अंगूर के पीछे छिपा खतरा! कहीं आप भी तो नहीं खा रहे केमिकल से भरे फल?

अंगूर के पीछे छिपा खतरा! कहीं आप भी तो नहीं खा रहे केमिकल से भरे फल?

बाजार में सजे ताजे, बड़े और चमकदार अंगूर देखकर अक्सर हम उन्हें बिना ज्यादा सोचे खरीद लेते हैं। आमतौर पर माना जाता है कि फल हमेशा सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं, लेकिन आजकल खेती में बढ़ते रसायनों के इस्तेमाल ने इस धारणा को बदलना शुरू कर दिया है। दिखने में आकर्षक ये अंगूर कई बार अंदर से सुरक्षित नहीं होते।

विशेषज्ञों का कहना है कि अंगूरों को लंबे समय तक ताजा बनाए रखने और जल्दी खराब होने से बचाने के लिए कई तरह के केमिकल्स का उपयोग किया जाता है। इनमें मैनकोजेब, साइपरमेथ्रिन जैसे कीटनाशक और सल्फर डाइऑक्साइड गैस शामिल हो सकती है। इनका असर धीरे-धीरे शरीर पर पड़ता है और बिना ठीक से साफ किए इन्हें खाना नुकसानदेह हो सकता है।

ऐसे पहचानें केमिकल वाले अंगूर
अगर आप यह जानना चाहते हैं कि अंगूर सुरक्षित हैं या नहीं, तो कुछ आसान संकेतों पर ध्यान दें।

  • अंगूर का डंठल देखें: अगर वह हरा और ताजा है, तो अंगूर अपेक्षाकृत सुरक्षित हो सकते हैं। लेकिन सूखा या मुरझाया डंठल केमिकल के इस्तेमाल का संकेत हो सकता है।
  • अंगूर की सतह पर ध्यान दें: अगर उस पर मोटी सफेद परत जमी हो या छूने पर खुरदरापन महसूस हो, तो यह रसायनों की मौजूदगी का इशारा हो सकता है।

सिर्फ पानी से धोना नहीं है काफी
अधिकतर लोग फल को सिर्फ पानी से धोकर खा लेते हैं, लेकिन अंगूर के मामले में यह तरीका पर्याप्त नहीं है। केमिकल को हटाने के लिए खास सफाई जरूरी है।

अंगूर साफ करने का सही तरीका
घर लाने के बाद अंगूरों को बेकिंग सोडा मिले पानी में करीब 15 मिनट तक भिगोकर रखें। इसके बाद साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। इस प्रक्रिया से अंगूर पर जमी केमिकल की परत काफी हद तक हट जाती है और वे खाने के लिए सुरक्षित बनते हैं।

सावधानी ही बचाव है
फल भले ही सेहत के लिए जरूरी हों, लेकिन सही जानकारी और सावधानी के बिना वही फल नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए अगली बार अंगूर खरीदते समय सिर्फ उनकी चमक पर नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता पर भी ध्यान जरूर दें।