DGCA का सख्त रुख, इंडिगो की घरेलू उड़ानों में 10% कमी, समर शेड्यूल जारी

DGCA का सख्त रुख, इंडिगो की घरेलू उड़ानों में 10% कमी, समर शेड्यूल जारी

देश में घरेलू हवाई सेवाओं को लेकर इस बार नियामक का रुख पहले से ज्यादा सतर्क नजर आ रहा है। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने 29 मार्च से 24 अक्टूबर तक लागू होने वाले डोमेस्टिक समर फ्लाइट शेड्यूल को मंजूरी देते हुए एयरलाइंस की क्षमता और संसाधनों को प्राथमिकता दी है। इसी के चलते देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो को इस सीजन में अपनी उड़ानों की संख्या में कटौती करनी पड़ी है।

जानकारी के अनुसार, इंडिगो इस बार पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 10 प्रतिशत कम उड़ानों का संचालन करेगी। आंकड़ों पर नजर डालें तो 2025 के ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम में जहां हर सप्ताह लगभग 25,610 फ्लाइट्स ऑपरेट हो रही थीं, वहीं इस बार यह संख्या घटकर करीब 23,049 रह जाएगी। इसका मतलब है कि हर हफ्ते लगभग 2,561 उड़ानें कम होंगी।

दरअसल, यह फैसला अचानक नहीं लिया गया है। दिसंबर 2025 में इंडिगो को बड़े पैमाने पर परिचालन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा था, जिसके चलते हजारों फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ी थीं। इस दौरान यात्रियों को भारी असुविधा झेलनी पड़ी थी और एयरलाइन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे थे। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार DGCA और नागर विमानन मंत्रालय ने पहले से ही एहतियात बरतने का फैसला किया।

सूत्रों के मुताबिक, इस बार फ्लाइट शेड्यूल को मंजूरी देते समय यह सुनिश्चित किया गया कि एयरलाइंस के पास पर्याप्त विमान, प्रशिक्षित पायलट और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध हों। यानी जितनी क्षमता है, उसी के अनुरूप उड़ानों की अनुमति दी गई है, ताकि भविष्य में किसी तरह की अव्यवस्था या बड़े पैमाने पर रद्दीकरण की नौबत न आए।

हालांकि, राहत की बात यह है कि यह कटौती स्थायी नहीं है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि अगर आने वाले समय में एयरलाइंस अपनी क्षमता बढ़ाती हैं, जैसे नए विमान शामिल होते हैं या पायलटों की संख्या बढ़ती है तो उड़ानों की संख्या में इजाफा करने की अनुमति दी जा सकती है।

इंडिगो ने भी अपने ऑपरेशन्स को संतुलित तरीके से आगे बढ़ाने की योजना बनाई है। कंपनी अप्रैल महीने से रोजाना करीब 2,000 उड़ानों के साथ अपनी सेवाएं शुरू करने जा रही है। हालांकि फिलहाल उसे सीमित शेड्यूल के तहत ही काम करना होगा, लेकिन मांग और संसाधनों के अनुसार इसमें बदलाव संभव है।

कुल मिलाकर, इस बार का समर शेड्यूल यात्रियों की सुविधा के साथ-साथ संचालन की स्थिरता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि पिछले साल जैसी अव्यवस्था दोबारा देखने को न मिले।