यमुनानगर में बडे़ धार्मिक उत्सव की तैयारी:श्रीकपालमोचन-श्री आदि बद्री मेला एक नवंबर से, 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना

यमुनानगर में बडे़ धार्मिक उत्सव की तैयारी:श्रीकपालमोचन-श्री आदि बद्री मेला एक नवंबर से, 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना हरियाणा में यमुनानगर जिले के व्यासपुर में स्थित पवित्र तीर्थस्थल कपालमोचन एक बार फिर धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव का केंद्र बनने को तैयार है। 1 से 5 नवंबर तक श्री कपालमोचन-श्री आदि बद्री मेला आयोजित होने जा रहा है। यह मेला हिंदू-सिख एकता का प्रतीक है। इस बार कपालमोचन सरोवर, ऋण मोचन सरोवर, और सूरजकुंड सरोवर में स्नान के लिए देशभर से 8 से 10 लाख श्रद्धालु जुटने की उम्मीद है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ सहित अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालु यहां स्नान कर पापों से मुक्ति और मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना करेंगे। यमुनानगर प्रशासन ने मेले को भव्य और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं, जिसमें तकनीकी नवाचार और बीमा कवरेज जैसे विशेष इंतजाम शामिल हैं। इंटरेक्टिव हिस्ट्री से दर्शाया जाएगा महत्त्व इस बार मेले में श्रद्धालुओं के अनुभव को और समृद्ध करने के लिए प्रशासन ने इंटरेक्टिव डिजिटल हिस्ट्री बोर्ड लगाने का फैसला किया है। ये बोर्ड मेले के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को आकर्षक और आधुनिक ढंग से प्रस्तुत करेंगे, जिससे श्रद्धालु कपाल मोचन की पौराणिक कथाओं और सांस्कृतिक विरासत से आसानी से परिचित हो सकेंगे। इसके साथ ही, प्रशासन ने श्रद्धालुओं और दुकानदारों की सुरक्षा के लिए व्यापक बीमा कवरेज की व्यवस्था की है। प्रतिदिन 2 लाख श्रद्धालुओं के लिए इंश्योरेंस पॉलिसी और दुकानदारों के लिए 1 लाख तक की कवरेज सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जा सके। 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से रखी जाएगी नजर एसडीएम जसपाल सिंह ने बताया कि सुरक्षा के लिए मेला क्षेत्र में 2,000 से अधिक पुलिसकर्मी और 4,000 से 5,000 सिविल कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। वहीं 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन की मदद से मेला क्षेत्र के हर कोने पर कड़ी नजर रखी जाएगी, ताकि कोई ब्लैक स्पॉट न रहे। सड़क यातायात को सुगम बनाने के लिए रणजीतपुर, लेडी-प्रताप नगर, व्यासपुर और साढौरा से कपालमोचन तक की सड़कों की मरम्मत का कार्य तेजी से चल रहा है। सरोवरों में जलभराव और सफाई का कार्य भी जोरों पर है, ताकि श्रद्धालुओं को स्नान के लिए स्वच्छ और पर्याप्त जल उपलब्ध हो। महिला घाटों की ऊंचाई बढ़ाई गई है, ताकि महिलाएं सुरक्षित और आरामदायक तरीके से स्नान कर सकें। सभी टेंडर प्रक्रियाएं हुई पूरी एसडीएम ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्री बद्रीनारायण और श्री केदारनाथ मंदिरों पर व्हीलचेयर और वॉलंटियर्स की व्यवस्था की जाएगी, जो विशेष रूप से बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए सहायक होगी। मेला क्षेत्र में 20 स्थायी शौचालय बनाए गए हैं, और हर साल 15-20 नए शौचालय जोड़े जा रहे हैं। अस्थायी शौचालयों और कैटरिंग सेवाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरोवरों पर स्थायी लाइटें और मेला ग्राउंड में अस्थायी लाइटें लगाई गई हैं। बिजली के खंभों और तारों की मरम्मत का कार्य भी तेजी से चल रहा है, ताकि रात के समय मेला क्षेत्र में पर्याप्त उजाला रहे। एसडीएम जसपाल सिंह ने बताया कि सभी तैयारियां एक सप्ताह के भीतर पूर्ण हो जाएंगी, और प्रशासन का लक्ष्य श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित और सुविधाजनक अनुभव प्रदान करना है। भगवान शंकर का हुआ था बह्मा कपाली दोष दूर गऊ बच्छा मंदिर के पुजारी सुभाष चंद शर्मा ने बताया कि, स्कंद महापुराण के अनुसार, कलयुग के प्रभाव से ब्रह्मा ने सरस्वती के प्रति अनुचित विचार रखे। सरस्वती ने भगवान शंकर से द्वैत-वन में शरण मांगी। शंकर ने ब्रह्मा का सिर काट दिया, जिससे उन्हें ब्रह्म हत्या का पाप और ब्रह्मा कपाली का चिह्न लगा। तीर्थों में स्नान-दान के बाद भी चिह्न नहीं हटा। शंकर पार्वती सहित सोमसर (कपाल मोचन) तीर्थ पहुंचे। यहां बछड़े ने ब्राह्मण की हत्या कर ब्रह्म हत्या का पाप लिया, लेकिन सोमसर तालाब में स्नान से वह और गोमाता पापमुक्त हो गए। पार्वती के कहने पर शंकर ने भी स्नान किया और ब्रह्मा कपाली दोष से मुक्त हुए। इसलिए यह तीर्थ कपाल मोचन कहलाया। कपालमोचन मेला सिख इतिहास के लिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि गुरु गोबिंद सिंह ने भंगानी की लड़ाई के बाद यहां 52 दिनों तक रुककर तपस्या की थी। उन्होंने सिख सैनिकों को सम्मानित करने के लिए यहीं से सिरोपा देने की परंपरा शुरू की और बाद में यहीं पर पहली बार गुरु नानक देव जी का जन्मोत्सव भी मनाया। यह स्थान सिखों और हिंदुओं दोनों के लिए एक पवित्र तीर्थ स्थल है। 100 से ज्यादा ग्रामीण सेवक सेवा में लगे हुए स्थानीय निवासी नवीन कुमार ने बताया कि करीब एक माह से मेले की तैयारियां चल रही हैं। तीन कस्बों के 100 से भी ज्यादा ग्रामीण सेवक सेवा में लगे हुए हैं। इस बार 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के यहां पर पहुंचने की उम्मीद है। धर्मशालाएं भी पूरी तरह से तैयार हैं। ग्रामीणों को भी इस मेले का बेसब्री से इंतजार रहता है, क्योंकि मेले में उन्हें रोजगार मिल जाता है।

पंजाब में दिवाली पर 13 जजों का तबादला:हाईकोर्ट ने जारी किए आदेश, 76 वकीलों को भी सीनियर एडवोकेट बनाया

पंजाब में दिवाली पर 13 जजों का तबादला:हाईकोर्ट ने जारी किए आदेश, 76 वकीलों को भी सीनियर एडवोकेट बनाया दिवाली के दिन पंजाब के 13 जजों का तबादला किया गया है। सोमवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इसको लेकर ऑर्डर जारी किया। इसमें जिला व सेशन जज, एडिशनल सेशन जज शामिल हैं। जल्दी ही सारे जज अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। जतिंदर कौर को अमृतसर का डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज लगाया गया है। इसके साथ अवतार सिंह को फाजिल्का से पटियाला भेजा गया है। इसके साथ हरियाणा में 29 जजों का भी तबादला किया गया है। इससे पहले 15 अप्रैल 2025 को पंजाब के 52 जिला एवं सेशन जजों का तबादला हुआ था। इसके अलावा हाईकोर्ट ने 76 एडवोकेट को दिवाली का तोहफा दिया है। उन्हें सीनियर एडवोकेट बनाया गया है। 13 जजों की लिस्ट… 76 वकील, जिन्हें सीनियर एडवोकेट बनाया गया…

पंजाब DIG संग पकड़ा बिचौलिया हॉकी का नेशनल प्लेयर:नवजोत सिद्धू के साथ काम कर चुका, पुलिस विभाग में हर काम करवाने का दावा

पंजाब DIG संग पकड़ा बिचौलिया हॉकी का नेशनल प्लेयर:नवजोत सिद्धू के साथ काम कर चुका, पुलिस विभाग में हर काम करवाने का दावा रिश्वत केस में पंजाब के DIG हरचरण सिंह भुल्लर के साथ उनके बिचौलिए कृष्नु शारदा को भी CBI ने गिरफ्तार किया है। दोनों को 31 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। कृष्नु हॉकी का नेशनल स्तर का खिलाड़ी रहा है। करीब 3 साल पहले हॉकी छोड़कर पुलिस अफसरों के लिए काम करना शुरू किया था। काम जैसा भी हो, उसके बाएं हाथ का खेल था। फिर भले FIR में नाम डलवाना या निकलवाना हो या जांच को प्रभावित करना हो, वह तरह की सेंटिंग करवा पाने का दावा करता था। उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कई बड़े अफसरों के साथ नेताओं के साथ भी फोटो हैं। जानकारी के मुताबिक कांग्रेस नेता नवजोत सिद्धू के साथ भी कृष्नु काम कर चुका है। उनके साथ कृष्नु ने फोटो भी शेयर किए हैं। 16 अक्टूबर को उसे स्क्रैप कारोबारी से 8 लाख रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। CBI उसे कभी भी दोबारा रिमांड पर लाकर पूछताछ कर सकती है। उससे पूछताछ के बाद कई और खुलासे होने की उम्मीद है। अब विस्तार से पढ़िए कौन है कृष्नु… कृष्नु की गिरफ्तार के बाद परिवार गायब
CBI ने जब से कृष्नु को गिरफ्तार किया है, तब से परिवार के सदस्य गायब हैं। उसके घर पर ताला लटक रहा है। उसके बारे में इलाके के लोग ज्यादा बात करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने बस इतना कहा कि पिछले 2 साल में उसका रुतबा काफी बड़ा था। वह पुलिस विभाग में हर तरह के काम करवा देने की बात कहता था। कई काम उसकी तरफ से करवाए भी गए थे। कृष्नु ने DIG भुल्लर को कारोबारी के बारे में जानकारी दी थी
CBI को शिकायत देने वाले फतेहगढ़ साहिब के मंडी गोबिंदगढ़ के आकाश बत्ता बताते हैं कि वह कृष्नु को पहले से जानते थे। कृष्नु को उनके खिलाफ सरहिंद पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के बारे में पता था। उसने ही DIG हरचरण सिंह को उसके बारे में जानकारी दी थी। आकाश ने बताया कि उसने ही हरचरण सिंह भुल्लर से उनकी बात भी करवाई थी। उन्होंने बताया कि कई ऐसे लोग उनसे संपर्क कर रहे हैं, जिनका वह शिकार रहे हैं।

लुधियाना में मां-बाप ने बच्ची को ठुकराया, अब पहुंची विदेश:6 महीने की मासूम सड़क किनारे मिली थी, अमेरिका के दंपती ने किया अडॉप्ट

लुधियाना में मां-बाप ने बच्ची को ठुकराया, अब पहुंची विदेश:6 महीने की मासूम सड़क किनारे मिली थी, अमेरिका के दंपती ने किया अडॉप्ट पंजाब के लुधियाना में मां-बाप ने बच्ची को सड़क पर लावारिस हाल में छोड़ा और भाग गए। लोगों को बच्ची मिली, कोई वारिस नहीं आया तो प्रशासन ने उसे लुधियाना के दोराहा स्थित हेवनली पैलेस में भेज दिया। 6 महीने की मासूम बच्ची वहां पर रोती रही और फिर उसे पता लग गया कि अब यही उसका ठिकाना है। बच्ची की किस्मत ऐसी निकली कि 1 साल बाद उसे अडॉप्ट करने अमेरिका का दंपती पहुंच गया। सारी लीगल फॉर्मेलिटीज पूरी करके अमेरिका का दंपती उसे हेवनली पैलेस से अमेरिका ले गया। बच्ची वहां पर पल-बढ़ रही है। जिला प्रशासन लगातार बच्ची के पालन पोषण का फीडबैक लगातार अमेरिकन एंबेसी के जरिए लेता है। CARA के जरिए किया अडॉप्ट
अमेरिका के दंपती के तीन बेटे हैं और वो बेटी चाहते थे। उन्होंने भारत सरकार की सेंट्रल अडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (CARA) की वेबसाइट के जरिए गर्ल चाइल्ड के लिए अप्लाई किया। CARA ने उन्हें लुधियाना के हेवनली पैलेस में पल रही डेढ़ साल बच्ची को देने की पेशकश की। अमेरिका का दंपती लुधियाना आया और उन्होंने बच्ची को देखा और अथॉरिटी के जरिए उसे अडॉप्ट कर दिया। नवंबर 2023 में मिली थी बच्ची, जून 2025 में विदेश पहुंच गई बच्ची लुधियाना प्रशासन की तरफ से बनाई गई बाल भलाई कमेटी को नवंबर 2023 में मिली थी। बच्ची का मेडिकल करवाने के बाद उसे हेवनली पैलेस प्रबंधन के हवाले कर दिया। एक साल सात महीने बच्ची हेवनली पैलेस में पली बढ़ी और जून 2025 में वो अमेरिका पहुंच गई। चार घरों को लक्ष्मी सौंप चुका है हेवनली पैलेस
लुधियाना का हेवनली पैलेस 2023 से अब तक चार घरों को लक्ष्मी (बेटियों) सौंप चुका है। यहां से बेटियां ले जाने वालों में अमेरिका के दंपती के अलावा पश्चिम बंगाल, अमृतसर और होशियारपुर के 3 परिवार भी शामिल हैं। प्रशासन इन सभी बच्चियों के पालन- पोषण पर लगातार नजर रख रहा है। चार और नवजात बच्चियां पल रहीं
हेवनली पैलेस में चार नवजात बच्चियां और पल रही हैं। ये सभी बच्चियां लुधियाना जिला बाल भलाई कमेटी के जरिए यहां पहुंची हैं। इन बच्चियों को भी अब किसी के घर की लक्ष्मी बनने का इंतजार है। इन सभी बच्चियों की उम्र छह माह के आसपास है। गवर्नर ने भी बच्चियों को गोद में उठाया था
कुछ दिन पहले पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया ने हेवनली पैलेस का दौरा किया तो उस समय उन्होंने इन बच्चियों को गोद में रखा था। बच्चियां गवर्नर की गोद में आने पर खुश हुईं तो वो भावुक हो गए थे और उन्होंने कहा था कि इन बच्चियों की किस्मत किसी अच्छी जगह पर पहुंचने की है। इसलिए इनके मां बाप ने इन्हें छोड़ा है। हर साल नवरात्र में कन्या पूजन समारोह होता है
हेवनली पैलेस के संस्थापक अनिल के मोंगा अमेरिका में रहते हैं और वो हर साल अप्रैल व अक्टूबर में आने वाले नवरात्रों में लुधियाना आते हैं और 9-9 दिन तक हेवनली पैलेस में दुर्गा पूजन करवाते हैं। इस दौरान यहां पल रही कन्याओं का पूजन करते हैं। अनिल के. मोंगा का कहना है कि उनका मकसद उन बच्चों को एक अच्छी जिंदगी देना है जिन्हें उनके मां-बाप त्याग देते हैं। 134 बच्चे पल रहे हैं यहां
हेवनली पैलेस में इस समय 134 बच्चे हैं। यहां रहने वाले बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य व अन्य सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की गई है। इस साल दो बच्चों को पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला में दाखिला मिला है। दोनों बीकॉम कर रहे हैं और उन्हें स्कॉलरशिप के आधार पर दाखिला मिला है।

पंजाब का ऐसा गांव, जहां इंटरनेट अब मुफ्त:लोग फोन सुनने ऊंची जगहों पर जाते थे, सरपंच ने बदली किस्मत; पासवर्ड दीवारों पर लिखे

पंजाब का ऐसा गांव, जहां इंटरनेट अब मुफ्त:लोग फोन सुनने ऊंची जगहों पर जाते थे, सरपंच ने बदली किस्मत; पासवर्ड दीवारों पर लिखे भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के नजदीक बसा पंजाब के पठानकोट का गांव रामकलवां कभी मोबाइल नेटवर्क के लिए तरसता था। लोगों को फोन पर बात करने के लिए खेतों या ऊंची जगहों पर जाना पड़ता था। लेकिन अब वही गांव मुफ्त वाई-फाई वाला गांव बन गया है। यहां पासवर्ड भी दीवारों पर लिखे। यह बदलाव गांव की महिला सरपंच सरोज कुमारी की सोच और मेहनत का नतीजा है। गांव में करीब 150 घर हैं। कैसे आया मुफ्त वाई-फाई का विचार
सरपंच सरोज कुमारी पहले शिक्षा विभाग में क्लर्क थीं और रिटायरमेंट के बाद गांव के विकास की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। उन्होंने बताया कि- हमारे गांव में नेटवर्क की बहुत बड़ी समस्या थी। बच्चों की ऑनलाइन क्लासें लगती थीं। लेकिन इंटरनेट नहीं चलता था। कोरोना काल में ये परेशानी और बढ़ गई। तब ही मन में विचार आया कि इसका स्थायी हल निकालना चाहिए। सरपंच बनने के बाद सरोज ने बीएसएनएल के अधिकारियों से बात की और ‘विद्या मित्रम स्कीम’ के तहत गांव में वाई-फाई लगवाने की पहल की। पंचायत के पैसों से हुआ खर्च
गांव में करीब 150 घर हैं। हर घर तक इंटरनेट पहुंचाने के लिए बीएसएनएल ने तीन कनेक्शन लगाए हैं। सरपंच बताती हैं वाई-फाई की पूरी लागत पंचायत की जमीन के ठेके से मिली आमदनी से दी जा रही है। पंचायत का पैसा गांव वालों का है, इसलिए उसी से गांव वालों को यह सुविधा दी गई। वाई-फाई से पढ़ाई करना आसान
रामकलवां के छात्र अब बिना किसी परेशानी के ऑनलाइन पढ़ाई कर पा रहे हैं। बच्ची अंजली कौर ने बताया कि पहले पढ़ाई करना मुश्किल था। अब वाई-फाई आने के बाद सब आसान हो गया है। उन्होंने कहा गांव की सरपंच सरकारी नौकरी से रिटायर हुई हैं, उनको पता आज के टाइम में पढ़ाई के लिए इंटरनेट छात्रों के लिए कितना जरुरी है पासवर्ड भी दीवारों पर लिखे
गांव के छात्र शुशांत ने कहा कि हमें अपने गांव पर गर्व है। आज पंजाब में हमारा गांव सबसे पहला है, जहां मुफ्त वाई-फाई है। पासवर्ड भी दीवारों पर लिखे हैं, ताकि कोई भी आसानी से कनेक्ट हो सके। उन्होंने कहा कि आज के समय में इंटरनेट कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के नजदीक होने के कारण यह अपने आप में एक बड़ा मुशाकिल काम था। बॉर्डर पर नेटवर्क देना थी बड़ी चुनौती
बीएसएनएल के डिप्टी जनरल मैनेजर बलबीर सिंह ने बताया कि यह गांव सीमा क्षेत्र में है। हमें सिग्नल की वॉल्यूम सीमित रखनी पड़ी ताकि नेटवर्क बॉर्डर पार न जाए। इसके बावजूद हमने पूरा सहयोग दिया। यह प्रोजेक्ट न सिर्फ पठानकोट बल्कि पूरे पंजाब का पहला सफल उदाहरण है। उन्होंने कहा कि बॉर्डर का इलाका होने के कारण हमें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा सरपंच सरोज कुमारी के इरादे पक्के थे। उन्होंने कहा इस प्रोजेक्ट को सफल बनाना ही है। अब दूसरों के लिए मिसाल बना यह गांव
अब यह गांव पंजाब का पहला ऐसा गांव बन गया है जो पूरी तरह मुफ्त वाईफाई से जुड़ा है। कई और सरपंच अब सरोज कुमारी से संपर्क कर इस मॉडल को अपने गांव में अपनाने की तैयारी कर रहे हैं। दुनिया में क्या चल रहा, नहीं चलता था पता
सरोज कुमारी ने कहा कि हम चाहते हैं कि हमारा गांव डिजिटल हो, बच्चे पढ़ाई में पीछे न रहें। अगर हर गांव ऐसा कदम उठाए तो पंजाब का हर कोना डिजिटल बन सकता है। सरोज कुमारी ने कहा आज का युग डिजिटल युग है। हमारे लोग पंजाब में रह कर भी दुनिया में क्या चल रहा है उससे अनजान थे।

चंडीगढ़ में चाकू से गला काटकर मां की हत्या:चिल्लाती रही, रुका नहीं बेटा; पंजाब यूनिवर्सिटी में तैनात, पत्नी अलग रह रही

चंडीगढ़ में चाकू से गला काटकर मां की हत्या:चिल्लाती रही, रुका नहीं बेटा; पंजाब यूनिवर्सिटी में तैनात, पत्नी अलग रह रही चंडीगढ़ में दीपावली (सोमवार) की सुबह एक महिला की हत्या कर दी गई। आरोप है कि उसके बेटे ने ही चाकू से गला काट कर हत्या की। पड़ोसियों को घर से महिला के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। पड़ोसी मौके पर पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था। लोगों ने दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन किसी ने गेट नहीं खोला। इसके बाद लोग छत से होकर घर में पहुंचे तो देखा कि वहां महिला का खून से लथपथ शव पड़ा था और आरोपी बेटा वहां से फरार हो चुका था। इसके बाद लोगों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी मानसिक तौर पर परेशान बताया गया है। पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह फरार हो गया था, जिसे सोनीपत से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। मृतका की पहचान सेक्टर-40 की निवासी सुशीला नेगी के रूप में हुई। वह मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के बरसो भटौली की रहने वाली थीं और कई साल से सेक्टर 40 में रह रही थीं। हत्या उसके छोटे बेटे रवि ने की है, जो पंजाब यूनिवर्सिटी का मुलाजिम है। आरोपी की पत्नी-बेटी अलग रहती हैं। छह माह पहले ही बेटा मां के पास रहने आया था। यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला… चाकू साथ ले गया आरोपी, पुलिस टीमों ने मौके से जुटाए साक्ष्य
चंडीगढ़ पुलिस की फॉरेंसिंक टीमों ने घटना स्थल के सैंपल लिए। आरोपी वारदात में प्रयोग किया गया चाकू भी अपने साथ ले गया। पुलिस ने इस मामले में टीमें गठित कर दी हैं। पुलिस का कहना है कि मृतका के बड़े बेटे और आरोपी रवि की पत्नी आदि से भी जानकारी ली जा रही है। अभी तक यह सामने नहीं आया है कि मां-बेटे में झगड़ा किस बात को लेकर हुआ। चंडीगढ़ से सेक्टर 39 प्रभारी राम दियाल के अनुसार आरोपी को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार कर लिया गया है। टीम उसे चंडीगढ़ ला रही है। इसके बाद उससे पूछताछ की जाएगी।

पंजाबी सिंगर कौर बी के VIDEO से छेड़छाड़:होटल रेड से भागते दिखाकर ट्रोलिंग; बोलीं- किसी की मौत तो छोड़ो बेशर्मों

पंजाबी सिंगर कौर बी के VIDEO से छेड़छाड़:होटल रेड से भागते दिखाकर ट्रोलिंग; बोलीं- किसी की मौत तो छोड़ो बेशर्मों पंजाबी सिंगर कौर बी के वीडियो से छेड़छाड़ हुई है। कुछ समय पहले वह गायक हंसराज हंस की पत्नी के भोग में शामिल हुई थीं, जबकि कुछ शरारती लोगों ने सोशल मीडिया ऐप टिक-टॉक पर उसे गलत जानकारी के साथ पेश कर उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने की कोशिश की है। अब सिंगर ने इसका जवाब देते हुए एक पोस्ट किया है। उन्होंने कहा कि पांच छह महीने से वह वीडियो को इग्नोर कर रहीं थी, लेकिन अब दोबारा से इसे किसी ने वायरल करना शुरू कर दिया है। खासकर वे लोग जो बाहर रहते हैं और टिक-टॉक प्रयोग करते हैं, वे इसके बारे में पूछ रहे है। जिस कारण मुझे आज यह पोस्ट डालनी पड़ी है। उन्होंने लिखा- किसी की मौत तो छोड़ो, बेशर्मों, आपके भी परिवार होंगे। वाहेगुरु करें किसी के भी परिवार पर इस तरह का समय न आए। 4 प्वाइंट में सिलसिलेवार रूप में जानें कौर बी का जवाब… भोग के वीडियो को बताया होटल में पुलिस रेड
दरअसल, पूर्व सांसद व सूफी गायक हंसराज हंस की पत्नी रेशम कौर का इस साल अप्रैल महीने में निधन हो गया था। जालंधर के पॉश एरिया मॉडल टाउन स्थित गुरुद्वारा साहिब में उनका भोग रखा गया था। उसमें कई सिंगर और कलाकार शामिल हुए थे। बी कौर भी उस भोग में शामिल होने पहुंची थीं। इस दौरान जब वह गुरुद्वारा साहिब से बाहर आईं तो उन्होंने मीडिया से बचने की कोशिश की, जैसा कई बार कलाकार करते हैं। इसी वीडियो को कुछ शरारती तत्वों ने गलत तरीके से पेश किया। उन्होंने उसमें आवाज जोड़कर यह झूठ फैला दिया कि पंजाब पुलिस ने एक होटल में छापा मारा था, जिसमें सिंगर व कुछ लोगों को पकड़ा गया। इस बारे में सिंगर हंसराज हंस के भाई परमजीत सिंह हंस ने एक वीडियो में पूरी सच्चाई बताई है। उन्होंने वीडियो में गलत जानकारी फैलाने वालों को लताड़ा है।

दिवाली पर पंजाब के 13 जजों का ट्रांसफर:जतिंदर कौर को अमृतसर का डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज लगाया, अवतार सिंह को पटियाला भेजा

दिवाली पर पंजाब के 13 जजों का ट्रांसफर:जतिंदर कौर को अमृतसर का डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज लगाया, अवतार सिंह को पटियाला भेजा दिवाली के दिन पंजाब के 13 जजों का तबादला किया गया है। सोमवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इसको लेकर ऑर्डर जारी किया। इसमें जिला व सेशन जज, एडिशनल सेशन जज शामिल हैं। जल्दी ही सारे जज अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। जतिंदर कौर को अमृतसर का डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज लगाया गया है। इसके साथ अवतार सिंह को फाजिल्का से पटियाला भेजा गया है। इसके साथ हरियाणा में 29 जजों का भी तबादला किया गया है। इससे पहले 15 अप्रैल 2025 को पंजाब के 52 जिला एवं सेशन जजों का तबादला हुआ था। 13 जजों की लिस्ट…

अमृतसर में बेटे-बहू ने बुजुर्ग को त्यागा:बेटियों ने की बीमार पिता की सेवा, अंतिम संस्कार में भी नहीं आया बेटा तो मुखाग्नि भी दी

अमृतसर में बेटे-बहू ने बुजुर्ग को त्यागा:बेटियों ने की बीमार पिता की सेवा, अंतिम संस्कार में भी नहीं आया बेटा तो मुखाग्नि भी दी रिश्तों की संवेदनशीलता और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर सवाल उठाता हुआ एक मार्मिक मामला अमृतसर के कोट खालसा से सामने आया है। यहां एक बुजुर्ग पिता को उनके ही बेटे और बहू ने करीब डेढ़ साल पहले घर से निकाल दिया था। तब बेटियों ने पिता की सेवा की। अंतिम संस्कार में बेटे की गैरहाजिरी में धार्मिक क्रिया भी बेटियों ने निभाई। यह घटना कोट खालसा में एक बुजुर्ग की है, जिसने अपना पूरा जीवन लगाकर बेटे-बेटियों को अपने पैरों पर खड़ा किया। बीमारी और अकेलेपन में जीवन गुजारने के बाद जब उनका निधन हुआ तो बेटे की गैरहाजिरी में दो बेटियों ने अपने पिता को अंतिम विदाई दी और चिता को अग्नि दी। यह दृश्य समाज की पारंपरिक मान्यताओं से अलग था, लेकिन साथ ही एक गहरी पीड़ा और जिम्मेदार रिश्तों की अनदेखी की गवाही भी दे रहा था। लंबे समय से बीमार थे पिता बताया गया कि बुजुर्ग की पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी थी। वह लंबे समय से बीमार थे। बेटियों और लोगों की मानें तो बेटा और बहू पिता की कोई सेवा नहीं करते थे। इतना ही नहीं, बेटियां जब जाती थीं, उनसे ठीक व्यवहार नहीं करते थे। करीब डेढ़ साल पहले जब पिता की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई तो दोनों ने उन्हें घर से निकाल दिया। ऐसे में बेटियां सहारा बनीं और उन्हें अपने पास रखा। बेटियों ने निभाया अंतिम फर्ज मृतक की बेटी वीणा ने बताया, “हमने डेढ़ साल तक पिता की सेवा की। वे रोज अपने बेटे को याद करते थे। कई बार फोन किया, लेकिन भाई ने एक बार भी हाल नहीं पूछा, न ही कोई जवाब दिया।” वीणा के अनुसार, “जब भी हम बहनें पिता से मिलने उनके घर जातीं, हमारी भाभी हमें दरवाजे से ही टका सा जवाब दे देती थीं, घर के अंदर तक नहीं आने देती थीं।” भाभी घर के अंदर तक नहीं आने देती थीं “अब जब वो दुनिया से चले गए, तो हमने ही उन्हें अग्नि दी, यही हमारा धर्म था।” दूसरी बेटी संगीता ने भी कहा कि पिता ने जीवन भर अपने बेटे के लिए सब कुछ किया, लेकिन अंत में बेटियां ही उनके साथ खड़ी रहीं। भाई ने कभी पिता की हालचाल तक नहीं पूछी। बेटा न फोन पर आया, न अंतिम संस्कार में स्थानीय निवासियों ने बताया कि बुजुर्ग व्यक्ति की तबीयत लंबे समय से खराब चल रही थी, लेकिन बेटे ने न तो उन्हें घर में रखा और न ही एक बार हाल चाल लेने आया। परिजनों के अनुसार, मृतक ने कई बार बेटे से संपर्क करने की कोशिश की, पर हर बार निराशा ही हाथ लगी। समाज के लिए चेतावनी बेटी ने कहा, “यह मामला केवल एक परिवार की कहानी नहीं है, बल्कि समाज के लिए एक गहरी चेतावनी भी है कि कैसे आधुनिक जीवनशैली और पारिवारिक कलह की वजह से बुजुर्ग उपेक्षित हो रहे हैं।” परंपरा के अनुसार बेटा अंतिम संस्कार करता है, लेकिन यहां बेटियों ने वो अधिकार निभाया जिसे निभाना उनका कर्तव्य भी था और प्यार भी। स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया स्थानीय निवासी हरभजन सिंह ने कहा, “हमने कभी नहीं सोचा था कि बेटियां वो काम करेंगी जो बेटे को करना चाहिए था। यह समाज के लिए शर्म की बात है कि बुजुर्ग को उनके अपने ही बेटा बेसहारा छोड़ दें।”