रामपुर डिवीजन के लोक निर्माण विभाग (PWD) के ठेकेदारों को इस बार दिवाली से पहले भुगतान नहीं मिल पाया। करीब 13 करोड़ रुपए से अधिक के भुगतान बिल ट्रेजरी में अटके होने के कारण ठेकेदारों को मायूसी का सामना करना पड़ा। ठेकेदारों ने बताया कि वे लंबे समय से उम्मीद कर रहे थे कि सरकार दिवाली से पहले उनका भुगतान जारी कर देगी, जिससे वे अपने कामगारों को वेतन दे सकें। कई ठेकेदारों ने अपने मजदूरों से त्योहार से पहले भुगतान का वादा भी किया था। ठेकेदारों के अनुसार, यह पहली बार है जब दिवाली के अवसर पर भी उन्हें भुगतान नहीं हुआ है। ठेकेदार बोले- नेता सिर्फ बड़े-बड़े वादे करते ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि सरकार के प्रतिनिधि मंचों से बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। मुख्यमंत्री ने भी दिवाली से पहले ठेकेदारों के भुगतान का दावा किया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रामपुर डिवीजन के लगभग 50 से अधिक ठेकेदार इस स्थिति से प्रभावित हैं, जिनके अधीन करीब एक हजार से ज्यादा मजदूर कार्यरत हैं। …तो ठेकेदार कर देंगे सरकारी कार्यों से किनारा बुशहर ठेकेदार यूनियन के अध्यक्ष सुदेश कोशिश ने कहा कि दिवाली हिंदू समाज का एक प्रमुख त्योहार है, लेकिन सरकार ने ठेकेदारों और मजदूरों की उम्मीदों को पूरा नहीं किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति बनी रही तो भविष्य में ठेकेदार सरकारी कार्यों से किनारा कर सकते हैं।ॉ अधिशाषी अभियंता बोले- जल्द पैसा होगा जारी वहीं, लोक निर्माण विभाग रामपुर के अधिशाषी अभियंता शक्ति सिंह नेगी ने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग ने अधिकांश ठेकेदारों के टोकन काट दिए हैं और भुगतान प्रक्रिया ट्रेजरी में लंबित है। नेगी ने आश्वस्त किया कि जैसे ही ट्रेजरी से अनुमति मिलेगी, ठेकेदारों को भुगतान जारी कर दिया जाएगा। रामपुर डिवीजन के लोक निर्माण विभाग (PWD) के ठेकेदारों को इस बार दिवाली से पहले भुगतान नहीं मिल पाया। करीब 13 करोड़ रुपए से अधिक के भुगतान बिल ट्रेजरी में अटके होने के कारण ठेकेदारों को मायूसी का सामना करना पड़ा। ठेकेदारों ने बताया कि वे लंबे समय से उम्मीद कर रहे थे कि सरकार दिवाली से पहले उनका भुगतान जारी कर देगी, जिससे वे अपने कामगारों को वेतन दे सकें। कई ठेकेदारों ने अपने मजदूरों से त्योहार से पहले भुगतान का वादा भी किया था। ठेकेदारों के अनुसार, यह पहली बार है जब दिवाली के अवसर पर भी उन्हें भुगतान नहीं हुआ है। ठेकेदार बोले- नेता सिर्फ बड़े-बड़े वादे करते ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि सरकार के प्रतिनिधि मंचों से बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। मुख्यमंत्री ने भी दिवाली से पहले ठेकेदारों के भुगतान का दावा किया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रामपुर डिवीजन के लगभग 50 से अधिक ठेकेदार इस स्थिति से प्रभावित हैं, जिनके अधीन करीब एक हजार से ज्यादा मजदूर कार्यरत हैं। …तो ठेकेदार कर देंगे सरकारी कार्यों से किनारा बुशहर ठेकेदार यूनियन के अध्यक्ष सुदेश कोशिश ने कहा कि दिवाली हिंदू समाज का एक प्रमुख त्योहार है, लेकिन सरकार ने ठेकेदारों और मजदूरों की उम्मीदों को पूरा नहीं किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति बनी रही तो भविष्य में ठेकेदार सरकारी कार्यों से किनारा कर सकते हैं।ॉ अधिशाषी अभियंता बोले- जल्द पैसा होगा जारी वहीं, लोक निर्माण विभाग रामपुर के अधिशाषी अभियंता शक्ति सिंह नेगी ने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग ने अधिकांश ठेकेदारों के टोकन काट दिए हैं और भुगतान प्रक्रिया ट्रेजरी में लंबित है। नेगी ने आश्वस्त किया कि जैसे ही ट्रेजरी से अनुमति मिलेगी, ठेकेदारों को भुगतान जारी कर दिया जाएगा। हिमाचल | दैनिक भास्कर
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हिमाचल में कनाडा का महिला पैराग्लाइडर लापता:बीड़-बिलिंग से भरी थी उड़ान; त्रिउंड क्षेत्र में फंसे होने की आशंका, हेलिकॉप्टर से सर्च ऑपरेशन शुरू हिमाचल प्रदेश के धौलाधार की ऊंची चोटियों में कनाडा की एक महिला पैराग्लाइडर मेगन एलिजाबेथ रॉबर्ट्स लापता हो गई हैं। उन्होंने शनिवार सुबह करीब 9:45 बजे बीड़-बिलिंग से उड़ान भरी थी, जिसके बाद उनका अब तक कोई सुराग नहीं चल पाया। आशंका है कि वह धौलाधार पर्वत श्रृंखला के ऊपरी धर्मशाला या त्रिउंड क्षेत्र में फंसी हुई हैं। महिला के निर्धारित समय पर लैंडिंग न करने पर हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिला प्रशासन ने तत्काल खोज और बचाव अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकारी शिल्पी बेक्टा ने बीड़ पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन (BPA) को निजी हेलिकॉप्टर से सर्च ऑपरेशन चलाने के लिए बीड़-बिलिंग और धर्मशाला क्षेत्र में लैंडिंग की विशेष अनुमति दी है। गग्गल एयरपोर्ट को ईंधन भरने के निर्देश कांगड़ा हवाई अड्डा (गग्गल) के निदेशक को भी निर्देश दिए गए कि आवश्यकता पड़ने पर सर्च ऑपरेशन में लगे हेलिकॉप्टर को ईंधन भरने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पूरे ऑपरेशन का खर्च बीपीए द्वारा ही वहन किया जाएगा। स्थानीय पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन ने रविवार सुबह से निजी हेलिकॉप्टर के माध्यम से हवाई खोज-अभियान शुरू करने की योजना बनाई है। जमीनी स्तर पर स्थानीय प्रशासन, पहाड़ी बचाव दल, बीपीए सदस्य और पुलिस दल भी इस अभियान में शामिल होंगे। पायलटों को दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह बता दें कि यह पैराग्लाइडिंग क्षेत्र अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित है, जहां मौसम तेजी से बदलता है। इससे पर्यटकों के फंसने व रास्ता भटकने की संभावना रहती है। प्रशासन ने सभी पायलटों को स्थानीय निर्देशों और सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी है।
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