हिमाचल प्रदेश में आज से वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा। अधिक ऊंचाई वाले भागों में इसका असर तीन दिन नजर आएगा। आज अधिक ऊंचे और मैदानी इलाकों में हल्की बारिश व तूफान चल सकता है। मध्यम ऊंचाई वाले भागों में मौसम साफ रहेगा। मौसम विभाग ने आज चार जिले चंबा, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर में आंधी व तूफान चलने का यलो अलर्ट जारी किया है। किन्नौर, लाहौल स्पीति और चंबा के अधिक ऊंचे क्षेत्रों में हल्का हिमपात होने का पूर्वानुमान है। बारिश-बर्फबारी के बाद कम होगा तापमान मौसम में बदलाव के बाद तापमान में कमी आएगी। अभी अधिकतम और न्यूनतम तापमान दोनों ही सामान्य से ज्यादा है। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक और न्यूनतम तापमान नॉर्मल से 0.3 डिग्री ज्यादा है। ऊना का अधिकतम तापमान अभी 33.4 डिग्री ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश के बाद तापमान में कमी आएगी। अभी लाहौल स्पीति के कुकुमसैरी का न्यूनतम तापमान सबसे कम 1.2 डिग्री और ऊना का अधिकतम तापमान सबसे ज्यादा 33.4 डिग्री सेल्सियस है। शिमला से ठंडी हुई धर्मशाला-सोलन व हमीरपुर की रातें अभी तक शिमला से ज्यादा ठंडी रातें धर्मशाला, मनाली, पालमपुर, ऊना, हमीरपुर, सोलन में है। न्यूनतम तापमान में सामान्य की तुलना में सबसे 2.3 डिग्री का उछाल शिमला के तापमान में है, जबकि धर्मशाला, ऊना, पालमपुर, हमीरपुर और सोलन में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे गिर गया है। हिमाचल प्रदेश में आज से वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा। अधिक ऊंचाई वाले भागों में इसका असर तीन दिन नजर आएगा। आज अधिक ऊंचे और मैदानी इलाकों में हल्की बारिश व तूफान चल सकता है। मध्यम ऊंचाई वाले भागों में मौसम साफ रहेगा। मौसम विभाग ने आज चार जिले चंबा, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर में आंधी व तूफान चलने का यलो अलर्ट जारी किया है। किन्नौर, लाहौल स्पीति और चंबा के अधिक ऊंचे क्षेत्रों में हल्का हिमपात होने का पूर्वानुमान है। बारिश-बर्फबारी के बाद कम होगा तापमान मौसम में बदलाव के बाद तापमान में कमी आएगी। अभी अधिकतम और न्यूनतम तापमान दोनों ही सामान्य से ज्यादा है। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक और न्यूनतम तापमान नॉर्मल से 0.3 डिग्री ज्यादा है। ऊना का अधिकतम तापमान अभी 33.4 डिग्री ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश के बाद तापमान में कमी आएगी। अभी लाहौल स्पीति के कुकुमसैरी का न्यूनतम तापमान सबसे कम 1.2 डिग्री और ऊना का अधिकतम तापमान सबसे ज्यादा 33.4 डिग्री सेल्सियस है। शिमला से ठंडी हुई धर्मशाला-सोलन व हमीरपुर की रातें अभी तक शिमला से ज्यादा ठंडी रातें धर्मशाला, मनाली, पालमपुर, ऊना, हमीरपुर, सोलन में है। न्यूनतम तापमान में सामान्य की तुलना में सबसे 2.3 डिग्री का उछाल शिमला के तापमान में है, जबकि धर्मशाला, ऊना, पालमपुर, हमीरपुर और सोलन में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे गिर गया है। हिमाचल | दैनिक भास्कर
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हिमाचल में 21 अक्टूबर से बदलेगा मौसम:ऊंचे इलाकों में बर्फबारी के आसार, मैदानी क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप बढ़ा
हिमाचल में 21 अक्टूबर से बदलेगा मौसम:ऊंचे इलाकों में बर्फबारी के आसार, मैदानी क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप बढ़ा हिमाचल प्रदेश में बीते एक सप्ताह से मौसम पूरी तरह साफ बना हुआ है, जिसके कारण प्रदेश में सूखी ठंड का असर देखा जा रहा है। हालांकि मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 21 और 22 अक्टूबर को अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम करवट ले सकता है और बर्फबारी की संभावना है। वहीं प्रदेश के मैदानी इलाकों में रातें ठंडी हो रही हैं।
शिमला का न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.1 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 15 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं ऊना, हमीरपुर, मंडी और कांगड़ा जैसे मैदानी इलाकों का तापमान शिमला से कम रहा, जिससे वहां अधिक ठंड महसूस की गई। वहीं आज सुबह मंडी, बिलासपुर और हमीरपुर जिलों के कुछ क्षेत्रों में घना कोहरा छाया रहा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने इन तीनों जिलों के लिए कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया था। मैदानी इलाकों में रात के तापमान में गिरावट मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में मैदानी इलाकों में रात के तापमान में हल्की गिरावट आने की संभावना है, जबकि दिन का तापमान सामान्य बना रहेगा। वर्तमान में न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक चल रहा है। 21 और 22 अक्टूबर को बिगड़ेगा मौसम पहाड़ों से चलने वाली ठंडी हवाओं के कारण मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ रही है, और यह तब तक जारी रहेगी, जब तक पहाड़ों पर अच्छी बारिश या बर्फबारी नहीं होती। हालांकि, 21 और 22 अक्टूबर को किन्नौर, लाहौल-स्पीति और चंबा के अधिक ऊंचाई वाले कुछ क्षेत्रों में मौसम खराब हो सकता है और हल्का हिमपात होने की संभावना है। इस दौरान निचले और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम साफ बना रहेगा।
हिमाचल में हर्षोल्लास से मनाई जा रही दिवाली:8 से 10 बजे के बीच जलाए जाएंगे पटाखे; सीएम ने बालिका आश्रम में मनाया त्योहार
हिमाचल में हर्षोल्लास से मनाई जा रही दिवाली:8 से 10 बजे के बीच जलाए जाएंगे पटाखे; सीएम ने बालिका आश्रम में मनाया त्योहार हिमाचल में दिवाली को हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। लोगों ने बाजारों में जमकर पटाखों और मिठाइयों की खरीददारी की। एक दूसरे को दिवाली पर मिठाइयां बांट कर दीपो के इस पर्व की बधाईयां दी। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू और राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने भी प्रदेशवासियों को दिवाली के इस पर्व की शुभकामनाएं दी है। सीएम सुक्खू ने शिमला के समीप बालिका आश्रम का दौरा कर वहां रह रहे बच्चों के साथ दिवाली मनाई। उन्होंने आश्रम की बालिकाओं को दीपावली पर्व की शुभकामनाएं दीं और उनके सुखमय एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सीएम बोले- 27 साल तक सरकार पढ़ाई का पूरा खर्च उठा रही सीएम ने बालिकाओं को मिठाई और उपहार भी वितरित किए। इस दौरान सीएम ने कहा- प्रदेश सरकार ने अनाथ बच्चों की शिक्षा एवं देखभाल के लिए मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना शुरू की है। इसके अंतर्गत 27 वर्ष की आयु पूरा होने तक इन बच्चों की पढ़ाई समेत अन्य सभी खर्च को एक अभिभावक के रूप में सरकार पूरा कर रही है। रात 8 से 10 बजे के बीच जलेंगे पटाखे प्रदेश में लोग प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन के आदेशों की अनुपालना कर रहे हैं। प्रदूषण की समस्या को देखते हुए एनवायरमेंट, साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग ने दिन में पटाखे नहीं जलाने के निर्देश दे रखे हैं। प्रदेश में रात 8 बजे से 10 बजे तक ही पटाखे जलाए जा सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट के साल 2019 के आदेशानुसार, शाम 8 बजे से पहले और रात 10 बजे के बाद पटाखे जलाने की अनुमति नहीं है। डीसी शिमला ने सुरक्षित दिवाली मनाने की अपील की डीसी शिमला अनुपम कश्यप ने लोगों से सुरक्षित दिवाली मनाने, प्रशासन द्वारा जारी आदेशों की अनुपालना और ग्रीन पटाखे ही इस्तेमाल करने की अपील की है।
हिमाचल में लगेंगे 13000 मेगावाट के पावर प्रोजेक्ट:65 हजार करोड़ रुपये का निवेश, 4 सालों में पूरा करने का लक्ष्य
हिमाचल में लगेंगे 13000 मेगावाट के पावर प्रोजेक्ट:65 हजार करोड़ रुपये का निवेश, 4 सालों में पूरा करने का लक्ष्य हिमाचल प्रदेश में बिजली उत्पादन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) और हिमाचल सरकार मिलकर राज्य में 13 हजार मेगावाट क्षमता वाले पावर प्रोजेक्ट्स स्थापित करेंगे। इन परियोजनाओं पर अनुमानित 65 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। इससे राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ आर्थिक प्रगति को भी गति मिलेगी। बीबीएमबी के चेयरमैन इंजीनियर मनोज त्रिपाठी ने बताया कि इन परियोजनाओं का निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। हाल ही में बोर्ड की बैठक में परियोजनाओं के लिए एमओयू (समझौता ज्ञापन) का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। संयुक्त कमेटी निगरानी करेगी इसमें भागीदार राज्यों और बीबीएमबी के अधिकारियों की एक संयुक्त कमेटी भी बनाई गई है, जो इस परियोजना की निगरानी और दिशा तय करेगी। परियोजना के पहले चरण में भाखड़ा और पौंग में दो परियोजनाएं शामिल हैं। इन दोनों को मिलाकर 4300 मेगावाट की बिजली क्षमता विकसित की जाएगी। एमओयू पर हस्ताक्षर होते ही इन परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बननी शुरू हो जाएगी। त्रिपाठी ने बताया कि डीपीआर बनाने में लगभग 18 महीने का समय लगेगा। इसके बाद 5-6 महीनों में कार्य आवंटित करके निर्माण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, जिसे करीब 4 सालों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बीबीएमबी बोर्ड की अगली बैठक आगामी 31 अक्टूबर को प्रस्तावित है, जिसमें इन परियोजनाओं को अंतिम मंजूरी मिलने की संभावना है।
