T20 वर्ल्ड कप में किसका पलड़ा भारी? भारत-पाकिस्तान के आंकड़े बताते हैं पूरी कहानी

T20 वर्ल्ड कप में किसका पलड़ा भारी? भारत-पाकिस्तान के आंकड़े बताते हैं पूरी कहानी

आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप का 10वां एडिशन क्रिकेट फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा कर रहा है। भारत और श्रीलंका की मेजबानी में यह महाकुंभ 7 फरवरी से शुरू होकर 8 मार्च तक खेला जाएगा। इस बार खास बात यह है कि कई टीमें खुद को चैंपियन बनने का मजबूत दावेदार मान रही हैं, जिससे टूर्नामेंट और भी दिलचस्प हो गया है।


T20 वर्ल्ड कप में भारत बनाम पाकिस्तान: कौन आगे?

अगर अब तक खेले गए टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास पर नजर डालें, तो भारत का रिकॉर्ड पाकिस्तान के मुकाबले ज्यादा मजबूत दिखाई देता है।
साल 2007 से 2024 के बीच भारतीय टीम ने कुल 52 मुकाबले खेले हैं। इनमें से भारत ने 35 मैच जीते, 15 में उसे हार मिली, एक मैच टाई रहा और एक मुकाबले का कोई नतीजा नहीं निकला। इस दौरान भारत का जीत प्रतिशत 70.58 रहा, जो उसकी निरंतरता और मजबूती को दर्शाता है।

दूसरी ओर, पाकिस्तान ने इस अवधि में 51 टी20 वर्ल्ड कप मैच खेले। उसे 30 मुकाबलों में जीत मिली, जबकि 19 मैचों में हार का सामना करना पड़ा। पाकिस्तान के खाते में दो टाई मैच भी रहे। उसका जीत प्रतिशत 58.82 रहा, जो भारत से कम है।


पहले मैच से होगी वर्ल्ड कप की शुरुआत

टी20 वर्ल्ड कप 2026 की पहली गेंद 7 फरवरी को कोलंबो में फेंकी जाएगी। ओपनिंग मुकाबले में पाकिस्तान की टीम नीदरलैंड्स से भिड़ेगी। यह मैच सिन्हलीज स्पोर्ट्स क्लब के मैदान पर खेला जाएगा। पाकिस्तान की कोशिश होगी कि वह जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत करे।


भारत-पाकिस्तान मैच पर अब भी सस्पेंस

इस टूर्नामेंट का सबसे चर्चित मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी को ग्रुप ए में प्रस्तावित है। हालांकि, इस मैच को लेकर स्थिति अभी साफ नहीं है। पाकिस्तान की ओर से संकेत दिए गए हैं कि वह भारत के खिलाफ खेलने से पीछे हट सकता है।

अगर पाकिस्तान ऐसा करता है, तो नियमों के अनुसार उसे भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। मैच नहीं खेलने की स्थिति में पाकिस्तान को दो अंक गंवाने होंगे और उसका नेट रन रेट भी प्रभावित होगा। वहीं भारत को बिना खेले ही दो अंक मिलने की संभावना है, जिससे ग्रुप की गणित पूरी तरह बदल सकती है।


कुल मिलाकर, आंकड़े यही इशारा करते हैं कि टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत ने पाकिस्तान के मुकाबले ज्यादा प्रभावशाली प्रदर्शन किया है, लेकिन क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है—मैदान पर क्या होगा, यह वक्त ही बताएगा।