हरियाणा में सत्ताधारी बीजेपी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने मंगलवार को राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनावों में एक-एक सीट पर जीत हासिल कर ली. इन चुनावों के दौरान वोट की गोपनीयता के उल्लंघन और क्रॉस-वोटिंग की शिकायत देखने को मिली. ये सीटें बीजेपी के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर बौद्ध ने जीतीं हैं. बीजेपी समर्थित इंडिपेंडेंट कैंडिडेट सतीश नांदल को हार का सामना करना पड़ा. मतदान के दौरान कुल 88 विधायकों ने वोट डाला. इंडियन नेशनल लोकदल के दो विधायक अर्जुन चौटाला और आदित्य देवीलाल वोटिंग से दूर रहे.
देर रात तक हुई वोटों की गिनती
हरियाणा की 90 सदस्यों वाली विधानसभा में बीजेपी के पास 48 सीटें हैं, कांग्रेस के पास 37 सीटें, इंडियन नेशनल लोकदल के पास दो सीटें और निर्दलीय उम्मीदवारों के पास तीन सीटें हैं. सोमवार शाम 4 बजे जब वोटों की गिनती पूरी हुई, तो दोनों पार्टियों के नेताओं ने अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत का दावा किया. हालांकि, भारत निर्वाचन आयोग से हरी झंडी मिलने के बाद राज्यसभा चुनाव के लिए हुई वोटिंग की काउंटिंग देर रात एक बजे तक हुई.
कांग्रेस विधायकों पर क्रॉस वोटिंग का अरोप
मुख्यमंत्री सैनी ने निर्दलीय उम्मीदवार द्वारा प्राप्त कुल वोट का हवाला देते हुए कहा कि नांदल कांग्रेस उम्मीदवार से मामूली अंतर से हार गए. सैनी ने दावा किया कि कांग्रेस के पांच विधायकों ने ‘क्रॉस-वोटिंग\\\\\\\’ की. उन्होंने बताया कि कांग्रेस के चार विधायकों के वोट अमान्य घोषित कर दिए गए.
मंत्री अनिल विज पर नियमों के उल्लंघन का आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि चुनाव की निष्पक्षता में दखल देने की कोशिशें की जा रही हैं. मामले की संवेदनशीलता का हवाला देते हुए, उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से अनुरोध किया कि नतीजों की घोषणा से पहले वे पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करें. हालांकि, भाजपा ने आरोप लगाया कि मतदान के दौरान कांग्रेस के दो विधायकों परमवीर सिंह और भारत सिंह बेनीवाल ने गोपनीयता का उल्लंघन किया. कांग्रेस ने परिवहन मंत्री अनिल विज पर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया.
कांग्रेस ने विधायकों को वोटिंग से पहले रिसॉर्ट्स में भेजा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिन का पहला वोट डाला. विधानसभा में विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि उनकी पार्टी के उम्मीदवार ने दो सीटों में से एक पर जीत हासिल की है. उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, \\\\\\\”यह हमारी जीत है.\\\\\\\” क्रॉस-वोटिंग के डर से, कांग्रेस पार्टी, जिसके 90-सदस्यीय सदन में 37 विधायक हैं, उन्होंने अपने विधायकों को हिमाचल प्रदेश के रिसॉर्ट्स और होटलों में भेज दिया. उनमें से छह विधायक निजी कारणों से हिमाचल नहीं गए. रविवार रात को कांग्रेस ने 31 विधायकों को शिमला से कसौली भेज दिया. पार्टी के महासचिव और हरियाणा के प्रभारी बी.के. हरिप्रसाद और रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा के साथ, सोमवार सुबह विधायकों को कड़ी सुरक्षा के बीच उनके होटल से सीधे चंडीगढ़ ले जाया गया.


