दोआबा से पंजाब की सत्ता तक डेरा बल्लां का असर, बड़े नेताओं की यात्राओं ने बढ़ाई सियासी अहमियत
जालंधर। पंजाब की राजनीति में धार्मिक और सामाजिक संस्थानों का प्रभाव लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है, लेकिन जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लां की भूमिका अपने आप में अलग मानी जाती है। डेरा सीधे तौर पर चुनावी राजनीति से दूरी बनाए रखता है और किसी राजनीतिक दल या उम्मीदवार के पक्ष में सार्वजनिक अपील नहीं करता। इसके बावजूद पंजाब के प्रमुख राजनीतिक दलों के शीर्ष नेता समय-समय पर यहां पहुंचते रहे हैं। यही वजह है कि डेरा सचखंड बल्लां को दोआबा की राजनीति में एक महत्वपूर्ण सामाजिक केंद्र के रूप में देखा जाता है। डेरा बल्लां की राजनीतिक…
