International Women’s Day 2026: जानिए इस साल की थीम और 8 मार्च के पीछे का इतिहास

International Women’s Day 2026: जानिए इस साल की थीम और 8 मार्च के पीछे का इतिहास

हर साल 8 मार्च को पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य महिलाओं के योगदान, उनकी उपलब्धियों और समाज में समान अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना होता है। साल 2026 में भी यह दिन रविवार को मनाया जाएगा। इस मौके पर लोग अपने जीवन की महिलाओं, मां, बहन, दोस्त या सहकर्मियों को सम्मान और शुभकामनाएं देते हैं।

क्यों मनाया जाता है 8 मार्च को महिला दिवस?
8 मार्च की तारीख के पीछे एक ऐतिहासिक घटना जुड़ी हुई है। दरअसल, 1917 में रूस की महिलाओं ने ‘ब्रेड एंड पीस’ यानी रोटी और शांति की मांग को लेकर बड़े स्तर पर हड़ताल की थी। इस आंदोलन के बाद वहां की सरकार को महिलाओं को वोट देने का अधिकार देना पड़ा। इसी घटना को ध्यान में रखते हुए ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाने की परंपरा शुरू हुई।

क्या है इस दिन का इतिहास?
महिला अधिकारों की लड़ाई की शुरुआत 20वीं सदी की शुरुआत में तेज हुई थी। 1908 में न्यूयॉर्क में करीब 15,000 महिलाओं ने काम के घंटे कम करने, बेहतर वेतन और मतदान के अधिकार की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। इसके बाद 1910 में कोपेनहेगन में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में जर्मन समाजवादी नेता क्लारा जेटकिन ने महिला दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा। इसके अगले ही साल 1911 में ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्जरलैंड जैसे देशों में पहली बार महिला दिवस मनाया गया।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 की थीम
हर साल महिला दिवस के लिए एक खास थीम तय की जाती है, जिसका उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए लोगों को प्रेरित करना होता है। साल 2026 के लिए चुनी गई थीम “दान से लाभ” है। इस थीम का संदेश यह है कि जब कोई व्यक्ति दूसरों की मदद करता है तो उसका फायदा सिर्फ जरूरतमंद को ही नहीं बल्कि मदद करने वाले को भी मिलता है। इसी सोच के साथ लोगों को जेंडर इक्वालिटी को बढ़ावा देने और महिलाओं के सशक्तिकरण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया जाता है।

यूएन ने कब दी आधिकारिक मान्यता?
संयुक्त राष्ट्र ने साल 1975 में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को आधिकारिक रूप से मान्यता दी थी। तभी से 8 मार्च को दुनियाभर में महिला अधिकारों, समानता और सम्मान के संदेश के साथ यह दिन मनाया जाता है।