हिमाचल प्रदेश के अधिक ऊंचे भागों में अगले कल मौसम खराब रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 21 व 22 अक्टूबर को चंबा, लाहौल स्पीति और किन्नौर जिला के कुछेक क्षेत्रों में हल्का हिमपात हो सकता है। प्रदेश के अन्य भागों में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। वहीं आज पूरे प्रदेश में धूप खिली रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार, अधिकांश शहरों का अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा चल रहा हैं। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 1.1 डिग्री ज्यादा और न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री अधिक चल रहा है। अगले कल अधिक ऊंचाई वाले भागों में बर्फबारी के बाद तापमान में हल्की गिरावट आएगी। शिमला से ठंडी हुई मैदानी इलाकों में रातें प्रदेश बीते तीन दिनों के दौरान शिमला की रातें गर्म और मैदानी इलाकों की रातें ठंडी हो रही है। शिमला का अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य की तुलना में 3.1 डिग्री चल रहा है। शिमला का अधिकतम 23.6 डिग्री और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस चल रहा है। इसके विपरीत ऊना, कांगड़ा, पालमपुर, मंडी, हमीरपुर और सोलन की रातें ठंडी हुई है। हमीरपुर का तापमान में सामान्य की तुलना में सबसे ज्यादा 2.1 डिग्री की गिरावट के बाद 12.4 डिग्री रह गया है। नाहन, पालमपुर, कांगड़ा, सोलन, मंडी में भी तापमान सामान्य से नीचे गिर चुका है। शिमला से ठंडे शहरों का तापमान प्रदेश के सबसे गर्म शहर माने जाने वाले ऊना का तापमान भी शिमला से कम यानी 13.6 डिग्री रह गया है। सोलन 10.4 डिग्री, पालमपुर 12, कांगड़ा 12.6, मनाली 6.8, मंडी 13.1 डिग्री, कुकुमसैरी 1.7 डिग्री और केलांग 1.2 डिग्री सेल्सियस रह गया है। हिमाचल प्रदेश के अधिक ऊंचे भागों में अगले कल मौसम खराब रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 21 व 22 अक्टूबर को चंबा, लाहौल स्पीति और किन्नौर जिला के कुछेक क्षेत्रों में हल्का हिमपात हो सकता है। प्रदेश के अन्य भागों में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। वहीं आज पूरे प्रदेश में धूप खिली रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार, अधिकांश शहरों का अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा चल रहा हैं। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 1.1 डिग्री ज्यादा और न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री अधिक चल रहा है। अगले कल अधिक ऊंचाई वाले भागों में बर्फबारी के बाद तापमान में हल्की गिरावट आएगी। शिमला से ठंडी हुई मैदानी इलाकों में रातें प्रदेश बीते तीन दिनों के दौरान शिमला की रातें गर्म और मैदानी इलाकों की रातें ठंडी हो रही है। शिमला का अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य की तुलना में 3.1 डिग्री चल रहा है। शिमला का अधिकतम 23.6 डिग्री और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस चल रहा है। इसके विपरीत ऊना, कांगड़ा, पालमपुर, मंडी, हमीरपुर और सोलन की रातें ठंडी हुई है। हमीरपुर का तापमान में सामान्य की तुलना में सबसे ज्यादा 2.1 डिग्री की गिरावट के बाद 12.4 डिग्री रह गया है। नाहन, पालमपुर, कांगड़ा, सोलन, मंडी में भी तापमान सामान्य से नीचे गिर चुका है। शिमला से ठंडे शहरों का तापमान प्रदेश के सबसे गर्म शहर माने जाने वाले ऊना का तापमान भी शिमला से कम यानी 13.6 डिग्री रह गया है। सोलन 10.4 डिग्री, पालमपुर 12, कांगड़ा 12.6, मनाली 6.8, मंडी 13.1 डिग्री, कुकुमसैरी 1.7 डिग्री और केलांग 1.2 डिग्री सेल्सियस रह गया है। हिमाचल | दैनिक भास्कर
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हिमाचल के DC नहीं मानते हाईकोर्ट-सरकार के ऑर्डर:पंचायतों में नहीं लगाया रिजर्वेशन रोस्टर; 25 सितंबर तक लगाना था, इलेक्शन पर संशय
हिमाचल के DC नहीं मानते हाईकोर्ट-सरकार के ऑर्डर:पंचायतों में नहीं लगाया रिजर्वेशन रोस्टर; 25 सितंबर तक लगाना था, इलेक्शन पर संशय हिमाचल सरकार और सभी जिलों के DC हाईकोर्ट के आदेशों की अवमानना कर रहे हैं। पंचायतीराज विभाग के सेक्रेटरी के आदेशों के बावजूद पंचायत चुनाव के लिए किसी भी DC ने अब तक आरक्षण रोस्टर नहीं लगाया, जबकि आरक्षण रोस्टर 25 सितंबर तक हर हाल में लगना जरूरी था। हिमाचल हाईकोर्ट ने मनीष धर्मेक बनाम स्टेट केस में साल 2020 में पंचायत और नगर निकाय चुनाव के लिए आरक्षण रोस्टर कमेंसमेंट ऑफ इलेक्शन प्रोसेस से 90 दिन पहले लगाने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने कहा- चुनाव प्रोसेस होने से तीन महीने पहले आरक्षण रोस्टर लगाया जाए, ताकि किसी व्यक्ति को यदि आरक्षण रोस्टर पर आपत्ति है और वह उसे कोर्ट में चुनौती देना चाहता है, इससे व्यक्ति आरक्षण रोस्टर के खिलाफ अदालत में अपील कर सकेगा। कोर्ट को भी आरक्षण रोस्टर पर मिलने वाली अपील के निपटारे के लिए वक्त मिलेगा। यदि आरक्षण रोस्टर देरी से लगेगा और इधर इलेक्शन कमीशन चुनाव की तिथियां घोषित कर दी गई तो अपीलकर्ता से आरक्षण रोस्टर को चुनौती देने का अधिकार छिन जाएगा या फिर इससे इलेक्शन में देरी होगी। 25 सितंबर को लगना जरूरी थी आरक्षण रोस्टर हिमाचल में साल 2020 में पंचायतों की पहली मीटिंग 1 फरवरी 2021 को हुई। लगभग 35 दिन का वक्त चुनावी प्रक्रिया संपन्न करने में लगा। इस लिहाज से तीन महीने पहले यानी 25 सितंबर को हर हाल में आरक्षण रोस्टर लगाना जरूरी था। सेक्रेटरी पंचायतीराज ने भी 15 सितंबर को अपने आदेशों को हाईकोर्ट का जिक्र करते हुए सभी जिलों के DC को पत्र लिखा। इसमें 25 सितंबर तक प्रधान, वार्ड मेंबर, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के लिए आरक्षण रोस्टर लगाने के निर्देश दिए। पंचायत सेक्रेटरी द्वारा तय तिथि से लगभग 28 दिन अधिक हो गए। मगर अब तक रोस्टर नहीं लग पाया। पंचायत में उप प्रधान ऐसा पद होता है जिसके लिए आरक्षण रोस्टर नहीं लगता। BJP बार बार सरकार को घेरती रही आरक्षण रोस्टर में देरी पर भारतीय जनता पार्टी बार बार सत्तारूढ़ कांग्रेस को घेरती रही है। बीजेपी का आरोप है कि चुनाव में हार के डर से कांग्रेस सरकार चुनाव नहीं कराना चाह रही। सीएम-मंत्री के दावे भी अब तक झूठे वहीं सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू और पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह भी कई बार कह चुके हैं कि चुनाव तय समय पर होंगे। मगर अब तक आरक्षण रोस्टर नहीं लगाया जा सका। इससे चुनाव समय पर होंगे, इस पर संशय बना हुआ है। अपील के निपटारे को वक्त मिलेगा मनीष धर्मेक बनाम स्टेट केस में हाईकोर्ट ने कहा- चुनाव प्रोसेस होने से तीन महीने पहले आरक्षण रोस्टर लगना चाहिए, ताकि यदि किसी व्यक्ति को आरक्षण रोस्टर पर आपत्ति है और वह उसे कोर्ट में चुनौती देना चाहता है, तो 90 दिन का वक्त होने से व्यक्ति ऐसा कर पाएगा। कोर्ट को भी आरक्षण रोस्टर पर मिलने वाली अपील के निपटारे को वक्त मिलेगा। दिसंबर-जनवरी में प्रस्तावित चुनाव हिमाचल में 3577 पंचायतें है। इनमें इसी साल दिसंबर में चुनाव होने हैं। मौजूदा प्रतिनिधियों का कार्यकाल 23 जनवरी 2026 को पूरा हो रहा है। स्टेट इलेक्शन कमीशन को 23 जनवरी से पहले चुनाव कराना संवैधानिक बाध्यता है। इलेक्शन कमीशन दिसंबर में ही वोटिंग करवाना चाह रहा है, क्योंकि जनवरी में शिमला, मंडी, लाहौल स्पीति, किन्नौर, कांगड़ा, कुल्लू और सिरमौर जिला के कई भागों में भारी बर्फबारी होती है। बर्फबारी में चुनाव करा पाना टेडी खीर साबित हो सकता है।

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