उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं.2027 में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की रणनीति पर काम कर रही है. इसी संदर्भ में माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार शाम संघ प्रमुख से मुलाकात कर सकते हैं.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को आयोजित सामाजिक सभा को संबोधित करते हुए हिंदू समाज को एकजुट और सशक्त बनाने का आह्वान किया. कार्यक्रम सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित हुआ, जहां बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और स्थानीय लोग मौजूद रहे.अपने संबोधन में भागवत ने कहा कि हिंदू समाज को किसी से खतरा नहीं है, लेकिन परिस्थितियों को देखते हुए सतर्क रहना आवश्यक है.
2027 से पहले यूपी में RSS एक्टिव
उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं और सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी (भारतीय जनता पार्टी) 2027 में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की रणनीति पर काम कर रही है. इसी संदर्भ में माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार शाम संघ प्रमुख से मुलाकात कर सकते हैं. हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
घटती आबादी और तीन बच्चों का सुझाव
भागवत ने हिंदू आबादी में कथित गिरावट पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि समाज को जनसंख्या संतुलन के प्रति सजग रहना चाहिए. उन्होंने सुझाव दिया कि हिंदू परिवारों को कम से कम तीन बच्चे पैदा करने पर विचार करना चाहिए, ताकि समाज की संख्या और शक्ति दोनों बनी रहे. उन्होंने यह भी कहा कि प्रलोभन या दबाव के आधार पर होने वाले धर्मांतरण को रोका जाना चाहिए और जो लोग किसी कारणवश धर्म से दूर हो गए हैं, उन्हें वापस लाने के प्रयास तेज किए जाने चाहिए.
घुसपैठ और राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा
अपने भाषण में संघ प्रमुख ने घुसपैठ के मुद्दे पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर भेजा जाना चाहिए और उन्हें रोजगार के अवसर नहीं दिए जाने चाहिए. भागवत ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक संतुलन से जुड़ा विषय बताया. उनके इस बयान को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर उस समय जब राज्य में चुनावी सरगर्मियां तेज होने लगी हैं.
लखनऊ विश्वविद्यालय में NSUI का ज्ञापन
उधर, लखनऊ विश्वविद्यालय में आज NSUI द्वारा मोहन भागवत को ज्ञापन सौंपे जाने की तैयारी है. बताया जा रहा है कि यह ज्ञापन UGC एक्ट बिल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चली कार्यवाही के बाद दिया जाएगा. छात्र संगठन इस मुद्दे पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराने की योजना बना रहा है. ऐसे में भागवत का दौरा राजनीतिक और शैक्षणिक दोनों दृष्टियों से अहम माना जा रहा है



