इंडियन प्रीमियर लीग के इस मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने लखनऊ सुपरजायंट्स के खिलाफ अपना दबदबा जारी रखते हुए 6 विकेट से आसान जीत दर्ज की। इकाना स्टेडियम में खेले गए इस मैच में दिल्ली ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, जो पूरी तरह सही साबित हुआ। इस जीत के साथ ही दिल्ली ने लखनऊ के खिलाफ लगातार पांचवीं बार मुकाबला अपने नाम किया।
पहले बल्लेबाजी करते हुए लखनऊ की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और टीम कभी भी बड़ी साझेदारी नहीं बना सकी। 105 रन के स्कोर तक पहुंचते-पहुंचते लखनऊ ने अपने 6 अहम विकेट गंवा दिए थे, जिससे टीम बड़े स्कोर की ओर बढ़ती नहीं दिख रही थी। हालांकि, इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर मैदान में आए शाहबाज अहमद ने कुछ अहम रन जोड़कर टीम को संभाला और स्कोर को 141 तक पहुंचाया।
लखनऊ की ओर से अब्दुल समद ने 36 रन और मिचेल मार्श ने 35 रन की पारी खेली, लेकिन बाकी बल्लेबाज ज्यादा देर टिक नहीं सके। दिल्ली की गेंदबाजी बेहद प्रभावशाली रही, जिसमें थंगारसु नटराजन और लुंगी एनगिडी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3-3 विकेट झटके। कुलदीप यादव ने भी 2 विकेट लेकर टीम की पकड़ मजबूत की।
142 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत भी कुछ खास नहीं रही। पावरप्ले के दौरान ही टीम ने 4 विकेट गंवा दिए, जिससे मैच एक समय लखनऊ की ओर झुकता नजर आ रहा था। लेकिन इसके बाद मैच का टर्निंग पॉइंट आया, जब इम्पैक्ट प्लेयर समीर रिजवी क्रीज पर उतरे।
रिजवी ने ट्रिस्टन स्टब्स के साथ मिलकर पारी को संभाला और शानदार बल्लेबाजी करते हुए शतकीय साझेदारी कर डाली। दोनों बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया, जिससे लखनऊ के गेंदबाज पूरी तरह दबाव में आ गए। समीर रिजवी ने 70 रन की मैच जिताऊ पारी खेली और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। वहीं ट्रिस्टन स्टब्स ने 39 रन का अहम योगदान दिया। इस साझेदारी की बदौलत दिल्ली ने 17.1 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया और मैच को अपने नाम कर लिया।
लखनऊ की गेंदबाजी में प्रिंस यादव ने 2 विकेट लिए, जबकि मोहसिन खान और मोहम्मद शमी को 1-1 सफलता मिली, लेकिन वे टीम को जीत दिलाने में नाकाम रहे। इस जीत के साथ दिल्ली कैपिटल्स ने न सिर्फ दो महत्वपूर्ण अंक हासिल किए, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि लखनऊ के खिलाफ उनकी पकड़ लगातार मजबूत होती जा रही है। वहीं लखनऊ सुपरजायंट्स को इस हार से अपनी रणनीति और बल्लेबाजी क्रम पर दोबारा विचार करने की जरूरत होगी।




