भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सख्त कदम उठाते हुए शिरपुर मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। इसके साथ ही बैंक ने 6 अप्रैल 2026 से अपना संचालन पूरी तरह बंद कर दिया है, जिससे ग्राहकों की जमा और निकासी से जुड़ी सभी सेवाएं रोक दी गई हैं।
RBI के अनुसार, बैंक की वित्तीय हालत लंबे समय से कमजोर बनी हुई थी। पर्याप्त पूंजी की कमी और भविष्य में मुनाफा कमाने की संभावना बेहद कम होने के चलते यह निर्णय लिया गया। केंद्रीय बैंक का कहना है कि ऐसी स्थिति में बैंक का संचालन जारी रखना ग्राहकों के हित में नहीं था। अब इस बैंक को बंद करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए सहकारिता आयुक्त और रजिस्ट्रार से बैंक के परिसमापन (Liquidation) का आदेश जारी करने और एक परिसमापक नियुक्त करने को कहा गया है, जो आगे की कार्रवाई संभालेगा।
ग्राहकों के पैसे को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है। जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (DICGC) के नियमों के तहत प्रत्येक जमाकर्ता को अधिकतम 5 लाख रुपये तक की राशि मिलने की गारंटी है। बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, करीब 99.7% ग्राहकों को उनकी पूरी जमा राशि वापस मिल जाएगी। दिलचस्प बात यह है कि 31 जनवरी 2026 तक DICGC पहले ही लगभग 48.95 करोड़ रुपये का भुगतान जमाकर्ताओं को कर चुका है, जिससे कई ग्राहकों को राहत मिल चुकी है।
RBI ने साफ कहा है कि बैंक अपनी मौजूदा स्थिति में ग्राहकों का पूरा भुगतान करने में सक्षम नहीं था, इसलिए यह कदम उठाना जरूरी हो गया था। अब बैंक किसी भी प्रकार की बैंकिंग गतिविधि जैसे जमा लेना या पैसे लौटाना नहीं कर सकेगा।




