रूस-यूरोप बहस पर जयशंकर का तीखा जवाब, कहा- भारत की सुरक्षा पर चुप रहने वालों को नसीहत देने का अधिकार नहीं

रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर लंबे समय से भारत की आलोचना कर रहे यूरोपीय देशों को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक बार फिर कड़ा जवाब दिया है। फिनलैंड में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय संवाद कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों और राष्ट्रीय हितों के आधार पर फैसले लेता है। किसी भी देश को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि भारत अपनी जरूरतें कैसे पूरी करे। फिनलैंड में आयोजित ‘कुल्तारंता टॉक्स’ कार्यक्रम में वैश्विक राजनीति, ऊर्जा सुरक्षा और बदलते अंतरराष्ट्रीय समीकरणों पर चर्चा के दौरान जयशंकर ने यूरोप के उस…

भारत आएंगी ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर, कई वैश्विक मुद्दों पर होगी अहम चर्चा

भारत और ब्रिटेन के बीच लगातार मजबूत होते कूटनीतिक संबंधों के बीच ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर इस सप्ताह भारत के आधिकारिक दौरे पर पहुंचने वाली हैं। यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब दोनों देश व्यापार, निवेश, शिक्षा, रक्षा, तकनीक और वैश्विक सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा देने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। भारत आने से पहले यवेट कूपर का चीन दौरा भी प्रस्तावित है, जिसके बाद वह नई दिल्ली में भारतीय नेतृत्व के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लेंगी। ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल एवं विकास कार्यालय (Foreign,…

जम्मू-कश्मीर पर चीन-पाकिस्तान की टिप्पणी पर भारत सख्त, CPEC को लेकर भी जताई आपत्ति

जम्मू-कश्मीर पर चीन-पाकिस्तान के संयुक्त बयान को भारत ने किया खारिज, विदेश मंत्रालय ने दोहराया अपना स्पष्ट रुख भारत ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से जुड़े चीन और पाकिस्तान के हालिया संयुक्त बयान को स्पष्ट रूप से अस्वीकार करते हुए कहा है कि यह पूरी तरह भारत का आंतरिक मामला है। विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं तथा किसी भी अन्य देश को इन विषयों पर टिप्पणी करने या हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। यह प्रतिक्रिया उस समय सामने आई जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की चीन यात्रा के बाद…

पेशावर से अमेरिकी कॉन्सुलेट बंद करने का फैसला, सुरक्षा कारणों का हवाला

अमेरिका ने पाकिस्तान के पेशावर शहर में स्थित अपने महावाणिज्य दूतावास को बंद करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, यह फैसला अचानक नहीं लिया गया है, बल्कि इससे जुड़ी प्रक्रिया पर पिछले कुछ समय से विचार किया जा रहा था। दूतावास को बंद करने का काम चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा और पेशावर में मौजूद अमेरिकी राजनयिक जिम्मेदारियों को धीरे-धीरे इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास को स्थानांतरित किया जाएगा। अमेरिकी प्रशासन ने इस फैसले के पीछे सबसे प्रमुख कारण कर्मचारियों की सुरक्षा को बताया है। पेशावर और इसके आसपास का क्षेत्र लंबे…

दुश्मनी से दोस्ती तक: जब इतिहास ने बदला रुख और बदले रिश्तों के मायने

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में दोस्ती और दुश्मनी स्थायी नहीं होती। समय, परिस्थितियां, आर्थिक जरूरतें और बदलती रणनीतियां कई बार ऐसे देशों को भी करीब ला देती हैं, जो कभी एक-दूसरे के सबसे बड़े विरोधी हुआ करते थे। इतिहास गवाह है कि युद्ध, संघर्ष और कटु संबंधों से गुजरने वाले कई देशों ने बाद में बातचीत, सहयोग और कूटनीति का रास्ता अपनाया। हाल के वर्षों में भी कई वैश्विक घटनाक्रमों ने यह दिखाया है कि लंबे समय से चले आ रहे तनाव को बातचीत के जरिए कम किया जा सकता है। मध्य-पूर्व में संघर्ष विराम की कोशिशों से लेकर अलग-अलग देशों के…