महिला स्टेनो कोर्ट की छठी मंजिल से कूदी, मौत:कानपुर में नाना बोले- धक्का देकर हत्या की, 4 महीने पहले नौकरी लगी थी

महिला स्टेनो कोर्ट की छठी मंजिल से कूदी, मौत:कानपुर में नाना बोले- धक्का देकर हत्या की, 4 महीने पहले नौकरी लगी थी कानपुर कोर्ट में छठी मंजिल से कूदकर महिला स्टेनो ने जान दे दी। महिला के गिरते ही कोर्ट परिसर में भगदड़ मच गई। पुलिसकर्मियों ने लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़ी महिला को अस्पताल पहुंचाया।जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि महिला किसी मामले की पैरवी को लेकर लंबे समय से परेशान चल रही थी। इसी के चलते उसने यह कदम उठाया। मृतका के नाना ने कोर्ट के कर्मचारियों पर हैरेसमेंट का आरोप लगाया। उनका कहना है कि 4 महीने पहले ही नातिन की नौकरी लगी थी। उसने अपनी मां को कॉल करके सब बताया था। नाना के मुताबिक, उनकी नातिन ने सुसाइड नहीं किया। छठी मंजिल से फेंककर उसकी हत्या की गई है। पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर जांच की। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया। पहले देखिए 3 तस्वीरें… अब पूरा मामला पढ़िए घाटमपुर के कोटरा मकरंदपुर निवासी नेहा संखवार (30) कानपुर के सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट में स्टेनो थी। नेहा बर्रा बाईपास स्थित शनिदेव मंदिर के पास किराए पर रहती थी। रोज की तरह शनिवार को भी वह कोर्ट में आई थी। दोपहर करीब 2.30 बजे कोर्ट की छठवीं मंजिल से कूदकर उसने जान दे दी। मामले की जानकारी मिलते ही कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। स्टेनो को उर्सला अस्पताल भेजा गया। सूचना पर कोतवाली थाने की पुलिस और फोरेंसिक टीम के साथ ही पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल, डीसीपी ईस्ट सत्यजीत गुप्ता मौके पर पहुंचे। घटनास्थल की जांच पड़ताल की। ‘मेरी नातिन कूदी नहीं, उसे फेका गया’
परिजनों में सबसे पहले युवती के नाना जय प्रकाश संखवार मौके पर पहुंचे। नाना ने बताया- मेरी नातिन नेहा ने हैरसमेंट के चलते ये कदम उठाया है। मेरी नातिन कूदी नहीं, उसे फेका गया है। हमें बताया कि एक्सीडेंट हुआ है, कोर्ट में कहां एक्सीडेंट हो जाएगा। हम उर्सला देखने आए तो यहां पर नातिन का शव मिला है। फिलहाल पूरे मामले में पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने जांच का आदेश दिया है। मौत की खबर सुनते ही मां बेहोश
नेहा के पिता गोविंद प्रसाद फतेहपुर में कानूनगो हैं। जबकि भाई भानु प्रताप दरोगा है। मौजूदा समय में भाई भानु की तैनाती इटावा में है। जबकि छोटी बहन निशा अभी तैयारी कर रही है। मामले की जानकारी मिलते ही कोहराम मच गया। जो जहां पर था वहां से कानपुर के लिए रवाना हो गया। मां मनोज बेटी की मौत की खबर सुनते ही बेहोश हो गईं। जबकि भाई भानु और बहन निशा भी रो-रो कर बेहाल हो गईं। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया- घटना की सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पहुंची, जांच-पड़ताल जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतका कानपुर की रहने वाली थी और सिविल जज (सीनियर डिवीजन) न्यायालय में स्टेनोग्राफर के पद पर कार्यरत थी। आज महिला ने छठी मंजिल पर जाकर छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौत हो गई। परिजन मौके पर पहुंच गए हैं। छलांग लगाने की घटना के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है, पुलिस द्वारा आवश्यक जांच-पड़ताल और कानूनी कार्रवाई की जा रही है। —————— ये खबर भी पढ़ें… सपा नेता की सगाई पर हंगामा, पद से हटाया:मेरठ में महिला बोली- 4 साल शोषण किया, अब छिपकर शादी कर रहा मेरठ में सपा युवजन सभा के जिलाध्यक्ष दीपक गिरी को पार्टी ने पद से हटा दिया। दीपक की दो दिन पहले यानी 15 अक्टूबर को कांग्रेस नेत्री पूनम पंडित के साथ सगाई हुई थी। दीपक ने सगाई की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया में पोस्ट की थी। पढे़ं पूरी खबर

बांके बिहारी का खजाना 54 साल बाद खोला गया:3 कलश और खाली बक्से मिले, दम घुटने से बाहर निकले पुजारी

बांके बिहारी का खजाना 54 साल बाद खोला गया:3 कलश और खाली बक्से मिले, दम घुटने से बाहर निकले पुजारी वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर का खजाना शनिवार को 54 साल बाद खोला गया। ये खजाना 160 साल पुराना है। अभी तक की सर्चिंग में टीम को 2 बक्से (एक लोहे और दूसरा लकड़ी का) और 3 कलश मिले हैं। लकड़ी के बक्से के अंदर ज्वेलरी के छोटे-बड़े कई खाली डिब्बे मिले। 4-5 ताले भी निकले हैं। बक्से में 2 फरवरी, 1970 का लिखा हुआ एक पत्र और एक चांदी का छोटा छत्र भी मिला। वहीं, खजाने तक पहुंचने के लिए गेट में एंट्री करने से पहले दिनेश गोस्वामी ने दीपक जलाया। अफसरों की मौजूदगी में दरवाजे को ग्राइंडर से काटा गया। इसके बाद खजाने की पहचान के लिए तय कमेटी के सारे मेंबर एक-एक करके अंदर गए। कमेटी में सिविल जज, सिटी मजिस्ट्रेट, एसपी सिटी, सीओ वृंदावन, सीओ सदर और चारों गोस्वामी शामिल रहे। सभी ने मास्क लगाकर एंट्री की। कमेटी के सदस्य दिनेश गोस्वामी ने बताया- अभी किसी को भी नहीं पता कि खजाने का असली दरवाजा कहां है? हमने सुना था कि दरवाजा फर्श के अंदर है। उसके ऊपर एक पत्थर रखा हुआ है। वो अभी किसी को नहीं मिला है। धूल से हमारी हालत खराब हो गई, इसलिए हम बाहर आ गए। अंदर इतनी ज्यादा मिट्टी है। जैसे किसी ने जानबूझकर भरा हो। पहले दिन की सर्चिंग पूरी होने के बाद सीओ सदर संदीप कुमार सिंह ने बताया- अंदर जो चीजें मिली हैं। उनकी लिस्टिंग कर ली गई है। अभी जो सामान जहां था, वहीं पर रखा हुआ है। खजाने के लिए दोबारा कब गेट खोला जाएगा, यह समिति की मीटिंग के बाद तय होगा। अब 3 तस्वीरें देखिए… गर्भगृह के पास बने जिस कमरे में खजाना रखा था, उसके अंदर सांप-बिच्छू होने की आशंका जताई गई थी। इसलिए वन विभाग की टीम स्नैक कैचर लेकर पहुंची थी। टीम की सर्चिंग के दौरान 2 सांप के बच्चे भी मिले। बांके बिहारी का खजाना खोलने का निर्णय 29 सितंबर को लिया गया था। 17 अक्टूबर को कमेटी के सचिव और डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने खजाना खोलने का आदेश जारी किया था। खजाना खोले जाने से जुड़े पल-पल अपडेट के लिए LIVE ब्लॉग से गुजर जाइए…