हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने शोध के क्षेत्र में लचीलापन बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब पार्ट टाइम पीएचडी को मंजूरी दे दी है, जिससे नौकरीपेशा और व्यस्त अभ्यर्थियों को भी उच्च शिक्षा जारी रखने का अवसर मिलेगा।
डीन ऑफ स्टडीज की ओर से इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं और इसे जल्द औपचारिक रूप से लागू किया जाएगा। इस पहल से उन विद्यार्थियों को राहत मिलेगी जो आर्थिक या पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण अब तक पीएचडी नहीं कर पा रहे थे।
नई व्यवस्था के तहत यदि कोई शोधार्थी फुल टाइम पीएचडी के दौरान नौकरी हासिल कर लेता है, तो उसे अपना शोध बीच में छोड़ने की जरूरत नहीं होगी। वह अपनी पढ़ाई को पार्ट टाइम मोड में बदलकर रिसर्च जारी रख सकेगा।
इस निर्णय को विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की बैठक में मंजूरी दी गई थी। कुलपति Professor Mahavir Singh ने बताया कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इसकी अंतिम अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।
इसी बीच विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र और सोशल वर्क विभाग के छात्रों ने कैंपस में रैली निकालकर स्थायी भवन और नियमित शिक्षकों की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि अस्थायी भवनों में चल रही कक्षाओं के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

