हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग स्टोर/टैरेस (चौधरी अड्डा के पास), डकोलर, नोगली, निरसु, दत्तनगर, भद्रास, निरथ, चूआबाग, खनेरी, पदम नगर, झाकड़ी बस स्टैंड, ननखरी बस स्टैंड, तकलेच बस स्टैंड, मेमोरियल मैदान ज्यूरी, बोंडा, घराट और सराहन (बस स्टैंड के पास) शामिल हैं। सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद दीपावली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभिन्न विभागों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसका उद्देश्य भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता सुनिश्चित करना है। अग्निशमन विभाग को सभी विक्रय स्थलों पर फायर टेंडर और आवश्यक उपकरण सुनिश्चित करने तथा आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। अवैध पटाखा बिक्री पर रहेगी पुलिस की नजर पुलिस विभाग भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और अवैध पटाखा बिक्री की निगरानी करेगा। स्वास्थ्य विभाग नजदीकी स्वास्थ्य संस्थानों में आकस्मिक चिकित्सा सहायता दल तैनात करेगा।विद्युत विभाग सुरक्षित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेगा और ढीले तारों की जांच करेगा। जल शक्ति विभाग को आपात स्थिति के लिए पर्याप्त जल भंडारण बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। वन विभाग भी अलर्ट पर वन विभाग जंगलों और ज्वलनशील क्षेत्रों के पास पटाखों के दुरुपयोग पर कड़ी निगरानी रखेगा।राजस्व विभाग लाइसेंस की शर्तों की जांच करेगा और विक्रय स्थलों पर समन्वय स्थापित करेगा। होम गार्ड्स पुलिस के साथ सुरक्षा और निगरानी में सहयोग करेंगे। नगर परिषद और ग्राम पंचायतें विक्रय स्थलों की स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन के लिए जिम्मेदार होंगी। प्रत्येक क्षेत्र में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो लाइसेंसधारी दुकानों की जांच करेंगे और अग्निशमन दल के साथ समन्वय स्थापित करेंगे।

मंडी में तेज रफ्तार कार ने मारी छात्रा को टक्कर:कर रही थी सड़क पार, ड्राइवर ने अपनी गलती स्वीकार कर मांगी माफी

मंडी में तेज रफ्तार कार ने मारी छात्रा को टक्कर:कर रही थी सड़क पार, ड्राइवर ने अपनी गलती स्वीकार कर मांगी माफी मंडी जिले के चैल चौक बाजार में एक तेज रफ्तार कार ने स्कूली छात्रा को टक्कर मार दी, जिससे वह घायल हो गई। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज रविवार को सामने आया और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। घायल छात्रा की पहचान वैष्णवी(पुत्री यशु सोनी निवासी गांव टील्ली के रुप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, एक निजी विश्वविद्यालय का छात्र तेज रफ्तार कार में तेज संगीत बजाते हुए चैल चौक बाजार से गुजर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि चालक ने कार से नियंत्रण खो दिया और सड़क पार कर रही छात्रा वैष्णवी को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से वैष्णवी सड़क पर गिर गई और उसे अंदरूनी चोटें आईं। दोनों पक्षों में हुआ आपसी समझौता घटना के तुरंत बाद, वैष्णवी के पिता, जो चैलचौक बाजार में ज्वेलरी की दुकान चलाते हैं, उसे उपचार के लिए नेरचौक मेडिकल कॉलेज ले गए। कार चालक भी उनके साथ अस्पताल गया, लेकिन कुछ समय बाद वह वहां से फरार हो गया। इसके बाद छात्रा के पिता ने कार चालक के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद, कार चालक ने अपनी गलती स्वीकार कर ली और माफी मांगी, जिसके बाद मामला आपसी समझौते से सुलझा लिया गया। वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि छात्रा सड़क के एक किनारे पर खड़ी थी। जैसे ही वह दौड़कर सड़क पार करने की कोशिश करती है, वह तेज रफ्तार कार की चपेट में आ जाती है।

हिमाचल में 21 अक्टूबर से बदलेगा मौसम:ऊंचे इलाकों में बर्फबारी के आसार, मैदानी क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप बढ़ा

हिमाचल में 21 अक्टूबर से बदलेगा मौसम:ऊंचे इलाकों में बर्फबारी के आसार, मैदानी क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप बढ़ा हिमाचल प्रदेश में बीते एक सप्ताह से मौसम पूरी तरह साफ बना हुआ है, जिसके कारण प्रदेश में सूखी ठंड का असर देखा जा रहा है। हालांकि मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 21 और 22 अक्टूबर को अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम करवट ले सकता है और बर्फबारी की संभावना है। वहीं प्रदेश के मैदानी इलाकों में रातें ठंडी हो रही हैं।
शिमला का न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.1 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 15 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं ऊना, हमीरपुर, मंडी और कांगड़ा जैसे मैदानी इलाकों का तापमान शिमला से कम रहा, जिससे वहां अधिक ठंड महसूस की गई। वहीं आज सुबह मंडी, बिलासपुर और हमीरपुर जिलों के कुछ क्षेत्रों में घना कोहरा छाया रहा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने इन तीनों जिलों के लिए कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया था। मैदानी इलाकों में रात के तापमान में गिरावट मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में मैदानी इलाकों में रात के तापमान में हल्की गिरावट आने की संभावना है, जबकि दिन का तापमान सामान्य बना रहेगा। वर्तमान में न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक चल रहा है। 21 और 22 अक्टूबर को बिगड़ेगा मौसम पहाड़ों से चलने वाली ठंडी हवाओं के कारण मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ रही है, और यह तब तक जारी रहेगी, जब तक पहाड़ों पर अच्छी बारिश या बर्फबारी नहीं होती। हालांकि, 21 और 22 अक्टूबर को किन्नौर, लाहौल-स्पीति और चंबा के अधिक ऊंचाई वाले कुछ क्षेत्रों में मौसम खराब हो सकता है और हल्का हिमपात होने की संभावना है। इस दौरान निचले और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम साफ बना रहेगा।

रामपुर लवी मेले में दिखेगी स्पीति घोड़ों की दौड़:एक से तीन नवंबर लगेगी अश्व प्रदर्शनी. 11 से 14 तक आयोजित होगा अंतरराष्ट्रीय मेला

रामपुर लवी मेले में दिखेगी स्पीति घोड़ों की दौड़:एक से तीन नवंबर लगेगी अश्व प्रदर्शनी. 11 से 14 तक आयोजित होगा अंतरराष्ट्रीय मेला अंतर्राष्ट्रीय लवी मेले के उपलक्ष्य में इस वर्ष एक से तीन नवंबर तक अश्व प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इसमें उन्नत नस्ल के घोड़ों की दौड़ भी देखने को मिलेगी। प्रशासन ने लवी मेले में लगने वाली अस्थाई दुकानों को देखते हुए प्रदर्शनी लगाने का निर्णय लिया है। रामपुर व्यापारिक व ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण है। यहां का अंतर्राष्ट्रीय लवी मेला इस साल 11 से 14 नवंबर तक आयोजित हो रहा है। यह मेला न केवल रोजमर्रा के सामान के व्यापार का केंद्र है, बल्कि पशु व्यापार, विशेषकर स्पीति नस्ल के घोड़ों के लिए भी प्रसिद्ध है। अश्व प्रदर्शनी में क्या होगा अश्व प्रदर्शनी के दौरान कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 1 नवंबर को पशुपालन विभाग द्वारा घोड़ों का पंजीकरण किया जाएगा। 2 नवंबर को अश्वपालकों के लिए उन्नत प्रजनन तकनीक और पशुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए गोष्ठी का आयोजन होगा। 3 नवंबर को उत्तम घोड़ों का चयन, 400 मीटर और 800 मीटर की रोमांचक घुड़दौड़, तथा गुब्बारा फोड़ प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। स्पीति घोड़ों को क्यों कहते हैं शीत मरुस्थल का जहाज स्पीति घोड़े मजबूत कद-काठी, भारी बर्फ में चलने और ऊंचाई पर कार्य करने की योग्यता के लिए जाने जाते हैं। इन्हें “शीत मरुस्थल का जहाज़” भी कहा जाता है। मूल रूप से तिब्बत के पठार में उत्पन्न होने वाले ये घोड़े बाद में व्यापारियों द्वारा लाहौल-स्पीति और किन्नौर के दुर्गम क्षेत्रों में लाए गए थे। वर्तमान में ये मुख्यतः स्पीति घाटी की पिन वैली और किन्नौर जिले की भाबा वैली में पाए जाते हैं। उत्तराखंड से भी आते हैं व्यापारी प्रदर्शनी के समापन पर मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कार वितरण समारोह होगा। पशुपालन विभाग द्वारा अश्व प्रदर्शनी में भाग लेने वाले सभी घोड़ों को निःशुल्क चारा और दाना प्रदान किया जाएगा। यह मेला कुल्लू, मंडी, उत्तराखंड और अन्य क्षेत्रों से खरीदारों और पशु प्रेमियों को आकर्षित करता है।

धर्मशाला में अधूरी स्ट्रीट लाइट पर 30 लाख खर्च:फिर भी नहीं जगमगा रही सड़कें, 24.92 करोड़ में दिया था 7000 स्ट्रीट लाइट का ठेका

धर्मशाला में अधूरी स्ट्रीट लाइट पर 30 लाख खर्च:फिर भी नहीं जगमगा रही सड़कें, 24.92 करोड़ में दिया था 7000 स्ट्रीट लाइट का ठेका आठ साल पहले देश की पहली स्मार्ट सिटी बनने का तमगा पाने वाली धर्मशाला आज भी अधूरी स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और खराब रोशनी की समस्या से जूझ रही है। नगर निगम द्वारा अधूरी एलईडी स्ट्रीट लाइट परियोजना में करोड़ों रुपए खर्च किए जाने के बावजूद शहर की कई गलियां अभी भी अंधेरे में हैं। आरटीआई कार्यकर्ता कुलतार चंद गुलेरिया ने नगर निगम से प्राप्त जानकारी के आधार पर खुलासा किया कि एलईडी लाइट्स की मरम्मत पर करीब 30 लाख रुपए खर्च किए गए, जबकि इन लाइटों का इंस्टालेशन काम अभी भी पूरा नहीं हुआ है। चार साल पहले एचपीएल इलेक्ट्रिकल एंड पावर लिमिटेड को 24.92 करोड़ रुपए की लागत से 7000 एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने का ठेका दिया गया था। इस योजना के तहत 17 वार्डों में नई लाइटें लगाई जानी थीं और 2280 पुरानी लाइटें बदलनी थीं। इनमें से कई लाइटें सेंसर से लैस ‘स्मार्ट लाइट्स’ भी थीं। लेकिन फिलहाल नगर के अधिकांश हिस्से अभी भी अंधेरे में हैं। तय समय पर पूरा नहीं किया गया कार्य नगर निगम की 14 जुलाई 2023 की बैठक में ठेकेदार को काम पूरा करने के लिए आखिरी मौका दिया गया था, लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी कार्य अधूरा है। स्मार्ट सिटी के जीएम इंजीनियर विशाल चौधरी ने स्वीकार किया कि बारिश के कारण लगभग 30 प्रतिशत लाइटें खराब हो गई हैं। उन्होंने बताया कि अभी केवल पांच वार्डों की लाइट क्वालिटी की जांच की गई है। वहीं ठेकेदार कंपनी के मैनेजर पारस ने कहा, “हमने इंस्टालेशन पूरा कर दिया था, लेकिन पिछले दो साल से नगर निगम ने मेंटिनेंस कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं किया। अब कंपनी रिपेयर नहीं करेगी।” स्थानीय लोगों ने इस मामले को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि जहां लाइटें अभी तक नहीं लगी हैं, वहां मरम्मत पर लाखों रुपए खर्च करना स्पष्ट वित्तीय अनियमितता है। आरटीआई कार्यकर्ता कुलतार गुलेरिया ने सवाल उठाया कि, जब काम अधूरा था तो मरम्मत का भुगतान किस आधार पर किया गया? यह सार्वजनिक धन की सीधी बर्बादी है। नगर निगम ने मेंटिनेंस कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं किया : पारस वहीं ठेकेदार कंपनी के मैनेजर पारस का कहना है कि हमने इंस्टालेशन पूरा कर दिया था, लेकिन पिछले दो साल से नगर निगम ने मेंटिनेंस कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं किया। अब कंपनी रिपेयर नहीं करेगी।”स्थानीय लोगों में इस पूरे मामले को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि जहां लाइटें लगी ही नहीं हैं, वहां मरम्मत पर लाखों खर्च करना स्पष्ट वित्तीय अनियमितता है। आरटीआई कार्यकर्ता कुलतार गुलेरिया ने सवाल उठाया- जब काम अधूरा था तो मरम्मत का भुगतान किस आधार पर हुआ? यह सार्वजनिक धन की सीधी बर्बादी है।

ऊना में बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में किन्नौर ने जीती ट्रॉफी:अंडर-19 गर्ल्स टीम ने जीते 6 स्वर्ण, 1 रजत पदक भी किया अपने नाम

ऊना में बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में किन्नौर ने जीती ट्रॉफी:अंडर-19 गर्ल्स टीम ने जीते 6 स्वर्ण, 1 रजत पदक भी किया अपने नाम किन्नौर जिले की अंडर-19 गर्ल्स बॉक्सिंग टीम ने ऊना में आयोजित बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। टीम ने कुल छह स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर विजेता ट्रॉफी अपने नाम की। प्रतियोगिता में टीम की मुक्केबाजों ने दमदार खेल दिखाया। 45 किलोग्राम वर्ग में नेहा, 51 किलोग्राम में राधिका, 54 किलोग्राम में दृष्टिता, 60 किलोग्राम में रिया, 64 किलोग्राम में संजना और हार्शिता ने स्वर्ण पदक हासिल किए। वहीं, 80 किलोग्राम वर्ग में सोनिया ने रजत पदक जीता। किन्नौर ने कई बड़े जिलों को पीछे छोड़ा इस शानदार प्रदर्शन के साथ, किन्नौर जिले ने अन्य प्रतिस्पर्धी जिलों को पीछे छोड़ते हुए चैम्पियनशिप जीती और अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया। टीम की इस सफलता पर एडीपीओ पवन लोकटस, कोच ओपिंदर नेगी सहित अन्य प्रशिक्षकों को बधाई दी गई है।

हिमाचल शिक्षा बोर्ड ने परीक्षा पैटर्न बदला:10वीं-12वीं में A-B-C प्रश्नपत्रों का अंतर समाप्त, 20 प्रतिशत बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे

हिमाचल शिक्षा बोर्ड ने परीक्षा पैटर्न बदला:10वीं-12वीं में A-B-C प्रश्नपत्रों का अंतर समाप्त, 20 प्रतिशत बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे हिमाचल प्रदेश विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने विद्यार्थियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मार्च 2026 से कक्षा दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं में प्रश्न पत्रों की तीनों श्रृंखलाओं (ए, बी और सी) में अब समान प्रश्न होंगे। केवल प्रश्नों का क्रम बदला जाएगा, जिससे सभी विद्यार्थियों को समान अवसर मिल सकें। बोर्ड के अध्यक्ष डॉक्टर राजेश शर्मा ने बताया कि अभी तक तीनों श्रृंखलाओं में प्रश्न अलग-अलग होते थे, जिससे छात्रों को कई बार असमान स्तर की परीक्षा देनी पड़ती थी। उन्होंने कहा कि नई प्रणाली पारदर्शी और निष्पक्ष होगी, जिससे सभी विद्यार्थियों का मूल्यांकन समान रूप से किया जा सके। अगले साल से नया पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत बोर्ड ने एक और बड़ा बदलाव किया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रदेश के कक्षा चार से छह तक के विद्यार्थियों के लिए दिल्ली एनसीईआरटी द्वारा तैयार नया पाठ्यक्रम लागू होगा। इस नई व्यवस्था से छात्रों को पूरे देश में समान स्तर की शिक्षा प्राप्त होगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सभी पाठ्यपुस्तकें एनसीईआरटी, दिल्ली के साथ प्रकाशन अनुबंध के तहत ही मुद्रित और वितरित की जाएंगी। इससे गुणवत्ता और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।राज्य के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे नीट और जेईई के लिए तैयार करने के उद्देश्य से बोर्ड ने परीक्षा प्रणाली में एक और सुधार किया है। अब बोर्ड परीक्षाओं में बीस प्रतिशत प्रश्न वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पीय) होंगे और उनके उत्तर ओएमआर पत्रक में अंकित किए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय परीक्षा प्रारूप का अनुभव प्राप्त होगा। इन सभी सुधारों का उद्देश्य एक समान, निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था विकसित करना है, ताकि हिमाचल के विद्यार्थी राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकें। यह कदम शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, विश्वसनीय और विद्यार्थी-केंद्रित बनाएगा।

हिमाचल में लगेंगे 13000 मेगावाट के पावर प्रोजेक्ट:65 हजार करोड़ रुपये का निवेश, 4 सालों में पूरा करने का लक्ष्य

हिमाचल में लगेंगे 13000 मेगावाट के पावर प्रोजेक्ट:65 हजार करोड़ रुपये का निवेश, 4 सालों में पूरा करने का लक्ष्य हिमाचल प्रदेश में बिजली उत्पादन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) और हिमाचल सरकार मिलकर राज्य में 13 हजार मेगावाट क्षमता वाले पावर प्रोजेक्ट्स स्थापित करेंगे। इन परियोजनाओं पर अनुमानित 65 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। इससे राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ आर्थिक प्रगति को भी गति मिलेगी। बीबीएमबी के चेयरमैन इंजीनियर मनोज त्रिपाठी ने बताया कि इन परियोजनाओं का निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। हाल ही में बोर्ड की बैठक में परियोजनाओं के लिए एमओयू (समझौता ज्ञापन) का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। संयुक्त कमेटी निगरानी करेगी इसमें भागीदार राज्यों और बीबीएमबी के अधिकारियों की एक संयुक्त कमेटी भी बनाई गई है, जो इस परियोजना की निगरानी और दिशा तय करेगी। परियोजना के पहले चरण में भाखड़ा और पौंग में दो परियोजनाएं शामिल हैं। इन दोनों को मिलाकर 4300 मेगावाट की बिजली क्षमता विकसित की जाएगी। एमओयू पर हस्ताक्षर होते ही इन परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बननी शुरू हो जाएगी। त्रिपाठी ने बताया कि डीपीआर बनाने में लगभग 18 महीने का समय लगेगा। इसके बाद 5-6 महीनों में कार्य आवंटित करके निर्माण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, जिसे करीब 4 सालों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बीबीएमबी बोर्ड की अगली बैठक आगामी 31 अक्टूबर को प्रस्तावित है, जिसमें इन परियोजनाओं को अंतिम मंजूरी मिलने की संभावना है।