यूपी विधानसभा में बजट सत्र का आज 5वां दिन है। राज्यपाल के अभिभाषण पर बोलते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने वंदेमातरम् का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सपा और कांग्रेस के सांसदों ने वंदे मातरम् का विरोध किया। लेकिन, वंदे मातरम् का कोई अपमान नहीं कर सकता है। ये हिंदुस्तान का खाएंगे, लेकिन वंदे मातरम् नहीं गाएंगे, जो व्यक्ति वंदे मातरम् का विरोध करता है उसे कान पकड़कर धक्के मारकर बाहर निकाल देना चाहिए। वंदे मातरम् का विरोध करने वालों की हिंदुस्तान में कोई जगह नहीं है। वह वहीं जाएं जहां इसका विरोध करने वाले मिले।
हालांकि इस दौरान कांग्रेस से विधायक आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि कांग्रेस वंदे मातरम् का समर्थन करती है। तो इस योगी आदित्यनाथ ने कहा- आपका धन्यवाद है।
सपा ने तो जन्माष्टमी पर भी लगाई रोक
सीएम योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा, माफियाओं की कब्र पर फतिहा पढ़ा जाता है। कौन लोग थे वो? राम मंदिर और काशी विश्वनाथ का विरोध किया जाता है। मथुरा-वृंदावन धाम के विकास का विरोध किया गया। तुष्टिकरण का मानसिकता किस हद तक है इसे आप समझ सकते हैं। जन्माष्टमी के पर्व पर रोक लगा दी गई। जेल में उसका मनाना बंद हो गया। समाजवादी पार्टी के दौरान यह रोक लगाई गई। एक ही तो पर्व था जो जेल में मनाया जाता था। कांवड़ यात्रा को रोका जाता है। इस यात्रा पर रोक लगाई गई थी। इस यात्रा में तो समाज का अंतिम व्यक्ति जाता था। लेकिन, इन्होंने उस पर रोक लगा दी। कहते थे दंगा हो जाएगा।
कांग्रेस ने तो सुप्रीम कोर्ट में कहा श्रीराम और श्रीकृष्ण तो मिथक थे। सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविड दाखिल कर दिया। समाजवादी पार्टी तो रामभक्तों पर गोलियां चलाती है…कोर्ट में अपने वकील खड़े कर देती है। याद रखना सनातन यात्रा को कोई कैद नहीं कर सकता। आज अयोध्या में श्रीराम का भव्य मंदिर बनकर खड़ा हो गया है।
काशी-मथुरा-अयोध्या को बताया राष्ट्रचेतना का केंद्र
पुर्नजागरण का मॉडल यही है। इसमें विरासत भी है विकास भी है। आस्था का यह जो पुर्नजागरण है यह यूपी से ही प्रारंभ हुआ है। यूपी भारत की आस्था का केंद्र है। यूपी को भारत की आस्था की आत्मा कहें तो यह कोई गलत नहीं है। अयोध्या, काशी, मथुरा, वृंदावन, चित्रकूट और नैमिषारण्य सिर्फ आस्था के केंद्र नहीं हैं यह राष्ट्रचेतना के केंद्र हैं।



