T-20 वर्ल्ड कप 2026: भारत ने रचा इतिहास, न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरी बार बना चैंपियन

T-20 वर्ल्ड कप 2026: भारत ने रचा इतिहास, न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरी बार बना चैंपियन

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर शानदार जीत दर्ज की और तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया ने लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीतकर नया इतिहास भी रच दिया।

इस जीत के साथ भारतीय टीम ने टी-20 क्रिकेट में कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए। पहली बार किसी मेजबान देश ने टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता। इसके अलावा भारत लगातार दो बार यह टूर्नामेंट जीतने वाली पहली टीम बना। साथ ही टीम इंडिया तीन बार टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली दुनिया की पहली टीम भी बन गई। फाइनल मुकाबले की शुरुआत बेहद खास अंदाज में हुई। 2007 में भारत को पहला टी-20 वर्ल्ड कप जिताने वाले कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और 2024 में खिताब दिलाने वाले कप्तान रोहित शर्मा ट्रॉफी के साथ मैदान में आए, जिसके बाद मैच शुरू हुआ।

टॉस जीतकर न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, लेकिन भारतीय ओपनर्स ने शुरू से ही आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख बदल दिया। संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की जोड़ी ने पावरप्ले के 6 ओवर में बिना विकेट खोए 92 रन बना दिए, जो टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर है। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 98 रन की तेज साझेदारी की। अभिषेक शर्मा ने केवल 21 गेंदों में 52 रन की तूफानी पारी खेली। उन्हें रचिन रवींद्र ने कैच आउट कर पवेलियन भेजा। यह टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी भी बनी।

अभिषेक के आउट होने के बाद ईशान किशन क्रीज पर आए और उन्होंने संजू सैमसन के साथ मिलकर टीम की पारी को और मजबूत किया। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए सिर्फ 48 गेंदों में 105 रन जोड़े, जिससे भारतीय टीम का स्कोर 15 ओवर में ही 200 के पार पहुंच गया। एक समय ऐसा लग रहा था कि भारत 300 रन तक पहुंच सकता है, लेकिन 16वां ओवर लेकर आए जिमी नीशम ने मैच का रुख थोड़ा बदल दिया। उन्होंने उसी ओवर में संजू सैमसन (89 रन), ईशान किशन (54 रन) और कप्तान सूर्यकुमार यादव को आउट कर भारत की रफ्तार धीमी कर दी।

हालांकि आखिरी ओवर में शिवम दुबे ने तेज बल्लेबाजी करते हुए तीन चौके और दो छक्कों की मदद से 24 रन बटोर लिए। इसके साथ ही भारतीय टीम ने 20 ओवर में 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल के इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर है। 256 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम की शुरुआत खराब रही। टीम ने पावरप्ले के दौरान ही 52 रन के भीतर तीन अहम विकेट गंवा दिए। फिन एलन, रचिन रवींद्र और ग्लेन फिलिप्स जल्दी आउट होकर पवेलियन लौट गए।

हालांकि ओपनर टिम साइफर्ट ने एक छोर संभालते हुए 26 गेंदों में 52 रन की अर्धशतकीय पारी खेली। कप्तान मिचेल सैंटनर ने भी 43 रन बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाज टिक नहीं सके और पूरी टीम 19 ओवर में 159 रन पर ऑलआउट हो गई। फाइनल मुकाबले में शानदार गेंदबाजी करते हुए जसप्रीत बुमराह ने 15 रन देकर 4 विकेट झटके और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। वहीं पूरे टूर्नामेंट में पांच मैचों में तीन अर्धशतक के साथ 321 रन बनाने वाले संजू सैमसन को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार दिया गया।