केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने छात्रों से एलओसी (List of Candidates) के नाम पर अतिरिक्त फीस लेने वाले स्कूलों को कड़ी चेतावनी जारी की है। बोर्ड के संज्ञान में आया है कि कुछ संस्थान निर्धारित नियमों के विपरीत ट्यूशन फीस की मांग कर रहे हैं, जिसे पूरी तरह अवैध बताया गया है।
बोर्ड ने साफ किया है कि एलओसी जमा करने के पहले चरण में किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जा सकता। केवल वही परीक्षा फीस मान्य होगी, जो आधिकारिक सर्कुलर में पहले से निर्धारित की गई है। CBSE ने ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की बात कही है।
दरअसल, एलओसी प्रक्रिया का उद्देश्य केवल परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों का डेटा एकत्र करना है। विषय चयन के बाद ही छात्रों से तय शुल्क लिया जाएगा।
📚 छात्रों को मिलेगा दूसरा मौका
नई शिक्षा नीति राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत इस साल मई में दूसरी बोर्ड परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में छात्र अधिकतम तीन विषयों में अपने अंक सुधारने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
पहला चरण 31 मार्च तक पूरा हो चुका है, जबकि दूसरा चरण मुख्य परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद शुरू होगा। तीसरे चरण में लेट फीस के साथ आवेदन का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा।
📝 कौन दे सकता है परीक्षा?
इस विशेष परीक्षा में वही छात्र शामिल हो सकेंगे, जिन्होंने मुख्य परीक्षा में भाग लिया हो और कम से कम तीन विषयों की परीक्षा दी हो। तीन या उससे अधिक विषयों में फेल या अनुपस्थित रहने वाले छात्र इसके लिए पात्र नहीं होंगे।
कंपार्टमेंट वाले छात्रों को इस परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा, लेकिन एलओसी में नए छात्रों को शामिल करने की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई छात्र आवेदन के बाद परीक्षा नहीं देता है, तो उसका अंतिम परिणाम मुख्य परीक्षा के आधार पर ही जारी किया जाएगा।




