पंजाब सीएम भगवंत मान ने मोहाली में आयोजित एक प्रोग्राम में नवनियुक्त 916 कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र दिए। इस मौके पर उन्होंने विरोधी दलों को घेरते हुए कहा कि हमने चार साल में 63 हजार से अधिक नौकरियां दी हैं, लेकिन विरोधी इसमें भी ऐतराज उठाते हैं। खामियां निकालते हैं। वह आपका डोमेसाइल मांगते हैं। कहते हैं कि बाहरी लोगों को नौकरियां दी है। पहले वाली सरकारें तो बच्चों की स्कॉलरशिप के पैसे खा जाती थीं।
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की आदत होती है कमियां निकालने की, ऐसे में वे ऐसा करेंगे ही। लेकिन जो जिम्मेदारी आपको दी गई है, उसे पूरी तनदेही से पूरा करें।
नौकरी हासिल करने वाली युवती अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए।
8 पॉइंट में जानिए सीएम मान ने क्या कहा…
1. अब तक 63,943 नौकरियां दी
सीएम मान ने कहा कि अब 63,943 नौकरियां दे चुके हैं। कल को गिनती बढ़ेगी तो उतनी और जोड़ दी जाएंगी। 77वां संविधान का जन्मदिन 26 जनवरी को मनाया गया है। संविधान के अंदर जो हमें सारे हक दिए गए हैं, लेकिन बाहर हमें वे नहीं मिले हैं। उन हकों को छीना गया या उन पर डाका मारा गया।
देश की आजादी के लिए कितनी ही कुर्बानियां पंजाब से दी गईं। हमारे शहीदों ने कभी नहीं सोचा होगा कि अंग्रेजों के जाने के बाद अपने लोग उनसे भी ज्यादा धक्का करेंगे। भगत सिंह ने कहा था कि, मुझे यह चिंता नहीं है कि देश आजाद कब होगा, मुझे चिंता इस बात की है कि आजादी के बाद देश किन हाथों में जाएगा।
2. हमारे बाद आजाद हुए देश कहां से कहां पहुंच गए
सीएम ने कहा कि अपने देश के बाद आजाद हुए देश सिंगापुर और यूक्रेन कहां से कहां तक पहुंच गए, लेकिन हम अभी तक वहीं खड़े हैं। हमें शहीदों के सपनों का सेनानी बनना होगा। अपने यहां तो अभी तक सीवरेज के ढक्कन पूरे नहीं हो पाए हैं। सीएम ने विरोधियों से कहा कि इसलिए वे हमें अब गालियां निकालते फिरते हैं, क्योंकि हमने काम किए हैं।
3. समाज के लिए अपनना करियर छोड़ा
मैं भी आपमें से एक हूं। मुझे कलाकार के रूप में अगर मंजूर नहीं किया जाता, तो मैं भी रोजगार दफ्तरों के चक्कर काट रहा होता। मैं गरीबी की नहर से निकल गया, सारी दुनिया घूम ली। समाज ने मुझे बहुत कुछ दिया, लेकिन मन में आया कि समाज के लिए मैंने क्या किया। इसके लिए मैंने अपना करियर छोड़ दिया। इसका घरवालों ने विरोध भी किया। फिर शहीदों को देखा, जिन्होंने तो अपना जीवन तक न्योछावर कर दिया।
4. पहले की सरकार बच्चों की पढ़ाई खा गई
जालंधर में आज दस हजार एससी पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप जारी की गई। इससे पहले भी सरकारें बच्चों की पढ़ाई के पैसे खा गईं। उसके बाद नौकरियां और अपॉइंटमेंट भी खा जाती थीं। कितने चांस इन्हें हम देंगे। पहली बात पढ़ने का मौका दो, उसके बाद पढ़ाई के मुताबिक रोजगार दो। पहले आधे से अधिक लोग वे नौकरियां कर रहे थे, जो वे करना नहीं चाहते थे। अगर मनपसंद नौकरी मिल जाए तो आप शिद्दत से काम करेंगे। जिस कुर्सी पर आप बैठने लगे हो, उसकी आंखें सब कुछ दिखा देती हैं।
सीएम मान को सम्मानित करते हुए सेहत मंत्री व कृषि मंत्री
5. 10 लाख का बीमा, सारी बीमारियां शामिल
हमने दस लाख वाले बीमा योजना में कोई शर्त नहीं लगाई है। पहले पंखा, स्कूटर समेत कई शर्तें लगा दी जाती थीं। हमने सारे परिवारों को इस स्कीम में शामिल किया है। पेंशनर भी इसमें शामिल होंगे। एक साल में जितना पैसा खर्च होगा, उसके बाद नए साल में फिर दस लाख आ जाएंगे। सारी बीमारियां इसमें शामिल कर दी गई हैं।
6. पहले वाले तो मुझे रोज ही गालियां निकाले हैं
हमें डॉक्टर और नर्स रखने की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि हमने अस्पताल बनाए हैं। दस लाख की स्वास्थ्य बीमा योजना में फोर्टिस, मैक्स और अपोलो भी आते हैं। पहले भी स्कीमें थीं, लेकिन अस्पताल वाले ऐसे मरीजों को लेने से कतराते थे, क्योंकि उन्हें पैसे नहीं पहुंचते थे। इसी तरह स्कॉलरशिप में कॉलेज बच्चों को पढ़ाने से कतराते हैं, क्योंकि वहां भी पैसे नहीं पहुंचते। वे डीएमसी या रोल नंबर रोक लेते हैं।
आप अन्य राजनेताओं से पूछकर देख लेना कि डीएमसी क्या होता है, रोल नंबर क्या होता है। कभी रोका हो तो पता लगे। हम पहाड़ों वाले स्कूलों में पढ़े हैं, वहां कभी नहीं रोका गया। वह घर में ही आ जाता था। वे बापू-दादा की कमाई खाते हैं और गालियां हमें निकालते हैं।
7. जो खामियां निकातते, निकालने दो
इसमें मेरा क्या कसूर है। मैं पहले कौन सा कुछ था। अगर आप अच्छे निकल आते तो मुझे आने की क्या जरूरत थी। लेकिन वे ठीक नहीं निकले, इसलिए हमें आना पड़ा। अब जब ठीक कर रहे हैं तो कहते हैं ऐसा क्यों कर रहे हो। मैंने यहां राजनीतिक बातें नहीं करनी हैं, लेकिन इतना बताना चाहता हूं कि यहां अच्छा काम करो तो भी गालियां खानी पड़ेंगी और गलत काम करो तो भी। उन्होंने कभी यह नहीं बताया होगा कि बिजली फ्री हो गई, 17 टोल प्लाजा बंद कर दिए गए। कोई फौजी शहीद हो जाए तो एक करोड़ दिए जाते हैं।
यह भी नहीं बताते कि 63 हजार नौकरियां दे दी गई हैं। बल्कि आपका डेमोसाइल मांगते हैं और कहते हैं कि बाहर के लोगों को नौकरियां दे दी गईं। पंजाबियों को ही नौकरियां दी गई हैं। उन्हें लगता है कि सब उनके जैसे ही होंगे। इन्हें खामियां निकालनी हैं, निकालने दो।
8. कमी तो कुत्ते में निकाल दी
दस लाख के बीमे में भी कमियां निकालेंगे। एक आदमी के पास कुत्ता था, वह कुत्ता तैरता नहीं था बल्कि पानी में चल लेता था। उसका एक दोस्त था जो हर बात में कमियां निकालता था। सुखबीर बादल को लगा लो, कांग्रेसियों में एक-आधा लगा लो, बीजेपी वालों में भी। ये कमियां निकालने वाले हैं। कहते हैं बड़ी मुश्किल हो गई, यह किसी चीज की तारीफ नहीं करता।
अब कुत्ते में क्या कमी निकालेंगे। कहते हैं यह कुत्ता पानी में तैरता नहीं, चलता है। अब देखना क्या कमी निकालता है। जब कुत्ते को छप्पड़ के एक साइड से छोड़ा तो वह चलकर दूसरी साइड पहुंच गया। उससे पूछा कि अब बता क्या कमी है। कहता है, मुझे समझ आ गया, कुत्ते को तैरना नहीं आता। ऐसे में जिसने कमी निकालनी है, वह निकाल ही लेगा। लेकिन जो नौकरी आपको मिली है, उसे अच्छी तरह पूरा करें।
सीएम भगवंत मान नौकरी हासिल करने वालों को नियुक्ति पत्र देने के बाद संबोधित करते हुए।
जल्दी ही दह से आठ नए मेडिकल कॉलेज बनेंगे
इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने कहा कि आज जिन कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं, वे सभी स्वास्थ्य विभाग में जॉइन करेंगे। यह 75 साल में पहली बार हुआ है कि किसी मुख्यमंत्री ने चार साल में 64 हजार नौकरियां दी हैं।
उन्होंने सभी कर्मचारियों से कहा कि मरीज का इलाज करने से पहले उसका दर्द जरूर सुनें, इससे मरीज का आधा दर्द अपने आप कम हो जाता है। उन्होंने बताया कि जल्द ही पंजाब में छह से आठ मेडिकल कॉलेज बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री छह महीने के भीतर इनका नींव पत्थर रखेंगे।


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